by — अपूर्व भारद्वाज

बाल ठाकरे भारत की हिन्दूत्व वादी विचारधारा के सबसे आक्रमक चेहरा थे उन्हें हिंदुत्व के कट्टरपंथी समर्थक “हिन्दू हृदय सम्राट” कहकर बुलाते थे और यह उपाधी प्राप्त करने वाले वो पहले राजनेता बने थे बाला ठाकरे का ऐसा जलवा है कि आज नरेन्द्र मोदी के तमाम हिंदूवादी दावे के बाद भी महाराष्ट्र में उन्हें हिन्दू हृदय सम्राट नही कहा जाता है

2002 के गुजरात दंगों के बाद देश की राजनीति में हिंदुत्व के दो ही चेहरे थे एक थे बाल ठाकरे और दूसरे नरेन्द्र मोदी, ठाकरे अपने ढलान पर थे और मोदी अपने उफान पर थे ठाकरे की बढ़ती उम्र के कारण देश की हिंदी और पश्चिम पट्टी में नरेंद्र मोदी ने बहुत जल्दी इस स्पेस को भरने का काम किया और इसमें साथ दिया कारपोरेट पोषित दोगले पत्रकारों ने जिन्होंने हिंदुत्व जैसे उदार धर्म को कट्टरपंथी मोदीत्व कह कर ब्रांड मोदी को भारतीय राजनीति में लांच कर दिया

2002 के बाद मोदी के समर्थकों ने शिवाजी महाराज से लेकर पटेल तक का संघीकरण का प्रयास किया यँहा तक कि महात्मा गाँधी को भी संघ ने अपना लिया,संघ छत्रपति शिवाजी को शुरू से कट्टर हिन्दू का नायक बनाकर पेश करते है लेकिन वो भूल जाते है शिवाजी महाराज सभी धर्मों का सम्‍मान करते थे शिवाजी महाराज ने अपनी राजधानी रायगढ़ में अपने महल के ठीक सामने मुस्लिम श्रद्धालुओं के लिए एक मस्जिद का ठीक उसी तरह निर्माण करवाया था जिस तरह से उन्होंने अपनी पूजा के लिए जगदीश्वर मंदिर बनवाया था उनकी नौसेना की कमान सिद्दी संबल के हाथों में थी जब छत्रपति शिवाजी आगरा के किले में नजरबंद थे तब कैद से निकल भागने में जिन दो व्‍यक्तियों ने उनकी मदद की थी उनमें से एक मदारी मेहतर मुसलमान थे

मोदी शुरू से जानते थे कि शिवसेना का असली हिन्दुत्व उन पर भारी है इसलिए वो महाराष्ट्र में ठाकरे परिवार का गुणगान से परहेज करते रहे उन्होंने इस पार्टी को गुंडों की पार्टी तक कह डाला था उन्होंने शिवसेना के असली हिंदूत्व को मिटाने का भरपूर प्रयास किया लेकिन शिवाजी महाराज के सेवक उध्दव और आदित्य ने उनका खेल पलट दिया और पूरे महाराष्ट्र को असली हिंदुत्व का चेहरा दिया

मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब अटलजी ने उन्हें राजधर्म का पाठ पढ़ाया था लेकिन मोदी शुरू से ही गुजरात को हिंदुत्व की प्रयोगशाला के तौर पर देखते रहे उन्होंने 10 सालो में गुजरात मे हिंदुइज्म को मोदीइज्म बना डाला उन्होंने लोगो को सनातन उदार हिन्दू धर्म के असली विचार से दूर कर दिया

2019 में जब उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री का पद संभाला था तब लोग उन्हें कमजोर औऱ ढीला मुख्यमंत्री समझ रहे थे औऱ कुछ लोगो ने तो उन्हें पवार के हाथ का खिलौना तक कह दिया था लेकिन एक अनिच्छुक राजनेता से, उद्धव ठाकरे कोरोना खिलाफ लड़ाई में एक जननेता के रूप में उभरे हैं

सच्चा हिंदुत्व आपको शांति और उदारता सिखाता है आज की स्थिति में, उद्धव महाराष्ट्र के लिए सबसे अच्छे मुखिया हैं, क्योंकि वह अपने साथ एक शांत ऊर्जा और एक नया दृष्टिकोण लेकर आए हैं वो मजदूरों से लेकर अल्पसंख्यक का भरोसा जीत रहे है वो लगातार फेसबुक पर लाइव होकर लोगो की समस्या सुन रहे है उनसे व्यक्तिगत संवाद कर रहे है

कल पालघर की शर्मनाक घटना के बाद जिस तरह से उन्हीने अफवाह और मीडिया को नियंत्रण किया है वो तारीफ के काबिल है उन्होंने आक्रमक होकर जिस तरह से आपराधियों पर कठोर कार्यवाही की है वो यह बताता है कि राजा का धर्म केवल जनता की रक्षा और सेवा करना होता है

शिवाजी महाराज को जनता का राजा कहा जाता था भारत के असली हिन्दू हृदय सम्राट वो ही थे जो सभी धर्मों का सम्मान करते थे और जनता को ही उनका परिवार मानते थे आज उद्धव ठाकरे को एक ऐसे पारिवारिक व्यक्ति के रूप में हैं, जो लोगों को उस प्रेम और शांति से इस संकट से बाहर निकाल रहा है।

उध्दव ठाकरे के इस राजनीति से महाराष्ट्र को एक और जनता का राजा मिल गया है और सच्चे हिन्दुओ के उनका असली “हिन्दू हृदय सम्राट “👍👍👍🎯🎯🎯