by -सिकंदर हयात

Shadab Salim19 June at 19:51शशि थरूर पर औरतें क्यों फ़िदा होती है?
यह इस सदी का रहस्मयी प्रश्न है बिल्कुल जैसे प्लास्टिक का अल्टरनेट क्या है?कैंसर का इलाज क्या है?
इस प्रश्न को हल करने वाले को केमिस्ट्री का नोबेल भी दिया जा सकता है।अगर आप इस प्रश्न को हल कर दे तो नोबेल समिति को आपके नाम का एक आवेदन दे आऊंगा।
शादाब सलीम~ ———————– Sikander Hayat
21 June at 22:24 ·
शशि थरूर पर औरतें क्यों फ़िदा होती है?——————————– बाकी तो बहुत सारी खूबी हे ही शशि थुरूर में मगर साथ ही ये भी की की एक ऐसा व्यक्ति जिसका खुद का परिवार छोटा हो घर में कम लोग हो minimum लेकिन सोशल सर्किल बड़ा हो तो ऐसे मर्दो को महिलाये बेहद पसंद करती हे उन्हें सोशल स्टेटस सबसे अधिक पसंद आता हे ज़रा याद कीजिये दो सबसे अधिक लोगो और महिलाओ द्वारा देखि गयी फिल्मे दिल वाले दुल्हनिया ले जाएंगे और हम आपके हे कौन इन दोनों फिल्मो में हीरो का खुद का परिवार छोटातर ( कम से कम ) था न सास न ननद etc और सोशल सर्किल बड़ा था ये महिलाये बहुत पसंद करती हे नतीजा लाखो परिवार बर्बाद करवाए होंगे इन दो फिल्मो ने क्योकि भारत में यहाँ आम तौर पर उल्ट होता हे बहुत से लोग महिलाओ को पेसो से इम्प्रेस होने वाली समझते हे ये सच नहीं हे पेसो से भी पेसो से जुडी ऐश अय्याशीयो से भी अधिक उन्हें सोशल रुतबा पसंद आता हे ये एक कमजोरी का भी सिम्बल हो सकता हे जैसे में हु में मानसिक रूप से इमोशनली बेहद टफ हु मज़बूत हु तो मुझे सोशल स्टेटस की कोई चाह नहीं हे ———- ?
सलमान का मामला देख लीजिये सोशल सर्किल भी बड़ा लेकिन परिवार भी बड़ा फिर —— ? शाहरुख़ बेहद सफल वैवाहिक जीवन परिवार ना के बराबर और सोशल सर्किल बड़ा ———–मेरा एक दोस्त था इतना काबिल की नोबेल विजेता लोगो के टच में रहता था देखने में भी सही यूरोप में नौकरी और शादी की बात भी पचीस में ही चलने लगी बहुत अच्छी लड़किया उसके लिए देखि गयी मगर कई जगह इंकार में हुआ मेने उसके केस की ” फाइल ” मंगाई अध्ययन किया तो पाया की वो बहुत बड़े परिवार से था इसी कारण कई स्मार्ट महिला शादी को रेडी नहीं हुई जबकि वो उन लड़कियों और उनके परिवार वालो से बहुत है प्रोफ़ाइल ही होगा . जब सलमान खान ना बच सका तो कोई और किस खेत की मूली हे महिलाओ को सोशल स्टेटस चाहिए होता हे उस स्टेटस का सोशल सर्किल चाहिए होता हे मगर अपने घर में लोग नहीं चाहिए होते हे जैसे मर्द घर के बाहर सत्ता का बटवारा करने को तैयार नहीं होता सत्ता छोड़िये सोशल मिडिया पर देखिये लोग अपने लाइक्स तक के बटवारे को रेडी नहीं होते हे इस बात का पूरा ध्यान रखते हे तो खेर महिलाये घर में सत्ता के बटवारे को रेडी नहीं होती हे – हलाकि कोई ऐसी दुखी होने की बात नहीं हे बड़े परिवार का अपना मज़ा होता हे बाकी कुदरत का ईश्वर का बनाया कानून हे की कभी किसी को मुक़्क़मल जहा नहीं मिलता चाहे जो कर लो मुक़्क़मल जहाँ नहीं मिलेगा एक हमारे परिचित थे शशि थुरूर की तरह बेहद हेंडसम और काबिल परिवार छोटा सोशल सर्किल बड़ा उनके लिए कोई बहुत खूबसूरत लड़की की तलाश शुरू हुई अंत में वो बेहद खूबसूरत लड़की तो मिली मगर बेहद खूबसूरत लड़की नेचुरल हे की कमउम्र भी होगी आम तौर पर ।अब वो हो गए उसके दीवाने अब सोचिये कम उम्र में इंसान बेहद खूबसूरत और मुर्ख भी होता हे और जब आप एक मुर्ख के पाश में होंगे तो कुछ ऊंच नीच भी हो सकती हे छोटे परिवार में लोग भी नहीं जो आपको बचा सके वो खूबसूरत उन्हें उनके प्रिय इलाके से हटाकर अपने इलाके में ले गयी जहा उनका मन नहीं लगा कुछ साल बाद बीमार हो गए उनकी डेथ हो गयी जाते जाते वो अपनी कज़िन से कह गए भाई इधर शादी मत करियो कोई अपनी तरफ ही करियो , क्या कर सकते हे कभी किसी को मुक़्क़मल नहीं मिलेगा——————————————————————————————Varsha to सिकंदर हयात
