वह गुमनाम पत्र जिसने राम रहीम को फंसाया !

Category: राष्ट्रीय 1050 views 2

यह चिट्ठी 13 मई 2002 को तत्कालीन पीएम अटल बिहारी वाजपेयी को लिखी गई थी। इस खत में एक लड़की ने सिरसा डेरा सच्चा सौदा में गुरु राम रहीम के हाथों अपने यौन शोषण का वाकया बताया था।

सेवा में,

माननीय प्रधानमंत्री महोदय जी

श्री अटल बिहारी वाजपेयी, भारत सरकार

विषय : डेरे के महाराज द्वारा सैकड़ों लड़कियों से बलात्कार की जांच करें।
श्रीमान जी,

यह है कि मैं पंजाब की रहने वाली हूं और अब पांच साल से डेरा सच्चा सौदा सिरसा, हरियाणा (धन-धन सतगुरु तेरा ही आसरा) में साधु लड़की के रूप में सेवा कर रही हूं। मेरे साथ यहां सैकड़ों लड़कियां भी डेरे में 18-18 घंटे सेवा करती हैं। हमारा यहां शारीरिक शोषण किया जा रहा है। साथ में डेरे के महाराज गुरमीत सिंह द्वारा योनिक शोषण (बलात्कार) किया जा रहा है। मैं बीए पास लड़की हूं। मेरे परिवार के सदस्य महाराज के अंध श्रद्धालु हैं जिनकी प्रेरणा से मैं डेरे में साधु बनी थी। साधु बनने के दो साल बाद एक दिन महाराज गुरमीत की परम शिष्या साधु गुरुजोत ने रात के 10 बजे मुझे बताया कि आपको पिता जी ने गुफा (महाराज के रहने का स्थान) में बुलाया है। मैं क्योंकि पहली बार वहां जा रही थी, मैं बहुत खुश थी। यह जानकर कि आज खुद परमात्मा ने मुझे बुलाया है। गुफा में ऊपर जाकर जब मैंने देखा महाराज बेड पर बैठे हैं। हाथ में रिमोट है, सामने टीवी पर ब्लू फिल्म चल रही है। बेड पर सिरहाने की ओर रिवॉल्वर रखा हुआ है। मैं यह सब देखकर हैरान रह गई। मुझे चक्कर आने लगे। मेरे पांव के नीचे की जमीन खिसक गई। यह क्या हो रहा है। महाराज ऐसे होंगे? ऐसा मैंने सपने में भी नहीं सोचा था। महाराज ने टीवी को बंद किया व मुझे साथ बिठाकर पानी पिलाया और कहा कि मैंने तुम्हें अपनी खास प्यारी समझकर बुलाया है। मेरा यह पहला दिन था। महाराज ने मेरे को बांहों में लेते हुए कहा कि हम तुझे दिल से चाहते हैं। तुम्हारे साथ प्यार करना चाहते हैं क्योंकि तुमने हमारे साथ साधु बनते वक्त तन-मन-धन सब सतगुरु के अर्पण करने को कहा था। तो अब ये तन-मन हमारा है। मेरे विरोध करने पर उन्होंने कहा कि इसमें कोई शक नहीं हम ही खुदा हैं। जब मैंने पूछा कि क्या यह खुदा का काम है तो उन्होंने कहा –

1 – श्री कृष्ण भगवान थे, उनके यहां 360 गोपियां थीं जिनसे वह हर रोज प्रेम लीला करते थे। फिर भी लोग उन्हें परमात्मा मानते हैं, यह कोई नई बात नहीं है।

2 – यह है कि हम चाहें तो इस रिवॉल्वर से तुम्हारे प्राण पखेरू उड़ाकर दाह संस्कार कर सकते हैं। तुम्हारे घरवाले इस प्रकार से हमारे पर विश्वास करते हैं व हमारे गुलाम हैं। वह हमारे से बाहर जा नहीं सकते। यह तुमको अच्छे से पता है।

3 – यह कि हमारी सरकार में बहुत चलती है। हरियाणा व पंजाब के मुख्यमंत्री, पंजाब के केंद्रीय मंत्री हमारे चरण छूते हैं। राजनीतिज्ञ हमसे समर्थन लेते हैं, पैसा लेते हैं और हमारे खिलाफ कभी नहीं जाएंगे। हम तुम्हारे परिवार के नौकरी लगे सदस्यों को बर्खास्त करवा देंगे। सभी सदस्यों को अपने सेवादारों (गुडों) से मरवा देंगे। सबूत भी नहीं छोड़ेंगे। यह तुम्हें अच्छी तरह पता है कि हमने गुंडों से पहले भी डेरे के प्रबंधक फकीर चंद को खत्म करवा दिया था जिनका अता-पता तक नहीं है। ना ही कोई सबूत बकाया है। जो कि पैसे के बल पर हम राजनीतिक व पुलिस और न्याय को खरीद लेंगे

