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सही उम्र में शादी हो जाए तो यह स्वास्थ्य और सामाजिक समेत सभी पहलुओं के मद्देनजर अच्छी बात होती है, लेकिन इसके बावजूद भारत में देर से शादी करने का चलन बढ़ रहा है। इसके लिए कई प्रकार की परिस्थितियां जिम्मेदार हैं, मगर इन्हीं परिस्थितियों के बीच भारतीय क्रिकेटर शादी को लेकर बड़े परंपरावादी, गंभीर और वफादार नजर आते हैं। हालांकि इसके पीछे भी कुछ सुनिश्चित कारण हैं, मगर देश के युवाओं को प्रेरणा देने के लिहाज से यह अच्छी बात है।

शादी के मामले में भारतीय क्रिकेटर ज्यादा देर नहीं करते। एक बार मशहूर होने के बाद वे काफी जल्दी या ठीक समय पर शादी कर लेते हैं। कुछ एक मामलों में देर भी होती है, मगर फिर भी बात 30-31 साल की उम्र से आगे नहीं बढ़ती। पिछले एक-दो सालों पर नजर डालें तो 2013 से अब तक करीब डेढ़-पौने दो साल की अवधि में ही पूरी 11 सदस्यीय टीम जितने भारतीय क्रिकेटर जीवन की पिच पर बोल्ड हो गए। 2013 की फरवरी से चेतेश्वर पुजारा से यह सिलसिला शुरू हुआ था और फिर पूरे साल यूसुफ पठान, उमेश यादव, मनोज तिवारी, अशोक डिंडा, अंकित चव्हाण, लक्ष्मीपति बालाजी, पीयूष चावला, करण शर्मा आदि तक यह सिलसिला जारी रहा। इस साल भी मोहम्मद शमी और आंजिक्य रहाणे ने इसे बनाए रखा है।

क्रिकेट की दुनिया पर बारीकी से नजर रखने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय क्रिकेटर या किसी भी अन्य खेल के भारतीय खिलाड़ी, भारतीय समाज के अन्य पुरुषों से थोड़ा अलग खड़े नजर आते हैं। आमतौर पर 30-40 या 40-50 की उम्र में किसी आम भारतीय नौकरीपेशा या कारोबारी व्यक्ति का कॅरियर चरम पर होता है, जबकि एक क्रिकेटर का कॅरियर 30 के बाद ढलान पर आ जाता है।

इसके अलावा बेशुमार प्रसिद्धि के बावजूद एक क्रिकेटर व्यक्तिगत तौर पर बहुत अकेला व्यक्ति होता है। स्थानीय स्तर से देश की टीम में आने तक और फिर लगातार विदेशी दौरों के बीच उसे पारिवारिक सुख बहुत कम नसीब होता है। अनेक क्रिकेटरों ने समय-समय पर इस बात को स्वीकार किया है कि क्रिकेट के अत्यधिक व्यस्त कॅरियर में घर की याद बहुत सताती है। घर के अनेक खास आयोजनों में वे भाग नहीं ले पाते। ऐेसे में शादी और शादी के बाद पत्नी का साथ काफी सुकून देता है। खेलने के दौरान घर को संभालने के लिए भी क्रिकेटरों को जीवनसाथी की सख्त जरूरत महसूस होती है, क्योंकि वास्तव में स्थिति ऐसी होती है कि ज्यादातर खिलाड़ी खेल के अलावा बाकी कोई काम नहीं कर पाते हैं।

एक भारतीय क्रिकेटर की जल्द शादी उसे भटकने और विवादों में पड़ने से भी बचाती है और खेल पर एकाग्र होने में मदद करती है। जी हां, आपको यह अजूबा लगेगा, मगर बिल्कुल सच है। मैदान से बाहर एक गैर शादीशुदा क्रिकेटर का ध्यान भटकाने और उसे विवादास्पद स्थिति में डालने के इतने ज्यादा अवसर पैदा होते हैं कि क्रिकेटर का कॅरियर ही दांव पर लग जाता है। जहीर खान, युवराज सिंह, हरभजन सिंह के मामले में यह हम यह देख चुके हैं। विराट कोहली के मामले में हमने इंग्लैंड के हालिया दौरे में यह देखा था।

