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नागरिकता कानून और एनआरसी प्रक्रिया के मतलब क्या है!

by– गुरदीप सिंह सप्पल आसाम में एनआरसी के तहत १९ लाख नागरिकों को संदिग्ध नागरिक माना है। संविधान के अनुसार उनके जो नागरिक अधिकार मिल सकते हैं उनको ख़तम करने का प्रावधान है और इन संदिग्ध नागरिकों के अधिकार खत्म हो गये हैं। जो भी नागरिकता खोएगा, उससे और उसके परिवार से बैंक सुविधा, प्रॉपर्टी के अधिकार, सरकारी नौकरी के अधिकार, सरकारी योजनाओं के फ़ायदे के अधिकार, वोट के अधिकार, चुनाव लड़ने के अधिकार नहीं होंगे। आसाम में १९ लाख नागरिकों में ५ लाख मुसलमान है और १४ लाख ग़ैर मुस्लिम हैं। इन १९ लाख में से लाखों नागरिकों...

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‘एनआरसी ( NRC)हमारी बहुत बड़ी गलती है!

by — गुवाहाटी से दीपक असीम, संजय वर्मा जिस आदमी ने अपनी सारी जवानी आसाम से घुसपैठियों को निकालने की मुहिम में लगा दी हो और अंत में वही निराश होकर कहे कि हमने एक पागलपन में जिंदगी बर्बाद कर दी तो इसे आप क्या कहेंगे? यह आदमी हैं मृणाल तालुकदार, जो आसाम के जाने-माने पत्रकार हैं और एनआरसी पर इनकी लिखी किताब ‘पोस्ट कोलोनियल आसाम का विमोचन’ चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने हफ्ता भर पहले दिल्ली में किया है।इनकी दूसरी किताब,जिसका नाम है – ‘एनआरसी का खेल’ कुछ दिनों बाद आने वाली है।वह एनआरसी मामले में केंद्र सरकार...

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जामिया हो या जेएनयू, पुलिस की आख़िर दिक्क़त क्या है ?

संदीप सोनी बीबीसी संवाददाता, दिल्ली दिल्ली में नागरिकता संशोधन क़ानून का विरोध कर रहे जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के छात्रों के साथ पुलिस ज़्यादती के आरोप लगे हैं. लेकिन राजधानी दिल्ली में ये पहला वाक़या नहीं है जब पुलिस पर गंभीर आरोप लगे हैं. इससे पहले जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्रों ने धरने-प्रदर्शन के दौरान मारपीट करने का पुलिस पर आरोप लगाया था. दिल्ली पुलिस, इससे पहले वकीलों के साथ हुई हिंसक झड़पों की वजह से सुर्ख़ियों में आई थी. तब पुलिसकर्मियों ने पुलिस मुख्यालय के बाहर इस घटना के विरोध में प्रदर्शन भी किया था. इस घटना...

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क्या भविष्य के बलात्कारी हैं ये 80 लाख यूजर्स ? कहीं आप तो इनमें शामिल नहीं ?

क्या भविष्य के बलात्कारी हैं ये 80 लाख यूजर्स ? by — Uday Che बलात्कार और समाज का नजरिया Rape and society’s perspective बलात्कार शब्द ही इतना डरावना है जब भी इसको सुना, पढ़ा जाता है तो दिमाग में एक तस्वीर उभर जाती है कि एक महिला पर पुरुष का यौन हमला, एक महिला की जिंदगी का खात्मा। The problem of rape in India is becoming macabre. पूरे विश्व मे ये बलात्कार एक समस्या बनी हुई है। लेकिन भारत में ये समस्या विकराल रूप धारण किये हुए है। वर्ष 2011 में देशभर में बलात्कार के कुल 7,112 मामले सामने...

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क्या यह भाजपा के जनसंघ युग में लौटने की शुरुआत है?

by — प्रवीण मल्होत्रा क्या यह भाजपा के जनसंघ युग में लौटने की शुरुआत है? फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी। जनसंघ को 1977 से पहले कभी भी नौ फीसदी से अधिक वोट नहीं मिले थे। 1977 में जनसंघ का जनता पार्टी में विलय हो गया था। पुनः 1980 में जनसंघ ने भाजपा के रूप में नव अवतार लिया। 1984 के आमचुनाव में भाजपा को लोकसभा की सिर्फ दो सीटें ही मिली और उसके सबसे बड़े नेता अटलबिहारी वाजपेयी की ग्वालियर में स्व. माधवराव सिंधिया के समक्ष बहुत बुरी और शर्मनाक पराजय हुई थी। लेकिन, 1986 में प्रधानमंत्री राजीव गांधी...

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