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भाजपा के लिए अभिशाप बन गयी योगी की शुभेच्छा!

by — K.P.Singh पांच राज्यों के चुनाव परिणाम सामने आ गए हैं जिनमें लोगों की सबसे ज्यादा निगाह हिन्दी पट्टी के तीन महत्वपूर्ण राज्यों मध्यप्रदेश , राजस्थान और छत्तीसगढ़ के नतीजों पर टिकी हुयी थी । ये तीनों राज्य भाजपा के हाथ से निकल गए हैं ,जिसके पीछे तमाम कारक हैं लेकिन एक महत्वपूर्ण कारक जिसकी भी चर्चा बहुत हो रही है , उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा हनुमान जी को राजस्थान के अलवर जिले की एक जनसभा में दलित के रूप में पेश करने वाले भाषण की है जिससे ऊंची जातियों के लोग बौखला गए । भाजपा...

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गो आतंकियों को कहां से मिलती है ताकत?

By अनिल जैन गोरक्षा के नाम पर गुंडों की भीड द्वारा किसी की भी हत्या कर देना अब आम बात हो गई है। पिछले दिनों बुलंदशहर में तो सत्ता का संरक्षण प्राप्त गुंडों ने दंगा भडकाने की नीयत से खुद ही गाय को काटा और फिर उसका दोष मुसलमानों के मत्थे मढते हुए पुलिस थाने पर हमला कर दिया और एक पुलिस अधिकारी की हत्या कर दी। घटना के आरोपी सत्तारूढ भाजपा के सहयोगी संगठनों के स्थानीय पदाधिकारी हैं और अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। हाल के वर्षों में हमारे देश में और कुछ सस्ता हुआ...

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जो जहां था वहीं रहे तो क्‍या बुरा…

by — अभिषेक श्रीवास्तव हम आम लोगों के दैनिक जीवन में चीज़ों और उनकी नियत जगहों का बड़ा महत्‍व होता है। जो जहां रखा था वहां न मिले तो कितनी बेचैनी होती है। ऐसा अक़सर होता है। रोज़ ही की बात है कि हम चीज़ों को उनकी जगहो से जोड़कर खोजा फिरते हैं। औरतें इस मामले में बहुत परफेक्‍शनिस्‍ट होती हैं। अगर महीने भर बाद भी एक महिला अपने घर वापस आए तो वह एक नज़र में ताड़ जाती है कि जो चीज़ जहां छोड कर गई थी, वह वहां वैसे ही है या नहीं। हलका सा भी विचलन,...

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जरा सोचिये ! जब मेनस्ट्रीम मीडिया को कोई देखने – सुनने पढने वाला नहीं होगा

by- पुण्य प्रसून बाजपेयी क्या पत्रकारिता की धार भोथरी हो चली है । क्या मीडिया – सत्ता गठजोड ने पत्रकारिता को कुंद कर दिया है । क्या मेनस्ट्रीम मीडिया की चमक खत्म हो चली है । क्या तकनालाजी की धार ने मेनस्ट्रीम मीडिया में पत्रकारो की जरुरतो को सीमित कर दिया है । क्या राजनीतिक सत्ता ने पूर्ण शक्ति पाने या वचर्स्व के लिये मीडिया को ही खत्म करना शुरु कर दिया है । जाहिर है ये ऐसे सवाल है जो बीते चार बरस में धीऱे धीरे ही सही लेकिन कहीं तेजी से उभरे है । खासकर जिस अंदाज...

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परंपरा और आधुनिकता की ‘जंग’ बना सबरीमला विवाद थम क्यों नहीं रहा: नज़रिया

by: श्याम कृष्ण कुमार सबरीमला मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले को महिलावादी समूहों ने अपनी बड़ी जीत घोषित किया था. लेकिन कोर्ट के इस फ़ैसले ने बहुत सी महिलाओं को नाराज़ भी किया है. कोर्ट का फ़ैसला आने के बाद भी केरल के सबरीमला मंदिर के बाहर विरोध प्रदर्शन जारी हैं. शुक्रवार और शनिवार को सबरीमला मंदिर के बाहर तनाव की स्थिति रही. यहाँ वो महिलाएं पहुंचने की कोशिश कर रही हैं जिन्होंने ये दृढ़ संकल्प किया है कि वो सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद मंदिर परिसर में दाखिल होकर रहेंगी. जबकि दूसरी तरफ़ श्रद्धालुओं का...

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