इन्हीं सब कारणों की वजह से हम देखते हैं कि भारतीय क्रिकेट में प्रवेश करने वाला कोई भी नया खिलाड़ी कुछ ही सालों के अंदर दो काम सबसे पहले करता है। एक- परिजनों के जरिये संपत्ति की खरीद और दो- शादी। अगर खिलाड़ी की पहले से कोई महिला मित्र है तो शादी का काम और भी जल्दी हो जाता है। थोड़ी-बहुत देर वहीं होती है जहां परिजनों को मशहूर हो गए क्रिकेटर बेटे के लिए योग्य लड़की ढूंढनी पड़ती है, लेकिन चूंकि परिजन जुटे रहते हैं, इसलिए ज्यादा देर वहां भी नहीं होती है। हाल-फिलहाल के परिदृश्य पर नजर डालें तो युवराज सिंह, जहीर खान और हरभजन सिंह को छोड़कर किसी भी मशहूर क्रिकेटर ने भारतीय टीम में स्थान बनाने के बाद शादी करने में बहुत ज्यादा देर नहीं लगाई। ऐसा नहीं है कि इन तीनों ने या इनके परिजनों ने कोशिश नहीं की, मगर महिला मित्र की कमी नहीं होने के बावजूद हालात ही कुछ ऐसे बने कि इनकी शादी अभी तक नहीं हो सकी है।

क्रिकेटरों की जल्द शादी का यह ट्रेंड आज का नहीं है। सचिन ने 22 साल की उम्र में ही अंजली को अपना लिया था। इसके बाद अंजली ने घर संभाला और सचिन ने मैदान। गावस्कर और मार्शलीन की शादी भी तब हो गई थी जब गावस्कर 25 साल के थे। कपिल देव ने 21 साल की उम्र में ही रोमी का हाथ थाम लिया था। सौरव गांगुली 25 की उम्र में डोना राय के पति बन गए थे तो आरती अहलावत के गले में वरमाला डालते वक्त सहवाग की उम्र 26 साल थी। अजहररुद्दीन ने भी 26 साल की उम्र में ही नौरीन से पहली शादी कर ली थी। धोनी (29- साक्षी रावत), लक्ष्मण (30- शैलजा), राहुल द्रविड़ (30- विजेता) और गौतम गंभीर (30- नताशा) को ही थोड़ी देर लगी मगर यहां भी इनकी उम्र 30 के पार नहीं गई।
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ज्यादा वफादार भी रहे हैं भारतीय क्रिकेटर

विश्व खेल परिदृश्य को देखें तो खिलाड़ियों के विवाहित जीवन की बड़ी बदरंग तस्वीर नजर आती है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ही शेन वार्न, ब्रेट ली, ग्राहम थोर्पे, माइकल स्लैटर जैसे अनेक नाम सामने हैं, जिनका विवाहित जीवन सफल नहीं रहा। कुछ ने इसकी परवाह नहीं की और दूसरे रिश्ते जोड़ लिए तो कई इसकी वजह से डिप्रेशन में भी चले गए और उनका खेल कॅरियर तक बरबाद हो गया। जोंटी रोड्स ने एक नई लड़की के लिए 15 साल की शादी को तोड़ दिया। इसके अलावा, जॉन टेरी, टाइगर वुड्स भी कहानी कुछ ऐसी ही है। लेकिन भारतीय क्रिकेटरों में शादी एक परंपरा, गंभीरता और लंबे रिश्ते का नाम रही है और इसका उनके खेल पर सकारात्मक असर भी पड़ा है। भारतीय क्रिकेट में विनोद कांबली, मनिंदर सिंह और अजहरुदीन ही अपवाद कहे जा सकते हैं, जिन्होंने दूसरी शादियां की हैं।
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नए जोड़ों पर एक नजर