इस तरह मेरे साथ मुंह काला किया और पिछले तीन मास में 20-30 दिन बाद किया जा रहा है। आज मुझको पता चला कि मेरे से पहले जो लड़कियां रहती थीं, उन सबके साथ मुंह काला किया गया है। डेरे में मौजूद 35-40 साधु लड़की 35-40 वर्ष की उम्र से अधिक हैं जो शादी की उम्र से निकल चुकी हैं। जिन्होंने परिस्थितियों से समझौता कर लिया है। इनमें ज्यादातर लड़कियां बीए, एमए, बीएड, एमफिल पास हैं मगर घरवालों के अंधविश्वासी होने के कारण नरक का जीवन जी रही हैं।

हमें सफेद कपड़े पहनना, सिर पर चुन्नी रखना, किसी आदमी की तरफ आंख न उठाकर देखना, आदमी से 5-10 फुट की दूरी पर रहना महाराज का आदेश है लेकिन दिखाने में देवी हैं मगर हमारी हालत वेश्याओं जैसी है। मैंने एक बार अपने परिवारवालों को बताया कि डेरे में सबकुछ ठीक नहीं है तो मेरे घर वाले गुस्से में होते हुए कहने लगे कि अगर भगवान के पास रहते हुए ठीक नहीं है तो ठीक कहां है। तेरे मन में बुरे विचार आने लग गए हैं। सतगुरु का सिमरण किया कर। मैं मजबूर हूं। यहां सतगुरु का आदेश मानना पड़ता है। यहां कोई भी दो लड़कियां आपस में बात नहीं कर सकतीं। घरवालों को टेलिफोन मिलाकर बात नहीं कर सकतीं। घरवालों का हमारे नाम फोन आए तो हमें बात करने का महाराज के आदेशानुसार हुक्म नहीं है। यदि कोई लड़की डेरे की इस सच्चाई के बारे में बात करती है तो महाराज का हुक्म है कि उसका मुंह बंद कर दो। पिछले दिनों बठिण्डा की लड़की साधु ने जब महाराज की काली करतूतों का सभी लड़कियों के सामने खुलासा किया तो कई साधु लड़कियों ने मिलकर उसे पीटा। जो आज भी घर पर इस मार के कारण बिस्तर पर पड़ी है। जिसका पिता ने सेवादारों से नाम कटवाकर चुपचाप घर बैठा दिया है। जो चाहते हुए भी बदनामी और महाराज के डर से किसी को कुछ नहीं बता रही।

एक कुरुक्षेत्र जिले की एक साधु लड़की जो घर आ गई है, उसने अपने घर वालों को सब कुछ सच बता दिया है। उसका भाई बड़ा सेवादार था, जो कि सेवा छोड़कर डेरे से नाता तोड़ चुका है। संगरूर जिले की एक लड़की जिसने घर आकर पड़ोसियों को डेरे की काली करतूतों के बारे में बताया तो डेरे के सेवादार / गुंडे बंदूकों से लैस लड़की के घर आ गए। घर के अंदर से कुंडी लगाकर जान से मारने की धमकी दी व भविष्य में किसी से कुछ भी नहीं बताने को कहा। इसी प्रकार कई लड़कियां जैसे कि जिला मानसा (पंजाब), फिरोजपुर, पटियाला, लुधियाना की हैं। जो घर जाकर भी चुप हैं क्योंकि उन्हें जान का खतरा है। इसी प्रकार जिला सिरसा, हिसार, फतेहबाद, हनुमान गढ़, मेरठ की कई लड़कियां जो कि डेरे की गुंडागर्दी के आगे कुछ नहीं बोल रहीं।

अत: आपसे अनुरोध है कि इन सब लड़कियों के साथ-साथ मुझे भी मेरे परिवार के साथ जान से मार दिया जाएगा अगर मैं इसमें अपना नाम-पता लिखूंगी। क्योंकि मैं चुप नहीं रह सकती और ना ही मरना चाहती हूं। जनता के सामने सच्चाई लाना चाहती हूं। अगर आप प्रेस के माध्यम से किसी भी एजेंसी से जांच करवाएं तो डेरे में मौजूद 40-45 लड़कियां जो कि भय और डर में हैं। पूरा विश्वास दिलाने के बाद सच्चाई बताने को तैयार हैं। हमारा डॉक्टरी मुआयना किया जाए ताकि हमारे अभिभावकों व आपको पता चल जाएगा कि हम कुमारी देवी साधु हैं या नहीं। अगर नहीं तो किसी के द्वारा बर्बाद हुई हैं। ये बता देंगे कि महाराज गुरमीत राम रहीम सिंह जी, संत डेरा सच्चा सौदा के द्वारा तबाह की गई हैं।

– प्रार्थी

एक निर्दोष जलालत का जीवन जीने को मजबूर (डेरा सच्चा सौदा सिरसा)

Related Articles

2 thoughts on “वह गुमनाम पत्र जिसने राम रहीम को फंसाया !