कितनी रिसर्च करते है आदमी कि औरते किन मर्दों को पसंद करती है ,
कया वो सच मे नही जानते या जानकर अनजान बनते है कयोकि वो जो औरत चाहती है वो देना उनके लिए मुशकिल है
ख़ैर मै आपके द्वारा कही गई बातो से सहमत नही हूँ
एक औरत को रिश्ते विश्वास चाहिए,
सम्मान चाहिए पुरूष से और उसके सम्मान की रक्षा करने वाला भी दूसरों से
प्यार उसके भी बाद आता औरत की चाहतों मे ,
पर ये देना हर पुरूष के बसकी बात नही होती ,
इसलिए औरतों की नियत ख़राब है ऐसा मान कर वो उन पर ही कई तरीक़े के आरोप मढ़ देते है जैसे कि आपने कहा -उनहे रूतबा चाहिए ,छोटापरिवार चाहिए,
नही जनाब एकऔरत को इनमें से कुछ नही चाहिए होता , उसे बस सम्मान देने और दिलवाने वाला पुरूष साथी चाहिए होता है ना कि ग़ुलाम समझने वाला शौहर ।
लगता है काफ़ी रिसर्च किए हो इस विषय पर हयात जी पर मुकम्मल नही है आपकी रिसर्च ,
लिहाज़ा आपको डाक्टरेट की उपाधि नही दी जाती
आपकी थिसिस को वापस किया जाता है आप दुबारा रिसर्च करे ।

सिकंदर हयात to Varsha • ———————-एक और फाइल पढ़ते हे भारत का सबसे हिट और लम्बा सीरियल हे तारक मेहता जिसमे कई सारे खुशहाल परिवार दिखाए गए हे माशाल्लाह लेकिन गौर करे की उसमे सभी महिलाओ के लिए सोशल सर्किल बड़ा दिखाया गया हे और परिवार छोटातर यानी सबमे में मर्द की तरफ की फेमली या तो मिनिमम हे या फिर गायब ही हे सास ससुर ननद देवर सब गायब हे ———– ?
महिलाओ को ऐश अय्याशीयो की मर्दो की तरह बेलगाम हवस नहीं होती हे उनको सोशल सर्किल चाहिए होता हे बड़ा , अब जब ये समाज ही धन सम्प्पति रुतबे पद वालो के ही पीछे भागता हे न की भले लोगो के तो फिर सबसे बड़ा सोशल सर्किल धन सम्पाती रुतबे पद वालो का हो सकता हे शशि थुरूर तो आदमी भी ठीक हे लेखक सुसंस्कारत भी हे ऊपर से पद रुतबा हे उसके आस पास कोई घर का सदस्य भी नहीं दीखता हे ऐसे लगता हे की थुरूर किसी अंडे से निकले हो या झाड़ से टपके हो कोई परिवार नहीं दीखता यानी एक ऐसी ऐसी बड़ी रियासत या संपति जिसका कोई दावेदार साझीदार न हो औरते उन पर इसलिए इतनी फ़िदा रहती हे मर्द भी यही करते ऐसी” रियासत ” के प्रति , अब नेचुरल हे की महिलाय इसी समाज का हिस्सा हे तो वो ऐसे मर्दो की चाह रखती हे कल को ये समाज लेखकों कलाकारों समाजसेवकों विचारको के पीछे भागने लगेगा तो महिलाये भी ऐसे मर्दो को पसंद करने लगेगी मर्द जब हर समय सत्ता के पीछे भागना साज़िश बंद कर देगा तो महिलाये भी ऐसे घर को पसंद करने लगेगी जहा सत्ता और भी महिलाओ के हाथ में हो आज का समय तो ऐसा हे की सत्ता का बटवारा तो छोड़िये लोग तो लाइक्स क्लिक तक का बटवारा बर्दाश्त नहीं करते हे मेने बनिस्पत भले लोगो तक को साज़िशे करते देखा हे ऐसे भयंकर हालात में औरते ही भला क्यों देवी होंगी —— ? वो भी इंसान हे इसी समाज का पार्ट हे आपने जो कहा वो भी सच हे जो मेने कहा वो भी सच हे ये सब चलता रहेगा सुधार की कोशिश जारी रहेगी आपके भी मुँह से निकल जाता होगा ना कभी कभी की ” अरे जमाना बड़ा खराब हे ” औरते भी इसी ज़माने का हिस्सा हे कुछ स्पेशल नहीं हे सब इंसान ही होते हे मेरे लिखने से मुराद ये होती हे की लोग सबको खराब ना माने उनको समझे हालात को समझे फिर भी कुछ बुरा हो भी जाए तो मरना मारना हत्या आत्महत्या मेल फीमेल देवदास ना बने फिर से जिंदगी शुरू करे हालात को अगर हम समझ लेंगे तो हालात के जोर के झटके धीरे से लगेंगे पिछले सालो में 14 बड़े अफसर तक वैवाहिक विवादों से आत्महत्या कर चुके हे जब बादशाहो का ये हाल हे तो जनता की क्या बिसात ——— ? विवाह sex-प्रेम- संबंधो की उठापठक उथल पुथल से लोग जान दे रहे हे एक बहुत बड़ी तादाद मानसिक रोगियों की हो रही हे में देखता हु मेरे लिखने का मकसद लोगो की जान बचाना हे हालात को समझेंगे तभी बचाव की रणनीति बन सकेगी
sikander hayat 9971712174