घरवालों ने पुजारा के लिए ढूंढीं पूजा

13 फरवरी 2013 को राजकोट में चेतेश्वर पुजारा (25) और पूजा पाबरी (22) एक-दूसरे के हो गए। यह पूरी तरह अरेंज मैरिज थी। पुजारा और पूजा, दोनों ही राजकोट के “लोहाना” समाज से ताल्लुक रखते हैं। पूजा के पिता एक कपड़ा व्यापारी हैं। पूजा ने अहमदाबाद से रिटेल मैनेजमेंट में एमबीए किया है। पुजारा के पिता अरविंद पुजारा भी सौराष्ट्र की तरफ से रणजी ट्राफी में खेल चुके हैं। पुजारा की मां की कैंसर से 2005 में ही मृत्यु हो चुकी है।

हां वो बिल्कुल वैसी हैं जैसा यूसुफ ने सोचा था

27 मार्च 2013 को यूसुफ पठान (31) ने मुंबई की लड़की आफरीन से शादी की। आफरीन ने फिजियोथेरेपिस्ट का प्रशिक्षण ले रखा है। यह भी एक अरेंज मैरिज थी। यूसुफ पठान ने काफी पहले कह दिया था कि वह एक ऐसी लड़की से शादी करना चाहेंगे जो उनके घर पर टिक सके और माता-पिता की सेवा कर सके।

पहली ही नजर में दिल दे बैठे उमेश यादव और तान्या

उमेश यादव (25) और तान्या वाधवा (23) ने 29 मई 2013 को नागपुर में एक-दूसरे के गले में जयमाला डाली। यह एक लव मैरिज थी। एक कॉमन फ्रेंड के जरिये दोनों की मुलाकात 2010 में उस समय हुई थी जब उमेश ने दिल्ली डेयरडेविल्स की तरफ से खेलना शुरू किया था। दिल्ली की लड़की और क्रिकेट की दीवानी तान्या एक फैशन डिजाइनर हैं। यह पहली नजर का प्यार था। उमेश को तान्या की सरलता भा गई तो तान्या को भी उमेश बहुत डाउन टू अर्थ लगे। तीन साल के प्रेम के बाद आखिर 2013 की शुरुआत में उमेश ने तान्या के सामने शादी का प्रस्ताव रखा। दोनों की जातियां अलग-अलग होने से उनके घर वाले पहले उनके रिश्ते के लिए राजी नहीं थे, लेकिन बाद में मान गए।

सात साल की डेटिंग में कायम रहा तिवारी और राय का साथ

18 जुलाई 2013 को युवा मनोज तिवारी ने लंबे समय से उनकी गर्लफ्रेंड रही सुष्मिता राय से शादी कर ली। शादी हावड़ा में हुई। मनोज और सुष्मिता करीब सात साल से डेटिंग कर रहे थे। एक कॉमन फ्रेंड के जरिये दोनों की मुलाकात हुई थी। मनोज पहली ही नजर में सुष्मिता को दिल दे बैठे थे। उधर, सुष्मिता को मनोज जमीन से जुड़े इंसान लगे, जिससे वह भी उन्हें पसंद करने लगीं। मनोज के व्यस्त क्रिकेटर होने से दोनों की मुलाकातें तो बहुत नहीं हो पाती थीं, मगर दोनों रोजा फोन पर जरूर बतियाते थे और संदेश भी भेजते थे। प्रत्यक्ष मुलाकात न होने पर कभी-कभी सुष्मिता झुंझला भी जाती थीं, मगर इसके बावजूद लंबे अरसे तक दोनों का साथ बना रहा, जो अंततः शादी में बदल गया।

तीसरी मुलाकात के बाद श्रेयसी के सामने मुखर हुए डिंडा

22 जुलाई 2013 को अशोक डिंडा (29) ने अपनी गर्लफ्रेंड श्रेयसी रुद्र से कोलकाता के एक उपनगर में शादी कर ली। डिंडा की श्रेयसी से मुलाकात चार साल पहले एक मित्र के घर पर हुई थी। उनमें पहली नजर में प्यार नहीं हुआ। डिंडा ने खुद साक्षात्कारों में बताया है कि दूसरी मुलाकात कई साल बाद एक पार्टी में हुई। उस मुलाकात में उन्हें श्रेयसी अच्छी लगी थीं। तीसरी मुलाकात के बाद ंिडंडा ने एक मित्र से श्रेयसी का नंबर लिया और फिर दोनों एक-दूसरे के संपर्क में रहने लगे। शादी से करीब डेढ़ साल पहले डिंडा ने श्रेयसी को अपनी मां से मिलवाया था। श्रेयसी ने डिंडा को आसानी से हां नहीं कीं, लेकिन डिंडा के बार-बार के प्रयास के बाद वह मान गईं। श्रेयसी साफ्टवेयर इंजीनियर हैं।

