Author: admin

विवेचनाः मुसलमान क्यों पागल थे हेमवती नंदन बहुगुणा के लिए?

रेहान फ़ज़ल, बीबीसी संवाददाता उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्र भानु गुप्त अक्सर कहा करते थे, ‘बहुगुणा के नाम पर मत जाइए. उनका व्यक्तित्व और चरित्र उसके ठीक उल्टा है.’ कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में से एक रहे सी बी गुप्ता को बहुगुणा की तिकड़म का स्वाद तब चखना पड़ा, जब 1974 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अपने गढ़ लखनऊ में न सिर्फ़ वो हारे, बल्कि उनकी ज़मानत भी ज़ब्त हो गई, 1977 के लोकसभा चुनाव के दौरान जब दोनों एक पार्टी में आ गए तो गुप्ता ने बहुगुणा से पूछ ही लिया, ‘बहुगुणा अब बता ही डालो...

Read More

आसाराम- आस्था के साम्राज्य से जेल की सलाखों तक

प्रियंका दुबे जोधपुर अदालत ने ख़ुद को धर्मगुरू बताने वाले आसाराम बापू को एक नाबालिग से बलात्कार के मामले में दोषी क़रार दिया है और आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई है. तक़रीबन पांच साल से जेल में बंद आसाराम अब अपनी बाक़ी की ज़िंदगी भी जेल में गुज़ारेंगे. कौन है आसाराम? अप्रैल 1941 में मौजूदा पाकिस्तान के सिंध इलाके के बेरानी गांव में पैदा हुए आसाराम का असली नाम असुमल हरपलानी है. सिंधी व्यापारी समुदाय से संबंध रखने वाले आसाराम का परिवार 1947 में विभाजन के बाद भारत के अहमदाबाद शहर में आ बसा. साठ के दशक में उन्होंने...

Read More

अमरीका को आंख दिखा क्यूबा ने यूं लिखी क्रांति की कहानी

वो नाव समंदर की ख़तरनाक लहरों का मुक़ाबला करने लायक़ बिल्कुल नहीं थी. फिर उसमें औक़ात से ज़्यादा लोग और साज़ो-सामान लदे हुए थे. पिछले सात दिनों और रात से नाव में सवार लोग समंदर की लहरों से पार पाकर अपनी मंज़िल तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे. मगर वो अब तक नाकाम थे. वजह ये कि वो नाव समंदर में उतारे जाने लायक़ ही नहीं थी. उस नाव पर सवार कमोबेश हर शख़्स बीमार था. किसी को लंबे वक़्त से समंदर में रहने से परेशानी हो रही थी, तो कोई भूख और प्यास से कमज़ोर हो गया...

Read More

2019 में दुबारा मोदीजी क्यों ?

by – आनंद नहीं, पंद्रह लाख वाला स्यापा नहीं कर रहा हूँ, यहाँ आप को प्रैक्टिकल या व्यवहारिक हिन्दुत्व से मिला रहा हूँ । कुछ मुद्दे दे रहा हूँ जो कि बिलकुल tip of the iceberg हैं, इस लिस्ट में वृद्धि हो सकती है और होती रहनी भी चाहिए । बस इतना ख्याल रखा जाये कि लिस्ट को इतनी लंबी न बनाएँ कि वो अव्यवहारिक बन जाये ।व्यवसाय – नए एवं पारंपरिक, नए व्यवसायों की सीख देती हुई संस्थाएं, प्राकृतिक संसाधनों का विकास कर के या उनसे उत्पादन बनाकर वह भी पर्यावरण से संतुलन बनाए रखकर ।और भी बहुत...

Read More

कुंदनलाल सहगल, जिगर, मंटो, मजाज, मीना कुमारी, संजीव कुमार….काश! आप शराब के चंगुल में न फंसते

शराब के कारण अनेक हस्तियां इस दुनिया को अपनी अद्भुत प्रतिभा की संपूर्ण झलक नहीं दिखा सकीं और अपने लाखों-करोड़ों चाहने वालों को समय से पहले ही अलविदा कहकर चली गईं लव कुमार सिंह 1 अप्रैल 2018 को 1930 और 40 के दशक के प्रसिद्ध गायक और अभिनेता कुंदन लाल सहगल उनकी 114वीं जयंती पर बहुत ही शिद्दत के साथ याद किए गए। पत्र-पत्रिकाओं, वेबसाइट्स और ब्लॉग्स पर उनकी बेजोड़ प्रतिभा के अनेक विवरण प्रकाशित किए गए। वाकई में कुंदनलाल सहगल संगीत और अभिनय क्षेत्र की एक बेजोड़ हस्ती थे। वे लता मंगेशकर, मोहम्मद रफी, किशोर कुमार जैसे गायक-गायिकाओं...

Read More