by– आचार्य साहिल

दंगों का भारत, जिम्मेदार कांग्रेस सपा भाजपा, सभी पार्टियाँ
👉1. कलकत्ता दंगा (1946)
सन 1946 में कलकत्ता में हुए इन दंगों को “डायरेक्ट एक्शन दिवस” के नाम से भी जाना जाता है. इसमें 4,000 लोगों ने अपनी जानें गंवाई थी, और 10,000 से भी ज़्यादा लोग घायल हुए थे. हिंदू-मुस्लिम समुदाय में होने वाली हिंसा के कारण यह दंगा हुआ
👉2- वाराणसी दंगा (1989)
वाराणसी को आस्था का शहर माना जाता है. इस पवित्र शहर में क्रमवार 1989, 1990 और 1992 में भयंकर दंगे हुए थे. यह दंगे मुख्यत: हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच पूजा विवाद के कारण हुए थे. इस हिंसा में सैकड़ों की लोगों की जानें गईं और सैकड़ों परिवार बेघर हुए.
👉3. भागलपुर दंगा (1989)
भागलपुर दंगा 1947 के बाद, भारतीय इतिहास के सबसे क्रूर दंगों में से एक था. यह दंगा अक्टूबर 1989 को भागलपुर में हुआ था. इसमें मुख्य रूप से हिन्दू और मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल थे. इसके कारण करीब 2000 से ज़्यादा निर्दोषों को अपनी जानें गंवानी पड़ी.
👉4. मुंबई दंगा (1992)
इस दंगे की मुख्य वजह बाबरी मस्जिद का विध्वंस था. इस हिंसा की शुरुआत दिसंबर में 1992 में हुई थी जो 1993 के जनवरी तक चली. इसमें अकेले मुम्बई में करीब 800 लोगों की जानें गईं जबकि पूरे देश में लगभग 3000 लोग मारे गए .
👉5. गुजरात दंगा (2002)
वैसे तो देश में कई दंगे हुए, लेकिन गुजरात दंगे को देश के सबसे भयंकर दंगे के रूप में देखा जाता है. इसकी शुरुआत 2002 में हुई थी, जब कारसेवक अयोध्या से गुजरात साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन से लौट रहे थे. इसी बीच कुछ असामाजिक तत्वों ने इस ट्रेन की कई बोगियों को गोधरा में जला दिया. इस घटना में 59 कारसेवकों की मौत हो गई. बाद में प्रतिकार के रूप में यह घटना एक बड़े दंगे के रूप में तब्दिल हो गयी, जिसमें करीब 2000 लोगों की जानें गईं और लाखों लोगों को बेघर होना पड़ा.
👉6. अलीगढ़ दंगा (2006)
अलीगढ़ को उत्तर प्रदेश का सांप्रदायिक दंगों से ग्रस्त शहर भी कहा जाता है. 5 अप्रैल 2006 को हिंदू और मुसलमानों के बीच बहुत हिंसक दंगा हुआ. यहां अकसर इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं न जाने कितने लोग यहाँ दंगों की भेंट चढ़ चुके हैं।
👉7. देगंगा दंगा (2010) दर्जनों लोगों की मौत हुई।
👉8. 14 अप्रैल 1987 को मेरठ के मलियाना फसाद में 73 लोग मारे गये थे।
👉9. कांग्रेसी सीएम मेरठ के हाशिमपुरा गांव के 50 मुसलमानों को पीएसी जवानों द्वारा अगवा करके हत्या कर लाश नहर में फेंकवा दिया था
👉10. मुजफ्फरपुर दंगा सैकड़ों की मौत हुई
👉11. असम दंगा (2012)
यह दंगा असम के कोकराझार में रह रहे बोडो जनजाती और बांग्लादेशी घुसपैठियों के बीच हुआ था. इस दंगे में करीब 80 लोगों की मौत हुई और लाखों लोग बेघर हुए. यह मानव इतिहास का सबसे भयावह दंगा है.
👉12. मुज़फ्फरनगर दंगा (2013)
उत्तरप्रदेश में कई ऐसे जिले हैं जो मुस्लिम बहुल हैं. मुज़फ्फरनगर उन्हीं जिलों में से एक है. 2013 में हिंदू और मुसलमान समुदाय के बीच भयानक दंगा हुआ जिसमें 63 लोगों की जानें गईं और 200 लोग घायल हुए 60000 लोग बेघर हुए, इसके अलावा
👉13. विभाजन के दंगे (सन 1947) जिसमें हजारों लोग मारे गए, और आज भी मुस्लिमों को दाढ़ी टोपी मांस का इल्जाम लगाकर मार दिया जाता है,
👉14 दिल्ली हिंसा में भी मस्जिद मदरसा मज़ार को जला डाला गया 50 मुस्लिम भाईयों और बहनों को मार डाला गया,
15. रामनाद दंगे (सन 1957) हजारों लोगों की जान गई,
👉16 मध्य प्रदेश के मंदसौर में हिन्दू संघटन ने मुस्लिम घरों को लुटा व आग लगा दी और मस्जिद में तोड़ फोड़ भी की, अब सभी मुस्लिम भाई बहन ध्यान लगाकर सोचिये की हिन्दुओं ने सन 1984 में सिखों का हजारों की संख्या में नरसंहार किया था उसके बाद सिखों ने अपनी कम्यूनिटी को इतना मजबूत बना लिया की सिखों को लिंच करना तो दूर कोई भी संगठन गाली गलौच करके तो दिखाये, और दुसरी तरफ मुसलमान है, सैकड़ों दंगो मे लाखों के कत्ले-आम के बाद भी समझ नहीं पा रहा है की कौन दुश्मन हैं,और दोस्त और आपको क्या करना है… ? ? ?