kannada_actress_ramya
by — सिकंदर हयात

प्रेमचंद की अमर कहानी पंच परेमश्वर में बूढी खाला अलगू चौधरी से कहती हे ” क्या बिगाड़ के डर से ईमान की बात भी ना कहोगे बेटा ” आज की तारीख में सेल्यूट करना होगा कन्नड़ हीरोइन और नेत्री रम्या जी को जिन्होंने आज के डरावने समय में जब खुद केंद्र सरकार सस्ते अराजक भड़काऊ असामाजिक तत्वो की हौसला अफ़ज़ाई कर रही हो जहां रक्षा मंत्री तक देश के सबसे बेहतरीन और पक्के देशभक्त आमिर खान जैसे सुपर सितारे को धमकी देता हो जब दक्षिणपंथी ताकतों का हौसला आसमान पर हो जब कश्मीर को लेकर बेहद तनाव का माहौल हो ऐसे समय रम्या जी का मनोहर पर्रिकर दुआरा पाकिस्तान को नरक कहने पर उनका ये बयान की पाकिस्तानी बिलकुल हमारे जैसे ही हे और पाकिस्तानियो ने उनसे सार्क सम्मलेन के लिए इस्लामाबाद जाने के समय बेहद अच्छा व्यवहार किया था उनके इस बयान पर भारी हंगामा और विरोध ही नहीं हो रहा हे उन पर देश द्रोह का केस तक दर्ज हो गया हे इस पर भी रम्या जी नहीं डरी और उन्होंने अपना बयान वापस लेने से साफ़ इनकार कर दिया रम्या जी की इस ईमानदारी वो भी ऐसे कठिन समय पर इसकी जितनी तारीफ की जाए कम होगी वास्तव में इंसान की सही पहचान मुश्किल वक्त में उसके लिए स्टेण्ड से ही ज़ाहिर होती हे रम्या जी ने बिलकुल सही और जरुरी बात कही जो आज कहना जरुरी हे क्योकि दोनों देशो में दक्षिणपंथी ताकतों के हौसले चरम पर हे और हमेशा याद रहे की आख़िरकार तो इसका एक ही नतीजा निकलना हे हथियारों की होड़ और खरीद यही साऊथ एशिया पर राज़ कर रही शोषणकारी ताकतों की दिली इच्छा हे http://khabarkikhabar.com/archives/2318

जरा सोचे की रम्या जी ने भला क्या गलत कहा की पाकिस्तानी हमारे ही जैसे हे ये तो खरा सच हे ही जिससे भारत के ही नहीं पाकिस्तान के भी कट्टरपन्ति बेहद चिढ़ते हे जब पाकिस्तानी लिबरल कहते हे की हम और हिंदुस्तानी एक ही तो हे और हिंदुस्तान और हिन्दू हमारे दुश्मन नहीं हे तो पाकिस्तानी कटटरपन्तियो शोषणकारियो की फौज भी तड़प उठती हे लेकिन भला इसमें क्या शक हे बॉर्डर खिंच देने से हज़ारो साल का इतिहास सन्सक्रति थोड़े ही मिट जाएगा आखिर हे तो हम सब एक ही. यही कारण हे की पाकिस्तान की कोई भी अच्छी चीज़ भारत में भी पसंद की जाती हे देखा जाए तो रात दिन पाकिस्तान और भारतीय लिबरलों के खिलाफ ज़हर उगलने वाला ( इस समय रम्या जी के खिलाफ ) छी न्यूज़ ग्रुप तक पाकिस्तानी ड्रामो को भारत में सेल करता हे उनके लिए अलग चेनेल खोलता हे और पैसा बनाता हे उन्हें पता हे की पाकिस्तानी सीरियल भारत में चलेंगे ही क्योकि हे तो हम सब एक जैसे ही , आखिर छी न्यूज़ ग्रुप नेपाल से सीरियल क्यों नहीं लाता हे- ? इसी तरह पाकिस्तान में भारतीय सास बहु छाप सीरियलो की दीवानगी हे और फिल्मो की तो हे ही इससे वहाँ की कट्टरपन्ति ताकते बेहद चिढ़ती और इन्हें रुकवाने की बेन करवाने की लोगो को ” हिन्दू कल्चर ” से दूर करने के लाख बल्कि करोड़ जतन करते हे मगर सफल नहीं होते हे पकिस्तान में अरब या ईरानी तुर्की टीवी से बहुत ज़्यादा भारतीय कंटेंट ही पसंद किया जाता हे क्यों ? क्योकि भारतीय चीज़े या संस्कर्ति या हाल या हालात कोई परायी चीज़ हे ही नहीं तो भला पसंद क्यों नहीं आएगी —- ?

