देश को धार्मिक बाबाओ से बचाओ !!! – EPISODE #7

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  1. सिकंदर हयात

    राखी सावंत और मरीना कुंवर ने जो राम रहीम के किस्से बयान किये हे उसमे उन्होंने कहा हे की अकेले में उन्हें वो किसी दरिंदे जैसा लगता था यही नहीं ये दरिंदा अपना वजन कम करके हैंडसम भी दिखना चाहता था अब जेल में उसकी वजन छह किलो घट चूका हे आगे और घटेगा और तरह तरह की चर्बी भी छटेगी कौन जाने जेल से जब वो बाहर निकले तो वो भी यही कहे ” जेल जीवन को शुक्रिया कहा था एक अरबपति ने रूस के एक अरबपति तेल व्यापारी ने कुछ साल पहले जेल जीवन भोगा और बाहर आकर जेल की सलाखों को नमन किया कारण की जेल ने ही उन्हें ”संपत्ति की कैद ” से मुक्त कराया मिखाइल खोदोकोवोर्स्की रूस की बड़ी तेल कंपनी युकोज़ के संस्थापक और मुख कार्यकारी अधिकारी रहे व्यवसयिक टकराव और राज़नीति के कारण उन्हें जेल जाना पड़ा था लेकिन तब जेल से बाहर आकर मिखाइल ने लिखा था की ” कारागार और कैदियो का भी अज़ब मामला हे उन्ही जाने अनजाने बंदियों की तर्ज़ पर में भी जेल को धन्यवाद देना चाहता हु गहन चिंतन मनन के लिए मुझे यहाँ महीनो का वक्त मिला और इसी समय में मेने जेल जीवन के विविध पहलुओ पर फिर फिर सोचा . में इस बात को पहले ही जान चूका था की संपत्ति खास तौर से अकूत सम्पत्ति अपने आप में व्यक्ति को सव्छ्न्दता की हद तक मुक्त नहीं कर सकती युकोज़ का सहस्वामी होने के नाते इस सम्पत्ति को बचाय रखने के लिए मुझे कई जतन करने पड़े . सम्पत्ति पर किसी तरह की आंच न आये इसके लिए मुझे खुद को कई बार दायरे में ही समेटना पड़ा . मेने बहुत सी बाते कहना बंद कर दिया . क्योकि लगतार और धड़ाधड़ बोलते जाने से मेरी सम्पत्ति को नुक्सान हो सकता था कई चीज़े देखते हुए भी मुझे अपनी आँखे बंद करनी पड़ी यह सब मेने अपनी सम्पत्ति को बचाय रखने और उसमे श्रीवर्द्धि के लिए किया मेने अपनी जायदाद पर नियंत्रण किया और उसने मुझ पर . —
    लिहाज़ा में आज की पीढ़ी को चेताना चाहता हु क्योकि कल इसी के हाथ में शक्ति और सत्ता होगी -उनलोगो से नहीं जलना चाहिए जिनके पास अच्छी खासी सम्पत्ति हे .यह मत सोचो की उनका जीवन सहज और आरामदायक हे बेशक सम्पत्ति नै सम्भावनाय पैदा करती हे मगर यह इंसान की रचनातमक शक्ति को भी अपंग बना देती हे यह व्यक्तित्व में भी खामी पैदा कर देती यह एक कुरुर तानाशाही हे सम्पत्ति की तानाशाही .अब में बदल गया हु अब में एक सामान्य इंसान होता जा रहा हु जिसके लिए कुछ पाने या हासिल करने से ज़्यादा जरुरी हे सुकून से जिन अब संघर्ष सम्पत्ति के लिए नहीं हे अपने लिए हे निज के अधिकार के लिए हे इस संघर्ष में लोकप्रियता का ग्राफ अधिकारियो से सम्बन्ध और जनसंपर्क के टोटके महत्वपूर्ण नहीं हे जिसका महत्व हे वह हे स्वंय आप . महत्व हे आपकी भावनाव विचारो प्रतिभा इच्छा बुद्धि और आस्था का . और बेशक सिर्फ यही एक संभाव्य और सही चुनाव हे यानी आज़ादी का चुनाव .( हिंदुस्तान अखबार से साभार ) ”

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