पीएम मोदी के घर पर एसपीजी की महिलाएं रात में ड्यूटी क्यों नहीं करना चाहतीं?

Category: राष्ट्रीय 168694 views 19

by संजय कुमार सिंह

प्रधानमंत्री के घर और निजता से संबंधित ये कैसी खबर? इस बार के “शुक्रवार” (24 फरवरी – 02 मार्च 2017) मैग्जीन में एक गंभीर खबर है। पहले पेज पर प्रमुखता से प्रकाशित इस खबर का शीर्षक है, “फिर विवादों में घिरी एसपीजी” लेकिन यह प्रधानमंत्री निवास से संबंधित विवाद खड़ा कर रही है। खबर के मुताबिक एसपीजी की महिला सुरक्षा कर्मियों ने अपने आला अफसरों से गुहार लगाई है कि उन्हें रात की ड्यूटी पर न रखा जाए।

यहां यह गौरतलब है कि प्रधानमंत्री के घर में परिवार की कोई महिला सदस्य नहीं रहती है। आम जानकारी यही है कि प्रधानमंत्री अपने घर पर अकेले रहते हैं। ऐसे में भारतीय संस्कारों के लिहाज से महिला सुरक्षा कर्मियों की रात की ड्यूटी लगनी ही नहीं चाहिए। उन्हें अधिकारियों से गुहार लगाने की आवश्यकता ही क्यों पड़े? यही नहीं, खबर में आगे कहा गया है, “माना जा रहा है कि वे किसी विवाद का साक्षी बनना नहीं चाहती हैं।” यह और गंभीर है।

खबर में (टाइपिंग की कुछ गड़बड़ी है) कहा गया है कि एसपीजी के तत्कालीन निदेशक दुर्गा प्रसाद को हटा दिया गया था। हटाने की कोई वजह नहीं बताई गई थी। हालांकि जिस तरह से यह कार्रवाई की गई थी उसमें तमाम अटकलों को बल मिला था। इनमें एक अटकल यह भी थी कि दुर्गा प्रसाद चाहते थे कि प्रधानमंत्री से जो भी मिलने आए उसे कैमरों के सामने से गुजरना पड़े और उसका पूरा रिकार्ड रखा जाए। इसमें कोई बुराई नहीं है और यह जरूरी भी लगता है। पर उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ी (और पद से हटा दिया गया)। खबर में यह नहीं लिखा है कि दुर्गाप्रसाद के बाद कौन निदेशक हैं और अब क्या होता है। ना ही अभी के निदेशक से कोई बातचीत की गई है।

खबर में आगे लिखा है, अब यह अफवाह जोर पकड़ रही है कि प्रधानमंत्री नहीं चाहते हैं कि उनके निवास में लगे कैमरे कमरों के अंदर नजर रखें। इसमें कोई बुराई नहीं है। अगर प्रधानमंत्री नहीं चाहते हैं तो शयन कक्षों में कैमरे नहीं होने चाहिए और दरवाजे तक को कैमरे की नजर में लाकर अंदर छोड़ा जा सकता है और इस पर कोई विवाद नहीं होना चाहिए। पर विवाद हैं औऱ महिलाएं रात में ड्यूटी करना नहीं चाहती हैं – सबको जोड़ कर देखिए तो एक बड़ी खबर बनती है। अगर अधिकृत खबर नहीं छपी तो तरह-तरह की अफवाहें उड़ती रह सकती हैं और प्रधानमंत्री के घर के बारे में ऐसी खबरें, जैसे अंदर जाने वालों के लिए कैमरा नहीं है – सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक है।

वरिष्ठ पत्रकार संजय कुमार सिंह की उपरोक्त एफबी पोस्ट पर आए कमेंट्स में से कुछ प्रमुख यूं हैं..

Pratima Rakesh दाल में काला है या पूरी दाल काली है ?स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप कहीं साहब के पास आने वाले लोगों की सूचना लीक ना कर दे इसलिये ये मनाही हो रही है!

Surendra Grover इस खबर को पढ़ कर लग रहा है कि दाल में कुछ काला ज़रूर है जिसकी साक्षी वे महिला सुरक्षा कर्मी नहीं बनना चाहती..