  1. सिकंदर हयात

    इसमें ” ज़ाहिल बहनो ” को भी जोड़ लेना चाहिए ————- फिल्म मुझे भी पसंद थी मगर इन बहनो की ज़हालत के कारण फिल्म से भी नफरत हो गयी हे ————————————— Sheetal P Singh shared Vijay Kumar’s post.48 mins · Vijay Kumar1 hr · अभिजीत?सोनू निगम?अक्षय कुमार?देवगन परिवार?बच्चन परिवार?अशोक पंडित?मधुर भंडारकर?अनुपम खेर ?कोई कल के हरियाणा विकास दर्शन पे कुछ नही बोला,,,,यहाँ तक कि हरियाणा के सहवाग और रणदीप हुड्डा भी नही बोले,,,दिल्ली वाले गौतम गंभीर भी चुप हैं ,,,,,क्यो भाई हरियाणा देश नही है क्या ?कुछ तो बोलो बे देशभक्ति के छिलकों,,,—————————————Himanshu Kumar
    11 mins · मुसलमानों से तुम चिढते हो ,
    मेहनत करने वालों को भंगी, चमार कह कर तुम गरियाते हो ,
    आदिवासियों को तुम नक्सली कहते हो ,
    पूरी मजदूरी मांगने वालों को तुम कम्युनिस्ट कह कर उन्हें रगड़ने के लिये हुंकारें भरते रहते हो .
    औरतों की बराबरी के तुम खिलाफ बकते रहते हो .
    तुम्हारे सपनों के हिन्दू राष्ट्र में रह कौन सकेगा ये तो बता दो एक बार यार ?Himanshu Kumar
    17 hrs · Vadodara ·
    बलात्कारी बाबा राम रहीम के पक्ष में भाजपा के सांसद साक्षी महाराज ने कहा है कि एक लडकी कैसे सही हो सकती है ?
    करोड़ों लोग कैसे गलत हो सकते हैं ?
    उनके इस बयान पर आपको आश्चर्य होगा लेकिन मुझे बिलकुल नहीं है,
    भाजपा का यह पुराना स्टैंड है,
    इस विषय में मेरा व्यक्तिगत अनुभव है,
    एक बार छत्तीसगढ़ में सामसेट्टी गाँव की चार लडकियां मेरे पास आयीं,
    उन लड़कियों ने बताया कि उनके साथ पुलिस वालों और भाजपा के नेताओं ने घर में घुस कर सामूहिक बलात्कार किया था,
    हमने थाने में शिकायत दर्ज़ करवाने की कोशिश करी,
    लेकिन बलात्कारी तो थाने में ही बैठे थे,
    लड़कियों की शिकायत नहीं लिखी गई,
    हमने पुलिस अधीक्षक को रजिस्टर्ड पोस्ट से शिकायत भेजी,
    एसपी ने कोई जवाब नहीं दिया,
    हमने कोर्ट में मुकदमा दायर कर दिया,
    सुकमा अदालत में जज के सामने लड़कियों और चश्मदीद गवाहों के बयान दर्ज़ हुए,
    आरोपी पुलिस वालों और भाजपा नेताओं के खिलाफ वारंट जारी हो गये,
    लेकिन पुलिस ने कोर्ट में कहा कि यह आरोपी हमें मिल नहीं रहे,
    जबकि सभी आरोपी मजे से पुलिस थानों में रह रहे थे,
    नए बलात्कार कर रहे थे,
    मैंने इन लड़कियों के बयान की सीडी तत्कालीन गृह मंत्री चिदम्बरम को दे दी,
    गृह मंत्री चिदम्बरम ने वह सीडी छत्तीसगढ़ के भाजपा के मुख्य मंत्री रमन सिंह को दे दी,
    भाजपा के मुख्य मंत्री रमन सिंह ने पुलिस दल भेज कर लड़कियों को दुबारा अपहरण करवा लिया,
    चारों लड़कियों को दोरनापाल थाने में लाकर पांच दिन तक दोबारा बलात्कार किया गया,
    पांच दिन के बाद लड़कियों को पुलिस की जीप में ले जाकर गाँव के चौराहे पर फेंक दिया गया और चेतावनी दी,
    कि अब अगर हिमांशु से बात करी तो पूरे गाँव को आग लगा देंगे,
