hangby– ( news desk )

वैसे तो दुनिया की सारी मीडिया खास तौर से वेस्टर्न मीडिया सऊदी अरब को फांसी के मौत के हवाले से काफी बदनाम करता रहता है और दुनिया भर में यह धारणा पाया जाता है कि शायद विशव में सब से ज्यादा फांसी के द्वारा मौत साउदी अरब या मुस्लिम मुल्को में दी जाती है, लेकिन हाल ही में छपी अनुसंधान सबको हैरान कर दिया जिसमें कहा गया है कि चीन वह देश है जहां केवल 2013 में सबसे मृत्युदंड दिया गया और 2400 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा .सब से दिलचस्प तथ्य ये है कि यह संख्या दुनिया भर में दी गई मौत से तीन गुना अधिक है. एक मानवाधिकार संस्था ‘दोई हीवा’ से चीन के अखबार से इकट्ठे किए गए आंकड़ों के अनुसार यह संख्या दुनिया भर में दी गई मौत से तीन गुना अधिक है. संगठन के प्रवक्ता के अनुसार जिन लोगों को मौत दी गई उन पर देशद्रोह, दवा तस्करी, जाली मुद्रा, बलात्कार और हत्या के आरोप थे.

कुछ समय पहले एमनेस्टी इंटरनेशनल ने दुनिया भर में दी गई मौत की जानकारी जारी की थीं लेकिन चीन के आँकड़े शामिल नहीं थे, एमनेस्टी इंटरनेशनल का कहना था कि चीन की ओर से इन आंकड़ों को गुप्त रखा जाता है. लेकिन ‘दोई हीवा’ आँकड़े सबको हैरान कर दिया है. अनुसंधान में यह भी बताया गया है कि उक्त वर्ष मतलब २०१३ में ईरान ने 369, इराक ने 169, सऊदी अरब ने 79, अमेरिका 39, सोमालिया ने 34, सूडान ने 21, यमन ने 13, जापान ने 8 और वियतनाम ने 7 लोगों को मौत मौत की सजा दी गयी .