Sanjaya Kumar Singh है कोई जो कर सके इस खबर का फॉलो अप? कांग्रेसी इस स्तर तक नहीं गिरते।

Pankaj Pathak लगता है ‘साहेब’ खुद घर में रेनकोट पहने घूमते हैं, नहाने का तो पता नहीं।

Sunil Kumar Singh गुजरात में मुख्यमंत्री रहने के दौरान मोदी के आवास पर एक महिला आती थी जिससे वो अकेले में मिलते थे । ऐसा एक आईपीएस ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर कहा है इस मुद्दे पर दिल्ली विधानसभा में चर्चा भी हो चुकी है जो ऑन दी रिकॉर्ड है ।

आलोक पाण्डेय कांग्रेसी अफवाह उड़ाने में माहिर है

Sanjaya Kumar Singh हां भाई। कैमरा ही नहीं रहेगा तो सबूत कहां से आए। वो तो एनडी तिवारी जैसे लोग लगवाते हैं और खुद वीडियो बांटते हैं।

http://www.bhadas4media.com/print/12025-modi-house-and-women

Related Articles

19 thoughts on “पीएम मोदी के घर पर एसपीजी की महिलाएं रात में ड्यूटी क्यों नहीं करना चाहतीं?

  1. uttam kumar

    Ye sale congress wale 60 saal aayasi keye satta ak emandar p.m. Ke hath me aa gye jo enke kukarmo ko janta ke samne la rhe hai ye log samajh gye ke ab kabhi congress nhi aa sakti pagal ho gye hai ye he hai j.n.u. Ramsas collage me bharat virodhe nare lagva rhe hai ab enka pappu aur itly ke mammy ko lag rha hai enka sab kuch khatam ho gya salo ne pure des ko barbaad kr deya. Bhaiyo ye parivar cok tell parivar hai jo na hindu hai na mulla na chirst mix aulad hai ab ye ase nich baato me utar aaye hai. Jai Bharat Modi ji jindabad.

    Reply
  2. ratnesh kumar

    मोदीजी वोट हमसबने दिया और सेटिग अकेले अकेले आप तो कहते थे न खायेगे न खाने देंगे और अब रेनकोट पहन के खा रहे हैं

    Reply
  3. gannilal thakur

    मोदीजी पर कीचड़ उछालते वाले ? धन्य हैं आप लोग ! कितने घटिया मानसिकता के हो भाई ? प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस का इतिहास तो नेहरू से लेकर आजतक पूरा ऐय्यासी से भरा हुआ है ! मोदीजी उस ऊँचाई पर पहुँच चुके है,जहाँ पर देशी-विदेशी सुन्दरतम महिलाओं की लाइनें लगी हुई है ! मोदी जी औरतों के लिए क्यों तरशेंगे ? यह सब विपक्षियों का दुष्प्रचार है!

    Reply
  4. ramdhar thakur

    जब गुजरात के पूर्व IPS अधिकारी ने हलफनामा देकर उच्चतम न्यायालय को सूचित किया है कि गुजरात के मुख्यमंत्री रहते मोदी जी से एक महिला रात में मिलने आया करती थी, तबतो निश्चित रूप से प्रधान मंत्री निवास पर CCTV कैमरा लगना चाहिए क्योंकि यह देशहित का मामला है।

    Reply
  5. सिद्धांत सिंह

    अरे इस दुनिया ने भगवान तक को नही छोड़ा, तो मोदी जी तो एक छोटे से कंकड़ के बराबर है, इतनी बड़ी प्राकृत में। शक तो किसी पर भी किया जा सकता है, पर उसको सचाई और ईमानदारी से प्रमाणित करना,उसका प्रमाण देना इन समाज के कीड़ों के पास नही है। यदि किए आईपीएस के साथ ऐसा हुआ है, तो खुद सामने क्यों नही आती। वो न्याय के लिए लड़े यदि उसके साथ ऐसा हुआ है, तो उसको उसका इंसाफ मिलना चाहिए। यदि ऐसा नही है, तो इन बिकाऊ मीडिया को इनकी औकात क्या है, बतानी चाहिए। क्योंकि इनकी आज़ादी का ये मतलब तो कतई नही है, कि किसी संबैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के ऊपर बिना किसी सबूत और बिना किसी प्रमाण के आप कैसे कुछ भी लिख और बोल सकते है। ये इस पद की गरिमा और इस देश pm का सवाल है, दुनिया के सामने खुद और इस देश का मज़ाक क्यों बना रहे हों।

    Reply
  6. ramdhar thakur

    ABVP और बीजेपी के लोग अचानक घरों से निकलकर देशभक्ति पर संग्राम कर रहे हैं,दरअसल ये वही अपराधी हैं जो मध्य प्रदेश में भाजपा नेताओं के ISI की दलाली वाले प्रकरण पर बिलों मे घुस गए थे।

    Reply
  7. Priya Gupta

    जब एक महिला अफसर रात की ड्यूटी से भागना चाहती है, तब शक की सुई घूमना सम्भाविक है – ठर्की मनुष्य ही होता है, जनवर नही – संघियों का इतिहास भरा पडा है बलात्कार और दन्गों से – गुजरात मै एक महिला के पीछे मोदी और शह लगे हुए थे, उस महिला को जब्रन देश छोड कर जाना पडा