    मैं इस मामले में लगातार लड़ता रहा,
    एक बार उन बलात्कारियों में से एक पुलिस वाले को नक्सलियों ने मार दिया,
    पुलिस ने उस बलात्कारी पुलिस वाले की मूर्ती दोरनापाल में लगाई,
    पुलिस अधीक्षक बलात्कारी पुलिस वाले की मूर्ती के अनावरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथी बने,
    द हिन्दू अखबार के संवाददाता ने एसपी से पूछा आप एक बलात्कार के आरोपी के मूर्ती लगाने के कार्यक्रम में कैसे शामिल हो सकते हैं ?
    तो एसपी ने कहा कि असल में हमने बलात्कार के आरोपों की अपने स्तर से जांच करी थी, गाँव वालों का कहना था कि यह लडकियां झूठ बोल रही हैं इसलिए हमने मामले बंद कर दिए हैं,
    इसका मतलब यह हुआ कि आप पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली किसी भी लडकी को झूठा कह कर मर्दों को साफ़ बचा लेंगे ?
    मतलब मर्दों का राज चलेगा ?
    जो मर्द कहे वही सही,
    औरतों की बात का कोई महत्व ही नहीं है,
    इसी लिए मैं कहता हूँ भाजपा मर्दवादी पार्टी है तो भाजपाई भड़क जाते हैं,
    आज तक उन लड़कियों को न्याय नहीं मिला है,Himanshu Kumar
    19 hrs ·
    कोर्ट करोड़ो भक्तों की नहीं सुन रहा.
    करोड़ो गलत है या कोर्ट
    – भाजपा सांसद साक्षी महराज
    मेरा सुझाव है भाजपा को हिचक छोड़ कर बाबा के समर्थन में सडक पर उतर जाना चाहिए,
    अगले चुनाव में जीत पक्की है,
    देश में वैसे भी बाबावादी भक्त ज्यादा हैं,
    तर्क और विज्ञान की बात करने वाले तो गिने चुने हैं,
    क्या रखा है नकली प्रगतिशीलता में,
    भाजपाइयों तुम तो वही करो जिसके लिए तुम्हारी पार्टी ने जन्म लिया है,
    मैं तो कहता हूँ जज को जेल में डालो और भगवा गमछा गले में डाल कर निकल आओ सड़कों पर,
    अगले पचास साल के लिए सत्ता में आये हैं हम तो, अमित शाह कह ही चुके हैं,
    मत चुके चौहान,Himanshu Kumar
    24 August at 23:13 ·
    मेरे घर में टीवी नहीं है,
    आज किसी के घर गया था और सामने ज़ी टीवी लगा हुआ था,
    ज़ी टीवी बाबा राम रहीम के गुणगान कर रहा है,
    वह बता रहा है कि बाबा के छह करोड़ शिष्य हैं जो उनके लिए जान दे सकते हैं,
    और बाबा सुपर हीरो हैं वगैरह वगैरह,
    अगर भारत मुस्लिम बहुल देश होता तो यही ज़ी टीवी बाबा के खिलाफ प्रोग्राम करता,
    और किसी मौलाना के मूंह से इस बाबा को गालियाँ दिलवाता,
    आजकल मोदी भक्त ज़ी टीवी देखना एक धार्मिक क्रिया मानते हैं,
    यकीन मानिये अगर यह सब भक्त मुसलमान होते तो ज़ी टीवी मुसलमानों को खुश करने वाले प्रोग्राम दिखाता,
    ज़ी टीवी जैसी मीडिया सत्ता के लिए चलाये जाने वाले खेल का एक हिस्सा है,
    आपका मजहब भी सत्ता का एक हिस्सा है,
    आपको अब यह फैसला करना है कि आप हमेशा मूर्ख बनेंगे या अक्ल से भी काम लेना चाहेंगे,
    अगर अक्ल से काम लेना है तो अपने मजहब को घर से बाहर के किसी भी मामले से दूर कर दो,
    जैसे ही यह करोगे आपकी सारी तकलीफें सरकार दूर करनी शुरू कर देगी,
