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लव कुमार सिंह

अगर हम फिल्मी कलाकारों के विवाहित जीवन पर नजर डालते हैं तो यह जानकर आश्चर्य में पड़ जाते हैं कि उन जोड़ों की गिनती उंगली पर हो जाती है, जिनका विवाहित जीवन सफल रहा या सफल चल रहा है, जबकि उन जोड़ों की गिनती काफी समय लेती है जो शादी के कुछ या काफी साल बाद अलग हो गए। तलाक लेने वालों या एक-दूसरे से अलग रहने वालों की एक लंबी सूची तैयार हो जाती है।
आज के दौर की बात करें तो बिल्कुल अभी-अभी अलग हुए रितिक रोशन-सुजेन खान के अलावा आमिर खान-रीना, सैफ अली खान-अमृता सिंह, अनुराग कश्यप-कल्कि, प्रभुदेवा-लता, सोनू निगम-मधुरिमा, मनीषा कोईराला-सम्राट दहल, करिश्मा कपूर-संजय कपूर, संजय दत्त-रिया पिल्लै, महिमा चौधरी-बॉबी मुखर्जी, कोंकणा सेन-रनबीर शौरी, चित्रांगदा सिंह-ज्योति रंधावा, श्वेता तिवारी-राजा चौधरी आदि के रूप में अलग हुए जोड़ों की सूची काफी लंबी है। खिलाड़ी भी तलाक लेकर फिल्मी दुनिया से जुड़ी महिलाओं से रिश्ता जोड़ने में पीछे नहीं रहे हैं। अजहरुद्दीन (संगीता बिजलानी), महेश भूपति (लारा दत्ता), लिएंडर पेस (रिया पिल्लै) जैसे नाम इस सूची में आते हैं। करिश्मा कपूर (संजय कपूर), रवीना टंडन (अनिल थडानी) और शिल्पा शेट्टी (राज कुंद्रा) ने फिल्मों के बाहर ऐसे धनी पुरुषों से शादी की जो अपनी पहली पत्नी को तलाक दे चुके थे।
बीते समय में थोड़ा और पीछे जाएं तो बिंदु-फराह, शेखर कपूर-सुचित्रा कृष्णमूर्ति, कमल हासन-वाणी गणपति-सारिका (दो बार तलाक), बोनी कपूर-मोना कपूर, राज बब्बर-नादिरा बब्बर, महेश भट्ट-किरण भट्ट, जावेद अख्तर-हनी ईरानी, धर्मेंद्र-प्रकाश कौर, विनोद खन्ना-गीतांजलि, रीना राय-मोहसिन खान, राजेश खन्ना-डिंपल, रणधीर कपूर-बबीता, गुलजार-राखी, ओमपुरी-नंदिता पुरी, दीप्ति नवल-प्रकाश जैसे जोड़ों के नाम सामने आते हैं जिन्होंने या तो तलाक ले लिया या मतभेदों के चलते वे एक-दूसरे से अलग रहते हैं। जगदीप, मिथुन चक्रवर्ती, सलीम खान, नसीरुद्दीन शाह ने भी दो शादियां कीं हैं।

क्या हैं तलाक के कारण

समय-समय पर फिल्मी दुनिया के अंदर-बाहर व्यक्त किए गए विचारों और वहां हुए तलाकों पर गौर करें तथा विषय की गहराई में जाएं तो हम पाते हैं कि फिल्मी दुनिया में तलाक के इतने कारण पैदा हो सकते हैं जो जीवन के अन्य क्षेत्र में पैदा नहीं होते। ये कारण हैं:-
1- स्त्री-पुरुष को पाने के ज्यादा विकल्प
2- जीवनसाथी से अन्य स्त्री-पुरुष की तुलना करने की प्रबल परिस्थितियां
3- दैहिक निकटता या दैहिक आकर्षण
4- एक साथी का दैहिक आकर्षण खो देना
5- साथ रहने से उपजे वास्तविक मतभेद
6- समय नहीं दे पाना