इसके आलावा ये भी सच हे की पाकिस्तान में आमतौर पर भारतीयों को बेहद सम्मान और मेहमानवाज़ी मिलती हे ये बात पाकिस्तान गए हज़ारो लोग कह चुके हे की जो मान सम्मान और इज़्ज़त उन्हें पाकिस्तान में मिला वैसे कही और कभी नहीं मिला ये सम्मान और इज़्ज़त वो ही लोग देते हे जो ये सच जानते हे की पाकिस्तान की खुशाली का अकेला रास्ता भारत से दोस्ती ही हे ऐसे में मनोहर पर्रिकर का ये बयान की पाकिस्तान नरक के समान हे पाकिस्तान के लिबरलों शान्तिप्रेमियो के दिलो को दुखाने वाला तो था ही महिलाय वैसे भी दुसरो की तकलीफो के प्रति ज़्यादा सेंसिटव होती ही हे इसलिए शायद रम्या जी ने बिगाड़ के डर की परवाह न करते हुए लिबरल पाकिस्तानियो को ये” हीलिंग टच ” दिया हे इसके लिए उनकी जितनी तारीफ की जाए कम होगी आज सबसे अधिक जरुरत हे ऐसे ही लिबरल आवाज़ों का क्योकि मोदी जी सत्ता में आने के बाद पुरे उपमहादीप की दक्षिणपंती ताकतों के हौसले बुलंद हे इनके काम होता हे अधिक से अधिक तनाव फैला जनता को उसके घोर शोषण पर से ध्यान हटवाना और मज़हब और उग्रराष्ट्रवाद की अफीम पिलाना पाकिस्तान के साथ अधिक से अधिक लिबरल होना ही पाकिस्तान और कश्मीर की समस्या का एकमात्र हल हे पाकिस्तान और कश्मीर की जनता मुल्लाओ पुंजिपतियो जमींदारों और बिगड़ैल फौज के शोषण के नीचे दबी पड़ी हे ये लोग खुद को इस्लाम का किला बताते हे इस्लाम के नाम पर हिन्दुओ से हिंदुस्तान से लड़ना और कश्मीर को भारत से अलग करवाना चाहते हे पिछले दिनों हमने देखा की किस तरह से हिंदुत्व की प्रयोग शाला गुजरात में दलित विद्रोह सा हुआ बरसो से उन्हें हिंदुत्व का झुनझुना पकड़ा कर उनका शोषण ही नहीं किया जा रहा था उनका दंगो में इस्तेमाल भी किया जा रहा था अब वहां दलित जागृति आयी हे इस विद्रोह के नेता अब दलित मुस्लिम एकता की बात कर रहे हे पाकिस्तान की बहुमत मुस्लिम आबादी का हाल भी गुजरात के दलितों जैसा ही हे जिन्हें पाकिस्तान इस्लाम का किला का झुनझुना पकड़ा कर बरसो से उनका शोषण हो रहा हे इन्ही शोषितो के बच्चो को हिन्दू और हिंदुस्तान से जंग और आतकंवाद पर भेज कर पाकिस्तानी मुल्ला जमींदार और फौज तथा नेता मौज़ करते रहे अगर हम पाकिस्तान के साथ अधिक से अधिक लिबरल और उदार बनेगे तो जल्द ही पाकिस्तानी दलित पीड़ित जनता भी गुजरात के दलितों की तरह विद्रोह कर देगी यही राह और सोच रम्या जी की भी लगती हे एक बार फिर उन्हें सेल्यूट