    देखो आज एक आदमी भीड़ के दम पर अदालत को धमका रहा है भारत का नाम नक़्शे से मिटा देने की धमकी दे रहा है,
    भाई अगर आप मुझ पर बलात्कार का झूठा इलज़ाम लगाएं तो मैं कहूँगा कि ठीक है अदालत में साबित कर दो,
    लेकिन अगर मैंने सचमुच बलात्कार किया है तो जैसे ही आप मेरी पोल खोलेंगे मैं पूरा दम लगा कर आपको चुप कराने की कोशिश करूंगा,
    बाबा राम रहीम यही तो कर रहा है,
    आप कब तक इन बाबा, संत, मौलवी के द्वारा चलाये जाते रहेंगे ?
    आज यही सब कुछ अगर पाकिस्तान में कोई मौलाना कर रहा होता,
    तो आप मुसलमानों को गालियाँ दे रहे होते और उनकी खिल्ली उड़ा रहे होते,
    अब चूंकि वह बाबा मुसलमान नहीं है इसलिए आप चुप हैं,
    आजादी मिलने से पहले ब्रिटेन के प्रधान मंत्री चर्चिल ने कहा था कि तुम भारतीय आपना राजकाज चला ही नहीं पाओगे,
    और सच में आज देखो भारत की सेना एक बलात्कार के आरोपी धर्म गुरु के सामने कितनी लाचार बनी हुई है,
    याद रखिये अगर भारत इसी रास्ते पर चलता रहा,
    तो यह धार्मिक नफरत और मूर्खता इस पूरे उपमहाद्वीप को खून खराबे और युद्ध में झोंक देगी,
    बीमारी भूख और बेकारी बढ़ती जायेगी और गृह युद्ध आपको घर में घुस कर मार डालेगा,Vikram Singh Chauhan
    16 hrs · पूरे देश को तीन सालों तक मुसलमानों का डर दिखाया और आखिरकार एक हिन्दू बाबा ने देश में खूनखराबा करवा दिया। देश में अगर आज की तारीख में कोई सच्चा देशभक्त है तो वो है मुसलमान ,जुल्म सहकर भी जिसका जिन्दा है ईमान । कितने मुसलमान दंगों में मारे गए ,कितने मुसलमान बीफ ,गाय के नाम पर मारे गए पर कभी न देश को नक़्शे से मिटाने की बात कहा और न कभी देश में दंगे होने दिया। आज देखों कौन ,किसको मार रहा है।Vikram Singh Chauhan18 hrs · बलात्कारी बाबा के समर्थक प्लान बी पर काम कर रहे हैं। प्लान बी बलात्कारी गुरमीत का खुद बनाया हुआ था कि अगर फैसला उनके खिलाफ गया तो समर्थक हिंसा करेंगे। इसके लिए उन्हें पूर्व से तैयारी करने कहा गया था। इसके लिए पेट्रोल ,डीजल ,पिस्तौल ,धारदार हथियार ,ईट ,पत्थर इकठ्ठे किये गए। सरकार को इसकी पहले से जानकारी थी बावजूद इसके सिर्फ एक दिन पहले पुलिस और सेना की मदद ली गई। हर एक इंसान की मौत के लिए सिर्फ और सिर्फ भाजपा की सरकार जिम्मेदार है। अब भाजपा के लोग इतनी जानें जाने के बाद बलात्कारी गुरमीत से पल्ला झाड़ रहे हैं ,जबकि कल तक उसे हरसंभव बचाने का प्रयास किया है संघियों ने। विक्रम सिंह चौहान Girish Malviya
    2 hrs · खट्टर सरकार तुरन्त इस्तीफा दे,अब तो हाईकोर्ट ने भी कह दिया कि आपने अपने राजनीतिक फायदे के लिए हिंसा होने दी,
    एक आईपीएस अधिकारी को बाबा के सुरक्षा गार्ड ने कल कोर्ट के बाहर सरेआम थप्पड़ मार दिए,
    इस्तीफा नही दे सकते तो चूड़ियां पहन लेंGirish Malviya
    6 hrs · सब के सब हिपोक्रेट्स है, भारतीय राजनीति पतन की किस गर्त में जा गिरी है उसकी मिसाल है ये सीबीआई की विशेष अदालत का गुरमीत सिंह का खिलाफ निर्णय ( साला काहे का बाबा ओर कहा का राम रहीम ) दो कौड़ी के लोगो को सर पर बैठाने शौक राजनीतिक दलों को होगा हमे नही है