लंबे समय तक “गुड फ्रेंड” कहते रहे बालाजी और प्रिया

लक्ष्मीपति बालाजी (31) ने 16 सितंबर 2013 को चेन्नई की एक मॉडल प्रिया थलूर (25) से शादी की। यह एक लव मैरिज थी। बालाजी और प्रिया काफी समय से एक-दूसरे को जानते थे और खाली समय साथ बिताते थे। दोनों को चेन्नई के सोशल सर्किल में काफी समय से देखा जा रहा था। आईपीएल के मैचों और पार्टियों में भी प्रिया दिखाई देती थीं। तब हमेशा की तरह दोनों ने एक-दूसरे को “जस्ट फ्रेंड” और “गुड फ्रेंड” कहा था। प्रिया थलूर चेन्नई बेस मॉडल हैं। प्रिया ने एमएससी तक पढ़ाई की है। वह पब्लिक रिलेशन कंसलटेंट का काम भी करती हैं। प्रिया सामाजिक कार्यों के लिए भी जानी जाती हैं। शादी से कुछ ही समय पहले उन्होंने अनाथ बच्चों की मदद के लिए मैराथन दौड़ में भी भाग लिया था।

पीयूष चावला ने पड़ोस में ही ढूंढ ली दुल्हन

लेग स्पिनर पीयूष चावला (24) 29 नवंबर 2013 को दूल्हा बन गए। चावला ने अपनी जीवनसंगिनी अपने पड़ोस में ही ढूंढी है। जी हां, पीयूष और अनुभूति पड़ोसी हैं। वे काफी समय से एक-दूसरे को जानते हैं और करीब दो साल पहले दोनों ने इस दोस्ती को रिश्ते में बदलने का निर्णय ले लिया था। अनूभूति के पिता स्वास्थ्य विभाग में अधिकारी है। अनुभूति ने एमबीए किया हुआ है और वह जनरल इलेक्ट्रिक (जीई) कंपनी के एचआर विभाग में काम करती हैं। पीयूष के घर वालों को भी अनुभूति शुरू से ही पसंद रही हैं।

माता-पिता ने तय किया रिश्ता करन और निधि का रिश्ता

आईपीएल में सनराइजर्स की तरफ से बढ़िया खेलकर भारतीय टीम में स्थान पाने वाले और रेलवे की रणजी टीम के सदस्य करन शर्मा भी 30 नवंबर 2013 में ही शादी के बंधन में बंध गए। मेरठ निवासी करन का रिश्ता उनके माता-पिता ने मेरठ की ही निधि शर्मा से तय किया था।

शमी ने भी प्रेमिका को बनाया अपनी जीवनसंगिनी

तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी (24) ने छह जून 2014 को अपनी महिला मित्र हसीन जहां को अपना जीवनसाथी बना लिया। शमी रहते तो कोलकाता में हैं, लेकिन मूल रूप से वे उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। हसीन जहां से शमी की पहली मुलाकात कुछ साल पहले आईपीएल के एक आयोजन के दौरान हुई थी।

बचपन की मित्र राधिका को अपनाया आंजिक्य रहाणे ने

26 सितंबर 2014 को ओपनर बल्लेबाज आंजिक्य रहाणे (26) ने मुंबई में राधिका के गले में वरमाला डालकर उन्हें अपना लिया। आंजिक्य और राधिका, दोनों ही मुंबई के मुलंड इलाके में रहते हैं और राधिका बचपन से ही आंजिक्य की मित्र हैं। दोनों के परिवार भी इस रिश्ते से राजी थे, इसलिए यह एक लव कम अरेंज मैरिज थी।