Kailash-Satyarthi

2014 का नोबेल शांति पुरस्कार बच्चों के अधिकारों के लिए काम करने वाले भारत के कैलाश सत्यार्थी और पाकिस्तान की सामाजिक कार्यकर्ता मलाला यूसुफजई को संयुक्त रूप से दिया गया है। सत्यार्थी नोबेल शांति पुरस्कार पाने वाले दूसरे और नोबेल पाने वाले सातवें भारतीय हैं। इससे पहले मदर टेरेसा को यह अवॉर्ड मिला था। वहीं 17 साल की मलाला सबसे कम उम्र में यह अवॉर्ड पाने वाली शख्सियत बनी हैं।

भारतीय होने के नाते बहुत खुशी हो रही है कि भारत के एक व्यक्ति के कार्य को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है और उनको नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. साथ ही दुख भी है की हम आम भारतीय इस नाम को आज से पहले नहीं पहचानते थे. हमारा मीडिया दिन और रात राजनेताओं, फिल्म कलाकारों, और क्रिकेट खिलाडियों की सेवा में ही लगा रहता है. इनके अलावा और किसी के बारे में बताना नहीं चाहता है. बहुत से लोग कैलाश जी की तरह दशकों से जनसेवा में लगे हैं, कम से कम कभी कभी मीडिया उनके बारे में तो बता सकता है. कैलाश जी को भारत में किसी पद्म सम्मान के लायक भी नहीं समझा गया और उनको नोबेल पुरस्कार मिला है.

शान्ति के लिए नॉबेल पुरूस्कार जीतने वाले और बाल्य विकास के लिए काम करने वाले कैलाश सत्यार्थी को आज तक भारत में कोई भी पुरूस्कार नहीं दिया गया , हाँ विदेश में कई बार पुरुस्कारों से सम्मानित किया गया है …!!

2014: Nobel Peace Prize
2009: Defenders of Democracy Award (US)
2008: Alfonso Comin International Award (Spain)
2007: Medal of the Italian Senate (2007)
2007: recognized in the list of “Heroes Acting to End Modern Day Slavery” by the US State Department
2006: Freedom Award (US)
2002: Wallenberg Medal, awarded by the University of Michigan
1999: Friedrich Ebert Stiftung Award (Germany)
1998: Golden Flag Award (Netherlands)
1995: Robert F. Kennedy Human Rights Award (US)
1995: The Trumpeter Award (US)
1994: The Aachener International Peace Award (Germany)
1993: Elected Ashoka Fellow (US)

इसे कहते है घर की मुर्गी दाल बराबर , अगर हम भारत के राष्ट्रिय सम्मान और प्राइज उठा कर देखे जिस में पद्म श्री, पदम भूषण आदि आते है इस में 90 % उन लोगो को दिया गया है जो के सरकार के चापलूस अफसर , नाचने गाने वाले , बिज़नेस करने वाले जो समाज के लिए नहीं अपना तिजोरी भरते है और भरष्ट अपराधी नेताओ को .मेरी अपनी राय है के कैलाश सत्यार्थी को अब अगर भारत सरकार द्वारा कोई इनाम की घोषणा करता है तो उसे बहिष्कार करना चाहिये.