    सारे बड़े नेता मंत्री गुरमीत सिंह को दोषी पाए जाने से दुखी नजर आ रहे हैं, ये नही देख रहे की भारत की दो बेटियों को इंसाफ मिला है, मामला यदि उच्च वर्ग का होता तो अब देखिए सभी दलों से कितने नारीवादी नेता केंचुली छोड़ कर बयान देने निकल पड़ते, लेकिन लड़किया गरीब घर की है ओर दूसरा पक्ष एक प्रभावशाली आदमी का है जो एक बड़े वोटबैंक का मालिक हैं, इसलिए फैसले के स्वागत करने में ही किसी के मुँह से बोल नही फुट रहे हैं, सुषमा स्वराज की ममता अब मजे से चादर तान के सो रही है, पाकिस्तान कोई लड़की आएगी तो जाग जाएगी, केस बलात्कार का है जिसमें ये सिद्ध हुआ है कि गुरमीत सिंह बलात्कारी है, लेकिन इस बात पर कोई कान धरने को तैयार नही है
    हमारे प्रधानमंत्री 6 घण्टे बाद बोलते हैं कि हिंसा बड़ी तकलीफ देह हैं, अरे तो रोक लेते 56 इंच हो हरियाणा में तो तुम्हारी ही सरकार थी 4 दिनों से 144 लगा रखी थी, लाखो लोग कैसे शहर के अंदर आ गए, कोर्ट 2 दिनों से लगातार लताड़ लगा रही थी कि इन्हें रोको, तब क्यो नही सुनी आज आपको हिंसा तकलीफ देह लग रही हैंआज देश की इज्ज़त में चार चांद लग गए है ऑस्ट्रेलिया अपने नागरिकों को एडवाजरी जारी कर रहा है कि भारत मे संभल कर यात्रा करे यहां की सरकार अपनी सबसे बेसिक ड्यूटी ला एन्ड ऑर्डर भी ठीक ढंग से निभा पा रही हैं, आज वाकई आपके छप्पन इंच की हकीकत सामने दिख रही हैं—————–Nitin Thakur56 mins · . और आप कहते हैं कि पत्रकार दलाल होता है। राम चंद्र छत्रपति अगर दलाल होते तो गुरमीत राम रहीम की उन करतूतों का खुलासा कभी नहीं होता जो गुफा में वो करता था। उन्हें इस खुलासे के बदले मौत मिली। पांच गोलियां खाईं। उनके बेटे ने अपनी लड़ाई को इसी सीबीआई कोर्ट तक पहुंचा दिया है। उम्मीद है इस मामले में गुरमीत को उम्रकैद कम से कम मिलेगी। नीचे बहादुर पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की तस्वीर—————Sarvapriya Sangwan2 hrs · आप बहुत असंवेदनशील हैं जब आप चुटकुले बना रहे हैं कि अच्छा हुआ जो कल मीडिया वालों को पीटा गया। Ndtv के एक OB इंजीनियर को घायल किया गया, OB वैन भी जला दी। PTC के एक रिपोर्टर का हाथ तोड़ दिया गया। किसी का पैर तोड़ दिया गया। इंडिया टुडे के एक रिपोर्टर का सर फोड़ दिया गया। किसी को हॉकी स्टिक मार कर जबड़ा तोड़ दिया गया। उनके फ़ोन तक छीन लिए गए, अपने साथियों का भी अता-पता नहीं कि कहां होंगे। उनका भी परिवार है, बच्चे हैं, उनका इंतज़ार कर रहे हैं। conflict area में रिपोर्ट करना कितना खतरनाक होता है, आप समझ नहीं सकते हैं।
    आप चिढ़ते हैं उनसे जो टाई कोट पहन कर झूठा ज्ञान देते हैं और खुन्नस उन पर निकाल रहे हैं जो मुश्किलों से आप तक ख़बर पहुंचा रहे हैं।
    थोड़ी आलोचना तो मेमसाब की भी करो जो मंत्री बन कर कह रही हैं कि मीडिया पैनिक ना दिखाए वरना कानून है।

