anushka-kohliआजकल विराट कोहली और अनुष्का शर्मा के प्रेम के किस्से भारत से लेकर इंग्लैंड तक खूब सुने जा रहे हैं। लेकिन साथ में विराट के क्रिकेट कॅरियर के सबसे बुरे दौर की भी बात हो रही है। इंग्लैंड के साथ खेले गए दो टेस्ट मैचों की चार पारियों में उनका स्कोर 1, 8, 25 और 0 रहा है। विराट खेल भी रहे हैं और अनुष्का से प्रेम भी कर रहे हैं। अनुष्का लंदन के उसी होटल में ठहरी हैं जहां भारतीय टीम टिकी है। विराट की विफलता के लिए लोग बहुत ज्यादा क्रिकेट खेलने समेत कई कारण गिना रहे हैं, मगर वास्तविक कारण कुछ और ही लग रहा है।
मानव व्यवहार के विशेषज्ञ किसी व्यक्ति की सफलता के प्रमुख कारणों में से एक कारण प्रेम या सेक्स ऊर्जा को भी मानते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार जो लोग अपने माता-पिता, भाई-बहन, पति-पत्नी या प्रेमी-प्रेमिका से दिल की गहराइयों से प्रेम करते हैं, उनकी किसी काम को करने की क्षमता उनकी सामान्य सीमा से अधिक हो जाती है। वे प्रिय की नजर में चढ़ने के लिए, प्रिय के मुख से प्रशंसा सुनने के लिए ज्यादा मजबूती से अपने काम को अंजाम देते हैं। वे ज्यादा चहके हुए और खुश होते हैं, जिससे उनकी क्षमता बढ़ जाती है।
प्रेम या सेक्स ऊर्जा में बहुत ताकत होती है। यह व्यक्ति से वो करा देती है, जो वह करने की सोच भी नहीं सकता। ऐसे व्यक्ति में एक अलग किस्म का बल आ जाता है जो प्रेम से विहीन व्यक्ति में नहीं होता है। अगर खेल के मैदान में किसी खिलाड़ी की प्रेमिका, पत्नी मौजूद हो, जिससे वह बेहद प्रेम करता है तो उस खिलाड़ी में ज्यादा जोश पैदा हो जाता है। अच्छा खेल दिखाने की उसकी इच्छा बेहद तीव्र हो जाती है। विशेषकर विपरीत सेक्स को प्रसन्न करने की इच्छा व्यक्ति में असीम बल पैदा करती है। अनेक लोगों ने प्रेम और सेक्स ऊर्जा को अपनी उपलब्धियों में तब्दील किया है। किसी विचारक ने कहा है कि सेक्स की इच्छा हमारी सभी भावनाओं में सबसे ज्यादा प्रबल होती है और सेक्स ऊर्जा में वो ताकत होती है जो किसी व्यक्ति को सामान्य से जीनियस बना देती है।
यदि ऐसा है तो फिर विराट कोहली को फायदा होना चाहिए था। उनका प्रदर्शन और आगे जाना चाहिए था। यहां तो नुकसान हो रहा है। जी हां, ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि सेक्स ऊर्जा उलटा असर भी करती है। यदि व्यक्ति इस ऊर्जा का फायदा न उठा पाए, यदि व्यक्ति सेक्स ऊर्जा का लाभार्थी तो हो, मगर उसका फोकस अपने काम यानी खेल पर न हो, यदि व्यक्ति का प्रेम उसे प्रेरित न कर पाए तो सेक्स ऊर्जा नुकसान भी करती है। हमारे सामने अनेक उदाहरण हैं जब लोगों ने किसी के प्रेम में खुद को बरबाद कर लिया यानी उनकी सेक्स ऊर्जा दूसरी ही दिशा में चली गई।
कुछ ही दिन पहले फुटबाल का विश्व कप खत्म हुआ है। फाइनल मेें जीत के बाद हमने देखा कि जर्मनी के लगभग सभी खिलाड़ियों की प्रेमिकाएं, पत्नियां और बच्चे वहां मौजूद थे। जीत के बाद खिलाड़ी अपने प्रियजनों को बाहों में भर रहे थे। चूम रहे थे। निश्चय ही सेक्स ऊर्जा ने वहां बहुत ही सकारात्मक असर डाला। प्रेमिका और पत्नी के साथ खिलाड़ी पूरे सुकून में थे और खिलाड़ियों का ध्यान अपने खेल पर दिखाई दिया।