    Reply
  8. डॉ माधवी गोस्वामी

    ऐसी अफवाह से देश की छबी खराब होती है मिडीया को चाहीये की पुरी सच्चाई सबुत हो तो ही ऐसी खबर दे। देश दुनिया के आर्दश बने मोदीजी को बदनाम करने से कोई लाभ नही है।

    Reply
  9. सिकंदर हयात

    इस लेख में कोई खास बात नहीं हे न ही ये कोई साइट का एक्सलुसिव था इसे पहले शुक्रवार मैगज़ीन ने छापा फिर वरिष्ठ पत्रकार संजय कुमार सिंह ने अपनी वाल पर लिखा वहां से ये भड़ास पर आया साइट और वाल पर वहा इसे क्लिक आदि नहीं मिले थे . भड़ास मिडिया पर मेरी नज़र पड़ी तो वैसे तो में कोई भी अच्छा लेख देखते हुए उसे फ़ौरन अफ़ज़ल भाई को लिंक मेल कर देता हु पर लेख में कोई खास बात नहीं थी इसलिए मेने समझे भी बचे भी मोदी साइकि पर सिर्फ लिंक कमेंट में डाला फिर अफ़ज़ल भाई ने इसे साइट पर डलवा दिया उसके बाद जैसा की लगता हे की तीन तरह के निजाम हे शायद , केंद्र सरकार और पार्टी का निजाम फिर विपक्ष का निजाम फिर ऐसा निजाम जो कायम रहता हे कोई आये कोई जाए . वही कुछ लोग विपक्ष में होते हुए भी सरकार से मधुर रिश्ते में होते हे तो उधर कुछ लोग सत्ता में होते हुए भी विपक्ष सा होते हे खेर अंदाज़ा होता हे की इसी विपक्ष के निजाम की निगाह में खबर की खबर आ चूका होगा तो उसने इस लेख को वायरल कर दिया ज़ाहिर हे की बाकायदा सोच समझ कर इस लेख को फैलाया जा रहा हे यु पि में तो चुनाव हे ही मुझे लगता हे की एम् सी डी चुनाव तक इस लेख को वायरल किया जाता रहेगा हे तो ये गलत ही मगर क्या कर सकते हे ये सब शुरू तो मोदी जी और दक्षिणपंथियों ने ही किया था कहते हे की इन्टरनेट न होता तो मोदी जी को कभी बहुमत न मिलता प्रोपेगेंडे में और कोई और अभी इनके पास भी नहीं हे अब धीरे धीरे विपक्ष भी मज़बूत हो रहा हे इस फील्ड में , हलाकि अभी बहुत पीछे हे खेर जो भी हे हम तो निष्पक्ष हे और रहेंगे . अच्छी बात ये हुई की इसी बहाने लाखो लोगो को इस साईट की जानकारी तो हो ही गयी हे वही डर ये हे की कही ये लोग साइट को क्रश ही ना कर दे अगर साइट नवम्बर वाले सिस्टम में होती तो अब तक क्रश हो चुकी होती वो तो भला हो की अफ़ज़ल भाई ने दिसंबर में साइट अपग्रेड करवा ली थी

    Reply
  10. ramdhar thakur

    लेख का विषय चौंकाने वाला था इसलिए लगता है के लोग इस को एक बार जरूर क्लिक करना चाहते थे , मगर इस खबर में सच्चाई क्या है हक़ीक़त सामने आना चाहिए ! इस लेख के करण ही में इस साइट पे आया हु और यहाँ पे अच्छे अच्छे लेख पडने को मिल रहे है !

    Reply
  11. सिकंदर हयात

    ठाकुर साहब और सभी नए पाठको uttam kumar ratnesh कुमार gannilal ठाकुर Priya Gupta डॉ माधवी गोस्वामी Kuniya Falj आदि iका बहुत बहुत स्वागत हे एक रिक्वेस्ट थी सभी नए पाठको से की साइट पर जितने लेख हे तो वही उतना ही लेखन और जरुरी बहस कमेंट बॉक्स में भी मौजूद हे जबभी समय हो खबर की खबर के कमेंट और बहस भी जरूर पढ़े खासकर यहाँ जाकिर हुसेन भाई जैसे लोग सिर्फ कमेंट में ही लिखते हे पूरा नेट छान मारिये मगर ऐसा ” शुद्ध निष्पक्ष ” लेखन आपको कही नहीं मिलेगा ये लेखन आपके व्यक्तिगत जीवन में भी आपको अधिक उदार अधिक लिबरल अधिक सहिष्णु और शांत बना देगा शुक्रिया

    Reply
  12. ramesh kumar

    इस लेख में कोई खास बात नहीं है फिर भी १.३९ लाख व्यू कैसे शो कर रहा है ! संपादक मण्डली इस पर कुछ बोलेगी ! मुझे लगता है ये तो छापने लाइक भी नहीं है फिर ऐसा क्यों ! क्या माजरा है !