    Reply
  2. सिकंदर हयात

    Arun Maheshwari
    1 hr ·
    बाबा के डेरों से अब तक मिले हथियार :
    एके-47 – 2 ; मौसर गन -1 ; राइफ़ल -7; पिस्तौल -50 ; बुलेट -131; बहुत सारे पेट्रोल बम ।
    आगे असले का भारी और भी भारी ढेर मिलने की आशंका है ।
    हरियाणा की पूरी भाजपा और सरकार इस आतंकवादी के सामने सर झुकाये खड़ी रहती थी और आज भी ये लोग इसके प्रति सहानुभूति रखते हैं ।
    अदालत आड़े न आए तो अभी भी इनमें से कई पुलिस की गिरफ़्त से उसे उड़ा ले जाने की कामनाएँ कर रहे हैं । इनका सांसद सरे-आम अदालत को धमका रहा है ।
    जो कहते हैं आरएसएस भारत का सबसे बड़ा आतंकवादी संगठन है, उनसे असहमत होना मुश्किल हैं।——————Dinesh Choudhary
    4 hrs ·
    हरियाणा सरकार पर मीडिया की नाराजगी की एक खास वजह है। वे जान की नहीं, ‘माल’ के नुकसान की वजह से आहत है। सिर्फ रिपोर्टर पिटते तो यह इतनी हाय-तौबा नहीं मचाता। ऐसे बीसियों उदाहरण हैं जब गरीब संवाददाता किसी मामले में फँसता है तो ‘सेठ’ उससे किनारा कर लेता है। इन्हें रिपोर्टर की पिटाई से ज्यादा करोड़ो के ओबी वैन के क्षतिग्रस्त होने का गम खाया जा रहा है।
    तो सेठ जी! ऐसा है कि धंधे में नफा-नुकसान तो लगा ही रहता है। यह जो भक्तों की भीड़ है उसे तैयार करने में आपका अपना योगदान कम नहीं है। अब वे प्रसाद बाँट रहे हैं तो श्रद्धा के साथ ग्रहण करें।—————————————–Dhirendra Rahul
    11 hrs ·
    बरसों पहले राजस्थान पत्रिका में आओ गांव चले स्तंभ के लिए मोटर साइकिल पर काल्याखेड़ी गांव पहुंचा था। सरपंच का पता पूछकर उनके घर जा पहुंचा। सरपंच साहब घर पर ही मिल गए। मैंने उनसे आने का मंतव्य बताया और गांव के बारे में सवालों की झड़ी लगाई तो सरपंच ने फर्श पर बैठे युवक की ओर इशारा करते हुए कहा कि पहले इसकी बात सुन लीजिए।
    सरपंच ने युवक से कहा, तेरी किस्मत अच्छी है जो पत्रिका वाले घर बैठे ही आ गए, इन्हें बता। युवक ने बताया कि वह बैरवा जाति से है और गांव के ही मालदार किसान के यहां हाली का काम करता है। कल सुबह चार बजे मालिक का जवान पुत्र, जो विवाहित है, वह मेरे घर आया। मुझ से भैंसे चराने ले जाने की बोला। मैं भैंसे लेकर सौ मीटर ही गया होगा लेकिन मुझे मालिक की नीयत ठीक नहीं लगी तो वापस लौट आया। घर आकर देखा तो मालिक मेरे घर में घुसा हुआ था। मेरी पत्नी ने कहा कि इनने मेरी छाती में हाथ डाल दिया। इसका मैंने विरोध किया तो गालियां देते हुए मालिक भाग गया। युवक ने बताया कि मैंने मंडाना थाने में रपट लिखवाई है लेकिन पुलिस वाले कहते हैं कि तेरी औरत को लेकर आ, उसका मेडिकल करवाएंगे। अब आप ही बताइये उसका मेडिकल क्यों।
    मैंने उसका फोटो खींचा और पूरी स्टोरी आओ गांव चले में मांड दी। अगले दिन पुलिस सक्रिय हुई। साथ उसका जाति समाज भी। एक ट्रैक्टर में भरकर उसकी जाति समाज के करीब 20-25 लोग शाम को पत्रिका दफ्तर में चले आए। उन्होंने कहा कि इस बैरवा ने जिस पर आरोप लगाया है, वह बड़ा ही इज्जतदार आदमी है। आप हमारा पक्ष छापे। मैंने उनसे कहा कि आप हजार पांच सौ लोग भी आते न, तब भी आपके उस इज्जतदार को क्लीन चिट नहीं मिल पाती। उसने जिस बैरवा स्त्री के खिलाफ अपराध किया है, वही उसे क्लीन चिट दे सकती है। अन्ततः वे चले गए।
    # साक्षी महाराज का बयान आया तो यह प्रसंग याद आ गया।———————–Jagadishwar Chaturvedi
    15 hrs ·
    राम रहीम के कुकर्मों के महाख्यान का हिंदू साम्प्रदायिक संगठनों के आख्यान सेगहरा संबंध है साथ ही धर्म के भ्रष्ट चरित्र से गहरा संबंध है।फासिज्म और नव्य धर्म के मसीहा-
    भारत में नव्य- धर्मगुरू सबसे बड़ा स्रोत हैं फासिज्म के।एक जमाना था जब धर्म का मन की शांति से छद्म संबंध था इन दिनों धर्मगुरूओं की ऐसी पीढ़ी उभरकर आई जो सतह पर धर्म -धर्म चिल्लाती है, आश्रम बनाते हैं,दौलत इकट्ठा करते हैं,भंडारे करते हैं, 12महिने मुफ्त में खाना खिलाते हैं,साथ में अंधभक्ति और श्रद्धा का पाठ पढ़ाते हैं।
