Author: Afzal Khan

गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की शुरुआत कैसे हुई और इसका इतिहास क्या है ?

By- Ankit Kumar गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की शुरुआत कैसे हुई और इसका इतिहास क्या है ? कैसे शुरुआत हुई ‘गिनीज बुक रिकार्ड्स’ की? जब भी दुनिया में रिकॉर्ड की बात आती है तो उसमें सबसे ऊपर नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड का ही आता है! मशहूर रिकॉर्ड हो या फिर अजीबोगरीब रिकॉर्ड… इस एक किताब में हर किसी का नाम मिलेगा. सालों से गिनीज बुक दुनिया भर के रिकार्ड्स को अपनी सूची में दर्ज करती जा रही है. लेकिन यह सिलसिला आखिर शुरू कैसे हुआ? तो चलिए जानते हैं कि कैसे शुरू हुआ गिनीज बुक का...

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#NationalUnemploymentDay: मोदी के जन्मदिन पर छात्र-युवाओं ने किस तरह मनाया ‘राष्ट्रीय बेरोज़गार दिवस’

7 सितंबर, गुरूवार को वैसे तो देश भर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 70वां जन्मदिन बनाया गया है. लेकिन इसी मौक़े पर देश के अलग-अलग हिस्सों से बेरोज़गार युवाओं ने राष्ट्रीय बेरोज़गार दिवस भी मनाया. देश के युवाओं के इस प्रदर्शन को प्रमुख विपक्षी दलों का समर्थन भी हासिल था, कई जगहों पर छात्र युवाओं के इस प्रदर्शन में विपक्षी दल के कार्यकर्ताओं-नेताओं को भी शामिल देखा गया. राजस्थान के पूर्व उप-मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि पिछले छह साल में युवा शक्ति को रोज़गार के नाम पर सिर्फ़ झूठे आश्वासन मिले हैं. छोड़िए Twitter पोस्ट,...

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कंगना विवाद से शिवसेना को हो सकते हैं ये चार फ़ायदे!

कंगना रनौत और शिवसेना के संजय राउत 3 सितंबर से एक-दूसरे को चुनौती दे रहे हैं. दोनों में से कोई भी अपने कदम पीछे नहीं खींचना चाहता है. ऐसे में इस विवाद के राजनीतिक मायने खोजे जाने लगे हैं. कंगना ने शिवसेना सांसद संजय राउत की आलोचना करते हुए मुंबई को ‘पीओके’ (पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर) बता दिया. कंगना के इस बयान ने पिछले एक हफ्ते से चले आ रहे इस विवाद में आग में घी की तरह से काम किया. कंगना और शिवसेना लगातार एक-दूसरे की आलोचना कर रहे हैं. कांग्रेस और एनसीपी राज्य सरकार में शिवसेना के सहयोगी...

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इरफ़ान ख़ान को हमने वो नहीं दिया जिसके वो हक़दार थे

शशि बलीगा स्वतंत्र फ़िल्म पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए इरफ़ान ख़ान कमर्शियल हिंदी सिनेमा में किसी अजूबे की तरह थे. बॉलीवुड की दुनिया में वो ‘मिसफ़िट’ थे. एक शानदार मिसफ़िट. वो इसलिए क्योंकि इरफ़ान में किसी और बॉक्स नहीं, सिर्फ़ प्रतिभा के बॉक्स में टिक मार्क की तरह थे. प्रतिभा के अलावा इरफ़ान ख़ान के पास जो कुछ भी था, वो बॉलीवुड में उनके ख़िलाफ़ ही काम करता था. फिर चाहे वो उनका चेहरा-मोहरा हो, उनकी भाव-भंगिमा या फिर किसी आम इंसान जैसा तौर-तरीका. उनमें किसी भी तरह का कोई भड़काऊपन नहीं था और यही उन्हें सबसे अलग करता...

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गोली मारने के बाद उलटा लटका दिया गया था मुसोलिनी को

75 साल पहले 28 अप्रैल, 1945 को इटली के फ़ाशिस्ट तानाशाह बेनिटो मुसोलिनी को उनकी प्रेमिका क्लारेटा पेटाची के साथ गोली मार दी गई थी. दूसरे विश्व युद्ध की शुरुआत में मुसोलिनी ने एक मशहूर वक्तव्य दिया था, ‘अगर मैं लड़ाई के मैदान से हटूँ तो मुझे गोली मार दो.’ मुसोलिनी ये कह कर सिर्फ़ लफ़्फ़ाज़ी कर रहे थे लेकिन जब मौक़ा आया तो उनके विरोधियों ने उनके इस कथन का अक्षरश: पालन किया. लड़ाई में शिकस्त खाने के बाद मुसोलिनी और उनकी प्रेमिका क्लारेटा उत्तर में स्विटज़रलैंड की सीमा की तरफ़ बढ़ रहे थे कि डोगों क़स्बे के...

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