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परंपरा और आधुनिकता की ‘जंग’ बना सबरीमला विवाद थम क्यों नहीं रहा: नज़रिया

by: श्याम कृष्ण कुमार सबरीमला मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले को महिलावादी समूहों ने अपनी बड़ी जीत घोषित किया था. लेकिन कोर्ट के इस फ़ैसले ने बहुत सी महिलाओं को नाराज़ भी किया है. कोर्ट का फ़ैसला आने के बाद भी केरल के सबरीमला मंदिर के बाहर विरोध प्रदर्शन जारी हैं. शुक्रवार और शनिवार को सबरीमला मंदिर के बाहर तनाव की स्थिति रही. यहाँ वो महिलाएं पहुंचने की कोशिश कर रही हैं जिन्होंने ये दृढ़ संकल्प किया है कि वो सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद मंदिर परिसर में दाखिल होकर रहेंगी. जबकि दूसरी तरफ़ श्रद्धालुओं का...

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क्या बिखर रहा है अमिताभ बच्चन का जादू?

by–अजय ब्रह्मात्मज दिवाली के मौके पर रिलीज हुई ‘ठग्स ऑफ़ हिंदोस्तान’ को दर्शकों ने नापसंद कर दिया.सोशल मीडिया को ध्यान से पढ़ें तो फिल्म की असफलता का ठीकरा आमिर खान के माथे फूटा.यह स्वाभाविक है,क्योंकि आज की तारिख में आमिर खान अधिक सफल और भरोसेमंद एक्टर-स्टार हैं.उनकी असामान्य फ़िल्में भी अच्छा व्यवसाय करती रही हैं.अपनी हर फिल्म से कमाई के नए रिकॉर्ड स्थापित कर रहे आमिर खान ने दर्शकों की नापसंदगी के बावजूद दीवाली पर रिलीज हुई सबसे अधिक कलेक्शन का रिकॉर्ड तो बना ही लिया.इस फिल्म को पहले दिन 50 करोड़ से अधिक का कलेक्शन मिला. फिल्मों की...

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आर एस एस ( RSS) क्या है?

by — मधु लिमये मैने राजनीति में 1937 मे प्रदेश किया। उस समय मेरी उम्र बहुत कम थी, लेकिन चूकिं मैने मैट्रिक की परीक्षा जल्दी पास कर ली थी, इसलिए कालेज में भी मैने बहुत जल्दी प्रवेश किया। उस समय पूना में आर एस एस और सावरकरवादी लोग एक तरफ और राष्ट्रवादी और विभिन्न समाजवादी और वामपंथी दल दूसरी तरफ थे। मुझे याद है कि 1 मई 1937 को हम लोगों ने मई दिवस का जुलूस निकाला था। उस जुलूस पर आर एस एस के स्वयंसेवकों और सावरकरवादी लोगों ने हमला किया था और उसमें प्रसिद्ध क्रान्तिकारी सेनापति बापट...

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सत्ता की फिक्र में सारे काम ताक पर!!

by — पुण्य प्रसून बाजपेयी सत्ता होगी तो ही काम करेगे । सत्ता जा रही होगी तो फिर सत्ता बचाने के लिये काम करेगें । और सत्ता जब नहीं होगी तो जो सत्ता में है वह समझे यानी जिम्मेदारी ले । मानिये या ना मानिये देश कुछ इसी मिजाज से चलता है । और इसका ताजा उदाहरण है पर्यावरण या कहे प्रदूषण को लेकर मोदी सरकार की समझ । संयोग ऐसा हुआ कि जिस दिन गुजरात में सरदार पटेल की दुनिया की सबसे बडी प्रतिमा का अनावरण प्रधनमंत्री को ” स्टेच्यू आफ यूनिटी ” के नाम से करना था...

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भागवत जी क्या आपको सचमुच राम मंदिर चाहिए?

by — राकेश कायस्थ डिस्क्लेमर पहले और असली बात बाद में। बिना पढ़े, समझे और तार्किक हुए जिनकी भावनाएं आहत होती हैं, वे कृपया अपनी आंखें बंद कर लें। दूसरी बात यह कि मूर्खों के लिए मेरे मन में गहरा सम्मान है। लेकिन मित्र मंडली में मूर्ख मंडली का कोटा दस परसेंट पर फिक्स्ड है। इसलिए तीन बदत्तमीजियों के बाद शिशुपाल एक्ट के तहत मैं बाहर का रास्ता दिखा देता हूं। अब आता हूं असली बात पर। मैं आरएसएस को एक अतार्किक गैर-जिम्मेदार, षडयंत्रकारी और विभाजनकारी विचारधारा मानता हूं। यह बात विचारधारा को लेकर है, व्यक्तियों को लेकर नहीं।...

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