    Reply
  13. सिकंदर हयात

    रमेश जी ,माफ़ी चाहेंगे वैसे ऊपर कमेंट दिया तो हे हमने कुछ नहीं किया में तो सोशल मिडिया वाट्सअप आदि पर हु भी नहीं . साफ़ हे की इतफ़ाक़ से हुआ ये की विपक्ष की नज़र इस पर पड़ गयी और यु पि और एम् सी डी चुनाव को देखते हुए वो इसको फैला रहे हे कुछ दिन पहले एक समाजवादी पार्टी और आज़म समर्थक ज़ाहिद साहब ने एक नोटबंदी के दौरान जनता पर पुलिस के लाठीचार्ज का विडियो डाला था तो वो मामूली सा विडियो भी पांच लाख से भी अधिक क्लिक ले गया था साफ़ हे की जिस ट्रिक से ये सरकार आयी थी अब उसी ट्रिक में विपक्ष भी माहिर होता जा रहा हे चुनाव आयोग की पैसा खर्च पर सख्ती को देखते हुए और स्मार्ट फोन और सस्ते नेट को देखते हुए सभी पार्टिया अपना अपना ” वार रूम ” बजट बढ़ा रही हे ये सब वैसे चिंता में डालने वाली बात तो हे ही . इन सभी पार्टियों के भारी बजट के प्रोपेगेंडेबाज़ों के बीच में सत्य और भूसे के ढेर में सुई हो जाएगा

    Reply
  14. सिकंदर हयात

    रमेश भाई आप क्योकि साइट के पुराने पाठक हे इसलिए मेने फोन करके अफ़ज़ल भाई को आपकी शिकायत पंहुचा दी हे जो हुआ उसमे हम लोगो का कोई दोष नहीं हे विभिन्न पार्टियों के प्रोपेगेंडेबाज़ों से हमारा कोई भी लिंक नहीं हे ना होगा लोग स्वतः स्फूर्त पढ़े कोई विचार फैले ( हमारी भी यही कोशिश हे ) तो वो तो ठीक हे मगर इस तरह से योजना बनाकर पार्टियों के वार रुम से होने वाले – फैलने वाले प्रोपेगेंडा से बचना ही चाहिए मेने आपकी शिकायत को देखते हुए अफ़ज़ल भाई से रिक्वेस्ट की हे इस लेख को हटा लिया जाए . देखे जो अफ़ज़ल भाई ठीक समझे .

    Reply
  15. upendra prasad

    लगता है के आपका ये न्यूज़ मीडिया सेल के हाथ लग गया है और उसको ट्रोल किया जा रहा है , में हयात साहब से सहमत हूँ क्योके इस खबर में कोई डैम नहीं है ! हयात सब का आकलन ठीक है !मेरे समझ से इसे हटाने की जरुरत नहीं है !

    Reply
  16. विक्रमादित्य

    मोदी मोदी मोदी; अरे मियाँ रुको तो जरा इस देश के आजादी के बाद भी विभाजन करने वाली काँग्रेस-कुतिया पर कोई क्यों आरोप लगाते नहीं दिखता है??? जिस दिन मोदी भारत का विभाजन करा देगे उस दिन मोदी को गलत कहना उचित होगा। 70 वर्षों मॆं काँग्रेस-अँग्रेज ने भारतीय सभ्यता की बखिया उधेड़ दी है साथ ही काँग्रेस देश के राज्यों के टुकड़े करने की मंशा लिये भारत मॆं बैठी है??? मोदी ने विश्व व्यवस्था बदली है लोग भारत की व्यवस्था की बात करते हैं।

    Reply
  17. विक्रमादित्य

    मूल्ले 70 वर्ष से काँग्रेस को केन्द्र से जोड़ कर राज्य लूट रहें है। और यदि आज 1लाख मूल्ले लड़कियों की आईडी बना कर हिंदुवर्ग को भ्रमित कर रहें हैं तो उनका यह प्रयास जायज है! मूल्ले तो महिला लिवास पहन कर बम भी फोड़ लेते हैं।

    Reply
    1. prasad joshi

      Either true or false doesn’t matter. If common man does this its his liberty & if politician does either from congress or BJP then he becomes character less.
      Be broad & dig the grave of issue.

      Reply

Add Comment