Category: आशुतोष तिवारी

प्रधानमन्त्री जी ! क्या लोकतंत्र की संस्थाओं को सोच –समझकर कमजोर किया जा रहा है ?

by — आशुतोष तिवारी प्रधानमंत्री जी ! आपकी सरकार अपने जीवन के ढाई साल जी चुकी है | इन ढाई...

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गुजरात से शुरू हुआ दलित आंदोलन भगवा राजनीति के लिए कफ़न साबित होगा !!

1 अगस्त के इंडियन एक्सप्रेस का पहला पन्ना चौंकाता है | बड़े से एक चित्र में लोगों का हुजूम किसी...

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यह चुनाव मुख्य्मंत्री चुनने के लिए नहीं आपके इलाके का सांसद चुनने के लिए हो रहा है |

राजनीति विज्ञान की एक जानीमानी कहावत है कि राजनीति हर उस क्षण की पैदाइश है जिस क्षण वह हो रही होती...

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बटला हॉउस मामले पर होने वाली बयानबाजियों ने कुछ सवालों का सचमुच एनकाउंटर किया है |

मोदी सरकार ने खुद के दो साल पूरे कर लिए हैं | हिंदी की खबरिया दुनिया ‘बदलाव के इन...

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