Category: सामाजिक

परंपरा और आधुनिकता की ‘जंग’ बना सबरीमला विवाद थम क्यों नहीं रहा: नज़रिया

by: श्याम कृष्ण कुमार सबरीमला मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले को महिलावादी समूहों ने अपनी बड़ी...

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धर्म परिवर्तन और जय भीम के नारे नहीं बन सकते 21वीं सदी में सामाजिक-राजनैतिक परिवर्तन के हथियार

शमशाद इलाही शम्स मेरे कदीमी क़स्बा मवाना (जिला मेरठ-उत्तर प्रदेश) के नज़दीक एक गाँव है नंगला हरेरू।...

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चतुर्वेदी या कोई गैंग भी हो सकता हे फसेबूक की जोया मंसूरी जैसी लड़कियों के पीछे!

सिकंदर हयात आने वाले समय में साफ दिख रहा हे की प्रिंट मिडिया और टेलविजन के पाठक दर्शक कम होंगे...

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