टीवी ऍफ़ के सी ई ओ अरुणाभ कुमार और कपिल शर्मा का मामला पिछले काफी दिनों से चर्चा में हे इनमे से एक को जहां पिछले सालो में टीवी पर सबसे अधिक देखा गया तो दूसरे के यु ट्यूब चेनेल को इन्टरनेट पर सबसे अधिक देखा गया दोनों ही तीस के वय करोड़ो के आदमी हो चुके हे दोनों पर ही लगे आरोपो की बात करे तो वो लगभग सच ही दीखते हे कपिल ने तो खुद ही सब कुछ मान लिया हे तो वही कई लड़कियों दुआरा यों उत्पीडन का आरोप लगने पर अरुणाभ खुद कह चुके हे की वो किसी लड़की के अच्छा लगने पर उसे सेक्सी कहने से नहीं चूकते हे उनका यह बयान खुद ही दर्शाते हे की जब आपके चेक पर साइन करके तन्खा देना वाला आदमी आपको सेक्सी कहे तो उसकी मंशा क्या हो सकती हे———– ? समझा जा सकता हे यानि दोनों ही बेहद सक्सेसफुल यंग और कुंवारे स्टारो पर लगा आरोप सच ही हे समझते हे की आखिर समस्या क्या हे क्या राज़ हे इनकी बदमिजाजी का —-?

गौर करे तो दोनों ही मामलो में शराब की भूमिका दिखाई पड़ती हे शराब इन लोगो की सबसे बड़ी समस्या बन चुकी हे आगे और बनेगी कपिल पहले भी शराब पीकर कुछ अभिनेत्रियों से बुरा व्हवहार कर चुके हे मगर उस मसले ने ज़्यादा तूल नहीं पकड़ा था इस बार क्योकि उन्होंने प्लेन में सेकड़ो लोगो के सामने तांडव किया उसके बाद कहा तो ये जा रहा हे की उन्होंने सुनील ग्रोवर की बहुत ही बेरहमी और बुरी तरह से अपमानित करने वाली पिटाई की , हो क्या रहा हे की शराब सिगरेट और ड्रग्स इन कामयाबी की ऊँची उड़ान भरने और उससे भी अधिक भरने की चाहत रखने वाले लोगो के जीवन का अटूट हिस्सा बन चुकी हे वो इसलिए की कामयाबी कामयाबी और अधिक कामयाबी के लिए ये लोग रात दिन मेहनत करते हे रात दिन ये शारीरिक और मानसिक काम करते हे उसके लिए एनर्जी चाहिए होती हे साथ ही साथ ये अपने शरीर को फिट भी रखना चाहते हे स्लिम रहना चाहते वेट कंट्रोल चाहते हे ऐसे में ये लोग शराब का जमकर सहारा लेते हे!

अब होता ये हे की शराब एक से बढ़कर एक महंगी शराब इनके रग रग में जोश भर देती हे ताकत एनर्जी भर देती हे खाना ये लोग कम खाते हे शराबियो की इस बात को प्रेमचन्द ने अपनी एक कहानी में http://hindisamay.com/contentD etail.aspx?id=436&pageno=19 और रविंदर कालिया ने अपनी किताब ग़ालिब छुटी शराब में कई जगह खूब समझाया हे ( लिखते हे में कभी खाता पीता आदमी नहीं रहा में तो पीता पीता आदमी रहा ) तो ये लोग जमकर शराब का सेवन करते हे ताकि जोश भी रहे एनर्जी भी रहे तन मन तेजी से काम करता भी रहे और खाने से पैदा होने वाली चर्बी और मोटापे से भी ये लोग बचे रहे . हां कुछ लोग शराब की जगह सिगरेट और ड्रग्स का भी सहारा लेते हे वो भी सेम यही नतीजे देती हे बेहद एनर्जेटिक और फेट ( और शायद व्यायाम से भी ) से हमेशा कोसो दूर ही दिखने वाले अथाह ऊर्जा से काम करके भारत के सबसे अमीर सितारे बने शाहरुख़ खान बीसियों बरसो से सौ पचास सिगरेट पीते हे ताकि तन और मन को ताकत स्फ्रूति उत्साह मिलती रहे दिमाग और मन तेजी से दौड़ाता रहे यही नहीं कोई चिंता हो तो शराब उसे भी भुला देती हे और फिर खाना कम ही खाकर फेट और मोटापे से भी मज़े से दूर रहे . तो ये दोनों सितारे भी शाहरुख़ के ही तो रास्ते पर चल रहे होंगे आज ये करोड़पति हे कल को इन्हें खरबपति बनना हे इसके लिए इन्हें रात दिन पी पा के काम करना हे कपिल की लत तो सबको पता ही हे अरुणाभ भी इसके शिकार हे क्योकि उन पर आरोप लगाने वाली सभी लड़कियों ने कहा की छेड़ छाड़ के बाद वो हमेशा खुद के नशे में होने की बात कहते थे सच ही होगा वो वाकई में नशे में ही होंगे वैसे भी देखे तो उन के टी वि एफ के लगभग हर हर विडियो में शराब सिगरेट का महिमांडन अनिवार्य रूप से किया जाता हे शराब सिगरेट ( कुछ मामलो में ड्रग्स भी वो और भी अधिक एनर्जी देती हे ) इन लोगो के जीवन का इनकी रचनात्मकता का इनके उत्साह का अभिन्न अंग हे बाद में चाहे जो होता रहे इस समय इनकी नज़र सिर्फ कामयाबी पर हे ये सब ना ये सोचते हे न कोई और सोचने को कहता हे क्योकि आज कामयाबी ही सब कुछ हे!