1- स्त्री-पुरुष को पाने के ज्यादा विकल्प

फिल्मी दुनिया में पुरुष, स्त्री दोनों के लिए शरीर से फिट होने की स्थिति में मानसिक या दैहिक संबल पाने के विकल्पों की भरमार है। एक सफल अभिनेता या अभिनेत्री के निकट आने को कोई भी सहर्ष तैयार हो जाता है। विकल्प इतने हैं कि सुष्मिता सेन को शादी की जरूरत ही महसूस नहीं होती और वे कुछ समय के अंतर पर नियमित रूप से अपना ब्वायफ्रेंड बदल लेती हैं। ज्यादा विकल्प से सलमान खान को समझ ही नहीं आता कि शादी आखिर किससे करें।

2- जीवनसाथी से तुलना करने की प्रबल परिस्थितियां

अभिनय के दौरान कलाकारों का सामना तरह-तरह के व्यक्तित्वों से होता है। उनके सामने दूसरे स्त्री-पुरुषों की तरह-तरह की भावनाएं, भाव भंगिमाएं, विशेषताएं सामने आती हैं। अभिनय के कारण ही बारबरा मोरी जैसी विदेशी सेलेब्रिटी से रितिक रोशन जैसे देशी कलाकारों का सामना होता है और वे बारबरा जैसी कमाल की काया और व्यक्तित्व देखकर दंग रह जाते हैं। ऐसे में वे निश्चित ही ऐसे व्यक्तित्वों की अपने जीवनसाथी (खूबसूरत होते हुए भी) से तुलना करते होंगे, जो अंततः उनके रिश्ते में दरार का कारण बन जाता है। बताते चलें कि बारबरा से पहले रितिक-सुजेन के रिश्ते में यही काम करीना भी कर चुकी हैं, जब उनकी और रितिक की कई फिल्में एक साथ आने से सुजेन अपसेट हो गई थीं।

3- दैहिक आकर्षण

स्त्री-पुरुष देह के निकट आने के या स्त्री-पुरुष देह के सौष्ठव को देखने, निहारने, तौलने के भी इतने अवसर जीवन के किसी क्षेत्र में नहीं होते, जितने फिल्मों में सहज मिल जाते हैं। पुरुषों की फितरत और उस पर इतने अवसर और निकटता बेवफाई की कढ़ाई की आंच को तेज करने का काम करते हैं। दैहिक आकर्षण कितना प्रबल होता है ये हम कमल हासन जैसे सुलझे हुए अभिनेता के उदाहरण से जान सकते हैं। कमल हासन पहले खूबसूरत वाणी गणपति को पत्नी बनाते हैं। फिर वे सारिका जैसी नवयुवती के मोहपाश में बंध जाते हैं। इसके बाद उनके संबंध अपने से 22 साल छोटी सिमरन से बनते हैं। इसके बाद भी वे रुकते नहीं हैं। आजकल वे अभिनेत्री गौतमी के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे हैं।

4- एक साथी का दैहिक आकर्षण खो देना

देह की प्रधानता वाले इस क्षेत्र में यदि विवाहित जोड़े में से एक और वो भी खासकर स्त्री अपना दैहिक आकर्षण खो दे तो रिश्ता दरकते देर नहीं लगती। प्रकाश कौर (धर्मेंद्र), अमृता सिंह (सैफ), नादिरा बब्बर (राज बब्बर) जैसे उदाहरण हमारे सामने हैं। सैफ और अमृता की तो उम्र में भी काफी अंतर था। ऊपर से सैफ की इधर-उधर मुंह मारने की फितरत ने आग में घी का काम किया। इस विवाह के टूटने का तात्कालिक कारण बना था सैफ का इटली की मॉडल रोजा के साथ संबंध। अक्सर पुरुष को दैहिक आकर्षण के मामले में ज्यादा फर्क नहीं पड़ता और बोनी कपूर जैसे अनाकर्षक पुरुष को भी श्रीदेवी जैसी सुंदरी मिल जाती है।

5- साथ रहने से उपजे वास्तविक मतभेद

फिल्मी दुनिया हो या कोई अन्य क्षेत्र, यह एक तथ्य है कि हम किसी को कितना भी प्रेम करने का दावा कर लें, लेकिन प्रेम की वास्तविक परीक्षा साथ रहकर ही होती है। एक-दूसरे की कमजोरियों को जानते हुए भी यदि प्रेम बरकरार रहता है तो वह वास्तविक प्रेम होता है। जब यह प्रेम के बजाय सिर्फ एडजस्टमेंट होता है तो बाकी परिस्थितियों के सक्रिय होते ही मतभेद उभर आते हैं। कोर्ट में आमिर खान और रीना के अलगाव का कारण ”टेम्परामेंटल डिफरेंस” बताया गया था। ऐसे मतभेद के बावजूद दोनों करीब 15 साल वैवाहिक बंधन में रहे। कहा जाता है कि इस बंधन के टूटने का तात्कालिक कारण आमिर की उस समय प्रीटी जिंटा से हुई नजदीकियां बनीं। हालांकि शादी अमिर ने “लगान” की सहायक निर्देशक किरण राव से की।

