Author: admin

दस बार शेरवानी सिलवाकर भी क्यों नहीं हुई सलमान खान की शादी?

by– – लव कुमार सिंह आप कह सकते हैं कि अभिनेता सलमान खान (Salman Khan) की शादी (Marriage) कोई सार्वजनिक महत्व का विषय तो है नहीं, जो इस पर चर्चा की जाए, लेकिन शादी तो अपने आप में महत्व का विषय है, इसलिए यहां हम सलमान खान के बहाने यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर कैसे एक व्यक्ति योग्य वर होते हुए भी कुंआरा रह जाता है। यदि 50 साल से ऊपर के हो गए सलमान खान के विषय में मनोवैज्ञानिक, पारिवारिक, सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से विचार किया जाए तो कई प्रकार की संभावनाएं और...

Read More

द ग्रेट मोदी ( MODI- THE GREAT )

by — पुण्य प्रसून बाजपेयी हर चालिस मिनट मे एक किसान खुदकुशी करता रहा । लेकिन किसानो ने वोट नरेन्द्र मोदी को ही दिया । खेतो से जुडे मजदूरो की खुदकुशी हर घंटे होती रही । लकिन उसने वोट नरेन्द्र मोदी को ही दिया । बेरोजगारी के आंकडे हर दिन बढते रहे लेकिन बेरोजगार युवाओ ने वोट नरेन्द्र मोदी को ही दिया । दिल्ली, मुबंई, बेगलुरु सरीखे एजुकेशन हब में उच्च शिक्षा और रिसर्च स्कालर के सामने इन्फ्रस्ट्रक्चर का संकट गहराता चला गया लेकिन वोट नरेन्द्र मोदी के ही नाम पर पडे । बस्तर, पलामू,बुदेलखंड सरीखे इलाको से दो...

Read More

राहुल गांधी की कांग्रेस कैसी होगी …..

by– पुण्य प्रसुन्न वाजपेयी काग्रेस में सन्नाटा है । सन्नाटे की वजह हार नहीं है । बल्कि हार ने उस कवच को उघाड दिया है जिस कवच तले अभी तक बडे बडे काग्रेसी सूरमा छिपे हुये थे । और अपने बच्चो के लिये काग्रेस की पहचान और काग्रेस से मिली अपनी पहचान को ही इन्वेस्ट कर जीत पाते रहे । पहली बार इन कद्दावरो के चेहरे पर शिकन दिखायी देने लगी है कि क्योकि उनका राजा भी चुनाव हार गया । और बिना राजा कोटरी कैसी । चापलूसी कैसी । कद किसका । और बिना कद कार्यकत्ताओ की फौज...

Read More

मुसलमान चाहें तो इस देश की राजनीति को हमेशा के लिए बदल सकते हैं

by — – लव कुमार सिंह पिछलेकई दशकों से अपने देश में चुनाव के दौरान एक बड़ी दिलचस्प चीज देखने को मिलती रही है। वह यह कि पढ़े-लिखे लोग वोट के मसले पर हिंदुओं और मुसलमानों से बिल्कुल अलग-अलग प्रकार का आह्वान करते हैं। 2019 के चुनाव का ही उदाहरण लें तो हम पाते हैं कि मुस्लिमों से कहा गया कि इस वक्त शिक्षा, रोजगार, विकास आदि की बातें भूल जाओ और भाजपा के खिलाफ एकजुट हो जाओ। जब धर्म ही नहीं रहेगा तो शिक्षा, रोजगार, विकास लेकर क्या करोगे? उधर, हिंदुओं से कहा गया कि धर्म के चक्कर...

Read More

विपक्ष सोचे सौ बार – फ़िर से क्यों मोदी सरकार ?

by नीरज वर्मा भारतीय लोकतंत्र में 2019 का लोकसभा चुनाव कई मायनों में यादगार रहेगा । बेहद मेहनत करने वाले कॉंग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पहली बार बहुत परिपक़्व, ज़िम्मेदार और उम्मीद से भरे दिखे । शायद 2024 में इसका असर दिखे । जबकि 2019 में प्रधानमंत्री मोदी, 2014 से भी, ज़्यादा ‘ख़तरनाक़’ लोकप्रिय नज़र आये । इतनी ‘ख़तरनाक़’ लोकप्रियता भारतीय राजनीति में बहुत कम मौक़ों पर नज़र आई है । अपने जीवन काल में पहली बार भाजपा ने 300 सीट और NDA 350 सीटों के पार । कांग्रेस उसी 50-52 की संख्या और UPA वही 100 के अंदर फ़िर...

Read More