Author: Afzal Khan

गांधी को बतख मियां ने बचाया था, गोडसे ने मार दिया !

By-  Krishna Kant गांधी को बतख मियां ने बचाया था, गोडसे ने मार दिया गोडसे ने गांधी को मारा था, बतख मियां ने गांधी को बचाया था. गोडसे हत्यारा है. बतख मियां गांधी का जीवनदाता है. आप सोच रहे होंगे कि यह बतख मियां कौन है? आइए जानते हैं. गांधी के जीवन में उन्हें मारने के लिए छह बड़े प्रयास हुए थे. छठवीं बार गांधी के हत्यारे सफल हो गए. इसके अलावा दो प्रयास 1917 में बिहार के चंपारण में हुए. इन्हीं में से एक कोशिश को बतख मियां ने नाकाम कर दिया था. हुआ यूं कि बिहार में...

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#GhazipurBorder: कैसे एक घंटे के अंदर बदल गई आंदोलन की सूरत !

Byअवधेश कुमार 26 जनवरी की ट्रैक्टर परेड के बाद गाजीपुर बॉर्डर से हजारों किसान अपने घर लौट गए. इसके बाद माहौल ऐसा बनाया गया कि मानों आंदोलन खत्म होने वाला है. मीडिया के एक तबके ने भी आग में घी डालने का काम किया. गाजीपुर बॉर्डर पर पुलिस की मौजूदगी क्या हुई सोशल मीडिया और मेनस्ट्रीम मीडिया ने बाबा रामदेव की याद दिला दी. लेकिन यह सब ज्यादा देर तक नहीं चल सका. कुछ घंटे बाद ही पूरा मामला यू टर्न ले गया. राकेश टिकैत की रोने वाली वीडियो और तस्वीरें जैसे ही लोगों तक पहुंची तो एक बार...

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नेहरू को कोसने वाले उनका महत्व समझते हैं, इसीलिए उन्हें डराता रहता है उनका भूत भी

BY-  पुरुषोत्तम अग्रवाल  –प्रख्यात चिंतक; आलोचक कौन है भारत माता? इस सवाल के पीछे जवाहरलाल नेहरू के चिंतन का रेजोनेन्स (अनुकंपन) है। भारत माता की जय स्वाधीनता आंदोलन के दिनों का बहुत लोकप्रिय नारा था। पंडित जवाहरलाल नेहरू डिस्कवरी ऑफ इंडिया में इस पर विचार करते हैं। संस्मरण की तरह विचार करते हैं कि मैं जब भी किसी सभा में जाता हूं, तो वहां नारा लगता है ‘भारत माता की जय।’ मैं लोगों से पूछता हूं कि कौन है भारत माता जिसकी हम जय बोलते हैं। तब कोई कहता है हमारे गांव की धरती। कोई कहता है देश की धरती। मैं लोगों...

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उद्धव ठाकरे ने दिखाई अर्णव को उसकी औकात !

By- शकील अख्तर जो हिम्मत बड़े बड़े मुख्यमंत्री नहीं दिखा पाए वह सबसे जूनियर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने दिखा दी। अर्णव गोस्वामी किसी मुख्यमंत्री यहां तक की वरिष्ठ केन्द्रीय मंत्रियों को भी कुछ नहीं समझता था। इसी तरह किसी पत्रकार, मीडिया मालिक को भी कुछ नहीं। यहां तक कि न्यायपालिका को भी कुछ नहीं, कहता था जज खरीद लो! और इन सबसे खतरनाक और शर्मनाक बात यह कि वह पुलवामा में 40 भारतीय सुरक्षाकर्मियों की शहादत पर खुशियां मना रहा था! किसी की कोई चिन्ता नहीं, दर्द नहीं। सबके लिए अपमानजनक टिप्पणियां, उपहास, अवहेलना का भाव! सबको देशभक्ति के...

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     हिंदी पट्टी के नौजवान !!

BY – हेमंत कुमार झा       हिन्दी पट्टी के नौजवानों से अधिक शोषित और ठगा जाने वाला समुदाय कौन है दुनिया में, इस पर बहस हो सकती है। उनमें बेरोजगारी की दर सबसे अधिक है, उनमें से अधिकतर ऐसे हैं जो ग्रेजुएट होने के बाद भी किसी काम के लायक नहीं बन सके, क्यंकि जो शिक्षा उन्हें मिली या मिल रही है उसमें गुणवत्ता का नितांत अभाव है। बाहरी तौर पर देखने से लगता है कि वे राजनीतिक तौर पर जागरूक हैं, लेकिन वास्तविकता इससे ठीक उलट है। उनमें से अधिकतर को माहौल ने ऐसे ठस दिमाग...

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