दरअसल, खिलाड़ी का खेल पर फोकस इस बात पर निर्भर करता है कि अपने प्रेम के साथ उसका रिश्ता कितने सुकून में है। रिश्ते में सुकून होगा और अपने प्रेम के छिटकने का खतरा नहीं होगा तो खिलाड़ी को सहवास जैसे कामों की हड़बड़ी नहीं होगी। वह पहले खेल में जीतने की जीतोड़ कोशिश करेगा और फिर सहवास से जश्न मनाएगा। यदि वह खेल से पहले भी सहवास करेगा तो भी संतुष्ट होगा और खेल पर उसका पूरा ध्यान होगा, लेकिन अगर रिश्ते की गंभीरता में जरा भी कमी होगी या अभी रिश्ता परिपक्व होने की दिशा में बढ़ ही रहा होगा तो सहवास की हड़बड़ी, सहवास की सोच या सहवास न हो पाने की छटपटाहट खेल को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है।
इसके अलावा नए रिश्ते से जुड़ी पेचीदगियां भी खिलाड़ी का ध्यान भटका सकती हैं। नए जुड़े रिश्ते में प्रेमी या प्रेमिका को अपने साथी का ध्यान भी ज्यादा रखना पड़ता है। प्रेमी या प्रेमिका की एक-दूसरे की गतिविधियों, हरकतों पर नजर भी ज्यादा रहती है। छोटी-छोटी बातों को लेकर उनके मन में आशंका होती है कहीं गड़बड़ न हो जाए। परिपक्व या स्थायी हो चुके रिश्ते में अमूमन ऐसा नहीं होता।
खेल जगत में इस बात पर बड़ी बहस होती रही है कि विदेशी दौरे पर खिलाड़ियों के साथ पत्नियां और प्रेमिकाएं जाएं या नहीं। फुटबाल और कुछ अन्य खेलों में तो इस बात पर भी कि खेल से ठीक पहले खिलाड़ी का सहवास करना ठीक है या नहीं। कुछ कोच इसे ठीक नहीं मानते तो कुछ कोच इसमें कुछ गलत नहीं देखते। वास्तव में किसी एक सोच को सही या गलत नहीं ठहराया जा सकता, क्योंकि यह खिलाड़ी विशेष पर निर्भर करता है कि वह सेक्स ऊर्जा को अपनी ताकत बना पाता है या नहीं।
हम नहीं जानते कि विराट कोहली और अनुष्का शर्मा का रिश्ता किस मोड़ पर है। हम नहीं जानते कि यह केवल देह का रिश्ता है या इसमें कुछ गंभीरता भी है। हम नहीं जानते कि विराट कोहली की जिंदगी में अनुष्का पहली लड़की हैं या कई लड़कियों के बाद आई हैं। हम बहुत कुछ नहीं जानते पर इतना जरूर महसूस हो रहा है कि सेक्स ऊर्जा विराट पर उलटा असर कर रही है। यह खेल से उनका ध्यान हटा रही है। वे इस ऊर्जा का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। ऐसा पहले भी कई खिलाड़ियों के साथ हुआ है। क्रिकेट और हॉकी में भारतीय टीम के कई खिलाड़ियों का कॅरियर इस तरह के रिश्तों में बरबाद होते हमने आंखों से तो नहीं देखा पर सुना और पढ़ा जरूर है। देखते हैं कि विराट कोहली संभलते हैं या….।

बॉलीवुड में बनावट भी बहुत है

हम विराट और अनुष्का की प्रेम कहानी पर शक नहीं कर रहे, मगर इनसान में पाई जाने वाली बनावट और आडंबर बॉलीवुड में अपने उच्च स्तर पर पाए जाते हैं। वहां प्रेम दिखाने के लिए, स्टेटस के लिए भी होता है। यह चीज वहां बहुत पहले से है। साहिर लुधियानवी और अमृता प्रीतम की प्रेम कहानी के बारे में कहा जाता है कि यह अमृता की तरफ से एकतरफा प्रेम था। साहिर उन्हें प्रेम करने के बजाय दिखाने की चीज ज्यादा मानते थे। वे अमृता को अपने दोस्तों के बीच ले जाते थे और यह जाहिर करते थे कि देखो अमृता जैसी खूबसूरत और बुद्धिमान लड़की मुझ पर मरती है।