Author: admin

हमने ध्यानचंद को खेलते हुये नहीं देखा

पुण्य प्रसून बाजपेयी जरा कल्पना कीजिये सौ बरस बाद जब भारत के इतिहास के पन्नों को कोई पलटेगा तो मौजूदा दौर को कैसे याद करेगा। नेहरु-गांधी परिवार का जिम्मेदारी से मुक्त हो सत्ता चलाना-भोगना। मनमोहन सिंह का बिना चुनाव लड़े बतौर प्रधानमंत्री भारत को दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश से दुनिया के सबसे बड़े बाजार में बदलना। आरएसएस का हिन्दुत्व का एकला चलो का राग छोड़ मुस्लिम प्रेम जागना। संघ के स्वयंसेवक नरेन्द्र मोदी का देश में सबसे लोकप्रिय होकर भी धर्मनिरपेक्षता की परछाई से भी दूर रहना। या फिर कारपोरेट और अंडरवर्ल्ड के शिकंजे में फंसे जेंटलमैन...

Read More

अशिक्षा के खड़ाऊ पर कब तक चलता रहेगा दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र

प्रदीप दुबे देश का एक समर्पित युवा नागरिग होने के नाते मेरे मन में बहुत दिनों से भारतीय राजनीती को लेकर , मंत्रीशाही को लेकर कई शवाल कौंध रहे है , आज जब देश में आम चुनाव का माहौल है ऐसे में मै अपने इन सवालो को जनता के सामने रखना चाहता हूँ जैसे – – क्या भारतीय संविधान में नेता के लिए कोई मानक नहीं है , – क्या भारतीय राजनीती में सक्रिय होने के लिए नेता का शिक्षित होना जरुरी नहीं , – क्या नेता के लिए उम्र की कोई बाध्यता नहीं है , – क्या नेता...

Read More