    नव्य-धर्मगुरू भक्तों के दिलो-दिमाग और जीवनशैली से लेकर राजनीतिक विचारों तक का नियंत्रण करते हैं।ये सतह पर संत हैं लेकिन व्यवहार में अंधविश्वास उद्योग के कारोबारी शैतान हैं।
    अंधविश्वासों के प्रचार प्रसार से राजनीतिक तौर पर किस तरह की सामाजिक क्षति होती है यह हम सब जानते हैं फिर भी अंधविश्वासों के खिलाफ कभी खुलकर न तो बोलते हैं और न लिखते हैं, उलटे अंधविश्वासों का खुलेआम विज्ञापनों से लेकर धार्मिक कथा-वार्ता और प्रवचन के जरिए टीवी और अन्य माध्यमों के जरिए जमकर प्रचार सुनते हैं, कानूनन सरकार के यहां इस तरह का प्रचार अवैध है ,लेकिन अंधविश्वासों का प्रचार करने के लिए हमारे देश में कभी किसी को पुलिस ने आज तक नहीं पकड़ा ।बल्कि धर्म की आड़ में उनको संरक्षण मिलता रहा है।
    धर्म का काम है व्यक्ति की पहचान को धार्मिक पहचान में रुपान्तरित करना, हमने धर्म को कभी रोका नहीं बल्कि सर्वधर्म -समभाव के नाम पर धर्म को राज्य ने खुला संरक्षण दिया।राज्य ने धर्म के खिलाफ कभी मुहिम नहीं चलाई।दिलचस्प है यूरोप में चर्चजाने वालों की संख्या में विगत 50 सालों में तेजी से गिरावट दर्ज की गई,लेकिन भारत में उलटा हुआ है, मंदिर-चर्च-मसजिद जाने वालों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है।सवाल यह है यह कैसा धर्मनिरपेक्ष विकास है जिसकी आड़ में फासिज्म अपने पैर पसारता रहा है ? इस स्थिति के लिए सीधे कांग्रेस और उसकी नीतियां जिम्मेदार रही हैं,आरएसएस ने तो कांग्रेस निर्मित धार्मिक समाज का दुरूपयोग किया है। उसे राजनीतिक तौर पर फासिस्ट समाज की ओर मोड़ा है।खासकर 1970 के बाद आरएसएस ने अग्रणी भूमिका ग्रहण की है।
    आज स्थिति यह है धार्मिकसमूह, धार्मिक जनता पूरी तरह आरएसएस और उसके बजरबट्टू संतों-मंहतों-कथावाचकों -साधु- संतों और साध्वियों के हाथ में है।आज आरएसएस विभिन्न धार्मिक समूहों को नियंत्रित करके मनमानी दिशा में इस्तेमाल करने की स्थिति में है।उसने यह सारा काम धर्म और अंधविश्वास उद्योग के जरिए किया है।
    आरएसएस ने अंधविश्वास उद्योग , औद्योगिक घरानों और कारपोरेट मीडिया के बीच अंतस्संबंध स्थापित किया है।स्थिति की भयावहता को समझने की कोशिश करें,जब खालिस्तान आंदोलन उभरा था तो उस समय भिंडरावाले की अनेक मांगों में एक मांग यह भी थी कि ऑल इण्डिया रेडियो और दूरदर्शन से सुबह स्वर्णमंदिर से सीधे गुरुवाणी के प्रसारण की व्यवस्था की जाए, उस समय सरकार ने यह मांग नहीं मानी और कहाकि इससे साम्प्रदायिक सद्भाव टूटेगा, बाद में वही कांग्रेस एकदम बदल गयी और टीवी चैनलों के जरिए धार्मिक चैनलों की बाढ़ आ गयी। जो कांग्रेस स्वर्णमंदिर से गुरुवाणी के प्रसारण के लिए राजी नहीं थी वही धर्म के गोरखधंधे को मीडिया में लाने का सहारा बनी।
    धार्मिक चैनलों के प्रसारण ने सबसे खतरनाक यह किया कि उन्होंने बाबा रामदेव से लेकर राम-रहीम-रामपाल-आसाराम बापू-श्रीश्री रविशंकर आदि कानून भंजक संत दिए।हमने कभी गंभीरता से टीवी से हो रहे धार्मिक प्रसारणों को गंभीरता से नहीं लिया,एक जमाना था रामायण सीरियल ने राममंदिर आंदोलन को जनाधार दिया,आज हर रोज वैसे अनेक धारावाहिक चल रहे हैं और अंधविश्वास उद्योग तेजी से फल-फूल रहा है।धार्मिक कथानकों का फ्लो बच्चों के चैनलों से लेकर मनोरंजन चैनलों तक फैला हुआ है,यही वो गोमुख है जहां से फासिज्म के लिए जमीन तैयार हो रही है।-Jagadishwar Chaturvedi——————————-http://www.mazdoorbigul.net/archives/6136 ———————— Mukesh Aseem shared a memory.
    2 hrs ·
    जहाँ ठीक एक साल पहले ही यह हुआ था वहां अब जो हो रहा है उस पर कैसा आश्चर्य!
    See Translation
    1 Year Ago
    See your memorieschevron-right

    Mukesh Aseem
    27 August 2016 ·
    हरयाणा विधानसभा के नंगों ने और नँगपना सीखने के लिए असली वाले ————- को बुलाया, सबसे ऊँची कुर्सी पर बिठाया और भक्त भाव से नंगेपन की शिक्षा ली! और सब के अलावा इस —————— ने पति-पत्नी के संबंधों की भी व्याख्या की!
    लेनिन ने ऐसी ही संसद के बारे में कुछ कहा था…… !Mukesh Aseem

    Reply

Add Comment