शराब सिगरेट के बाद दूसरी जिस चीज़ का लोग आज कामयाबी के लिए सहारा ले रहे हे वो हे अपने जीवन में कम से कम लोग रखने का ये लोग अपने जीवन में कम से कम लोगो का अम्ल दखल रखते हे ताकि किसी अपने प्रिय की चिंता में समय और एनर्जी बर्बाद न हो अधिकतर ये लोग अकेले रहते हे या अपने आस पास कम से कम प्रियजन अपने आदि रखते हे बिलकुल मिनिमम . विराट कोहली ने पिछले दिनों बयान दिया था की दोस्त भी कम होने चाहिए वार्ना कामयाबी पर से फोकस में कमी आती हे वास्तव में कामयाबी की सीढ़ी चढ़ने के साथ साथ इनके आस पास दोस्त स्वतः ही पीछे छुटथे जाते हे मुड़कर उनकी तरफ देखने का इनके पास समय नहीं होता हे धीरे धीरे दोस्त के नाम पर इनके चारो तरफ सिर्फ चमचे और चापलूस रह जाते हे जिनकी सच्चाई इन्हें भी पता होती हे सो इनसे इन्हें कोई उष्मा कोई आंनद नहीं मिलती हे शायद ये दोनों पहले से ही कोहली को फॉलो करते हो कपिल के आस पास सिर्फ उनकी माँ दिखाई देती हे और कोई नहीं वो खुद कह चुके हे की अपने भाई से भी उनकी साल में ही मुलाकात होती हे तो इंसानो का तो ये हाल हे उधर हाल ये हे की अपने शो पर कपिल का किसी के लिए सबसे अधिक भावुक और गला रुंधा हुआ देखा तो कुत्तो और अपने कुत्ते की बात करते हुए ही . कुत्तो और अपने कुत्ते की बात करते हुए कपिल की डबडबाई आँखे उनका प्रेम देखते ही बनता हे तब कपिल की भावुकता और चिंता देखते ही बनती हे वास्तव ये वो खाली जगह हे जो इंसानो को हटाने से पैदा हुई हे कुत्ते की देखभाल और चिंता कामयाबी में रोड़ा नहीं बनती इंसानो की बनती हे सो — सुनील ग्रोवर ने भी कपिल से पिटने और अपमानित होने के बाद इसी मानसिकता की तरफ इशारा किया की ”कुत्तो से ज़्यादा इंसानो से प्यार करना सीखिये . —————– ? हो सकता हे अरुणाभ के जीवन में भी ऐसा ही सब हो . दोस्त यार भाई परीजन ही नहीं प्यार और रिश्ते से भी ये लोग बचने लगे हे क्योकि इन्हें लगता हे की किसी भी तरह का कमिंटमेंट कामयाबी में रोड़ा बनेगा कपिल ने भले ही अपनी होने वाली पत्नी की फोटो पोस्ट की हो मगर लोग इसी पिटाई कांड पर से ध्यान हटाने का प्रयास भी मान रहे हे इसी तरह अरुणाभ जैसे लोग भी कोशिश करते दिख रहे हे की ऑफिस की लड़की हो काम आये और जाए दिमाग ना खाये कोई दबाव या समय ना देना पड़े लड़कियों ने जो ब्यौरा दिया हे अगर वो सच हे तो यही सोच लगती हे . ज़ाहिर हे की कोई भी स्वाभिमानी लड़की ये सब अपना घोर अपमान समझेगी . जब जीवन में कामयाबी तो हो मगर कोई आंनद न हो तो फिर ये आंनद के लिए केवल उतेज़ना पर निर्भर रह जाते हे जिसमे सेक्स हुड़दंग आदि एक अनिवार्य तत्व हे ही .

कपिलो और अरुणभो जेसो की समस्या आज भारत के लाखो कामयाब और अचीवर लोगो की दिखेगी कामयाब होने के लिए ये खुद ही अकेलेपन को गले लगाते हे इंसानो से दुरी बनाकर चलते हे जानवरो से इनका प्रेम लगातार नयी ऊंचाइयां छू रहा हे . लेकिन कब तक चलेगा ये सब बाद में ये अकेलापन जो जो न करवाये वो कम हे कामयाबी के बावजूद इनकी जिंदगी बहुत बेहतर भी नहीं रहती हे शादी होती टूटती रहती हे शराब के बिना तो गुजरा ही नहीं फ्री सेक्स तो चाहिए ही और बहुत सी विसंगतिया . भारत के सबसे बड़े सुपरस्टार राजेश खन्ना के जीवन से भी इस सबको समझा जा सकता हे मगर ये ”अरुणाभो कपिलो ” को कभी समझ नहीं आएगा कुछ भी सोचने समझने का इनके पास अब न समय हे न ठहराव