6- एक-दूसरे को समय नहीं दे पाना

चित्रांगदा सिंह मुंबई में रहती हैं और एक से दूसरी फिल्म के सेट पर भागती रहती हैं। उधर गोल्फर ज्योति रंधावा टूर्नामेंट खेलने के लिए ज्यादातर विदेशी दौरे पर होते हैं। कल्पना करिए कि दोनों कैसे एक-दूसरे के लिए समय निकालते होंगे। थोड़ा समय निकाल भी लें तो जो अन्य पांच हालात यहां गिनाएं गए हैं, उनमें से किसी के भी उभर आने की आशंका लगातार बनी रहती है। पति-पत्नी का रिश्ता तभी जीवंत रहता है जब वे एक-दूसरे के साथ ज्यादा समय बिताते हैं। यदि ऐसा नहीं हो पाता तो फिर कुछ भी हो सकता है।
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अलग हुए पर तलाक नहीं लिया

कई कलाकार ऐसे हैं जो शादी के बाद अलग हो गए पर उन्होंने तलाक नहीं लिया। इनमें राजेश खन्ना-डिंपल, धर्मेंद्र-प्रकाश कौर, गुलजार-राखी, रणधीर कपूर-बबीता, मनीषा कोईराला-सम्राट दहल, ओमपुरी-नंदिता पुरी, महिमा चौधरी-बॉबी मुखर्जी, अनुराग कश्यप-कल्कि कोचलिन, कोंकणा सेन-रनबीर शौरी शामिल हैं।

“डेट एंड डिच” से होती है आशंका

फिल्मी दुनिया में वैवाहिक रिश्तों को लेकर इसलिए भी आशंका बनी रहती है क्योंकि अपने बॉलीवुड के कलाकार हॉलीवुड वालों की बहुत नकल करते हैं। हॉलीवुड में “डेट एंड डिच” की कहावत बहुत प्रचलित रही है और अभी भी प्रचलित है। “डेट एंड डिच” का मतलब है कि यदि आपको अपनी डेट (लड़का या लड़की) पसंद नहीं है तो उसे डिच (छोड़ना, खाई में फेंकना) कर दो।

बनी रहे इनकी जोड़ी

हम दुआ करते हैं कि शाहरुख खान-गौरी, अजय देवगन-काजोल, अक्षय कुमार-ट्विंकल, ऐश्वर्या राय-अभिषेक बच्चन जैसी जोड़ियां सदा बनी रहें। हालांकि मायानगरी से निकलने वाली खबरें हमें चौंका देती हैं। कुछ समय पहले शाहरुख खान और प्रियंका चोपड़ा की आउटडोर शूटिंग के दौरान बनी नजदीकियों से गौरी काफी अपसेट रह चुकी हैं। अक्षय कुमार का सैफ अली खान जैसा खिलंदड़ स्वभाव आश्वस्त नहीं होने देता। ऐश्वर्या की शादी के वक्त इस तरह की खबरें आईं थी कि वे शादी के लिए सौ फीसदी तैयार नहीं थीं। अब ये खबरें आ रही हैं कि उनकी जया बच्चन से नहीं बन रही हैं और ऐश्वर्या अलग रहना चाह रही हैं। सास-बहू की ये अनबन कहीं पति-पत्नी के बीच अनबन न करा दे। उल्लेखनीय है कि रितिक रोशन और सुजेन खान के अलगाव के कारणों में दोनों के द्वारा अपने नए साथी ढूंढ लेने के अलावा सुजेन और रितिक की मां के बीच अनबन भी बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि सास के साथ नहीं पटने से सुजेन अलग रहना चाहती थीं मगर रितिक अपने परिवार को नहीं छोड़ना चाहते थे।