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हॉर्स ट्रेडिंग गन्दी राजनीति का गन्दा खेल होता है जिस में एक सयासी पार्टी सत्ता हासिल करने के लिए दूसरी पार्टी के चुने हुए सांसद की वफादारियां खरीदती है और उस के बदले में उनको करोडो में पेमेंट किये जाते है . भारतीय राजनीति में इस का खूब उपयोग होता है और सभी पार्टियां इस में लिप्त है .हॉर्स ट्रेडिंग किया है और कहा से शुरुवात हुई आइये हम आपको इस का इतिहास बताते है !

चंगेज खान को कौन नहीं जानता है ,उसने सत्ता हासिल करने के लिए ८४ लाख लोग का क़त्ल करा दिया इस तरह वह दुनिया का सब से खूंखार हुक्मरान था ! चंगेज खान ने आधी दुनिया कैसे जीता ये बहुत ही दिलचस्प सच्चाई है. उस ने दो फार्मूला अपनाए थे पहला फार्मूला गति यानि स्पीड थी. चंगेज खान की फ़ौज में गति बहुत थी वह एक हफ्ते में वहाँ पहुँच जाता था जहां दूसरी फ़ौज को एक महीने लगते थे.इस ने स्पीड के लिए अपने फ़ौज से पैदल दस्ता ख़त्म कर सब को घोड़ो पे शिफ्ट कर दिया उस के हर सिपाही के पास तिन-तिन घोड़े होते थे यात्रा के दौरान जब उस सिपाही का घोडा थक जाता तो उस घोड़े को काट देता था उस घोड़े का खून दूसरे घोड़े को पिला देता था और उस का गोश्त काट कर अपने पास रख लेता था,इस तरह उस की फ़ौज बिना रुके आगे बढ़ती थी! दूसरा फार्मूला नई तकनीक था .मंगोल दुनिया के पहले लोग थे जो दौड़ते हुए घोड़े पर बैठ कर तीर चला सकते थेइस दो फार्मूला से चंगेज खान ने आधी दुनिया को विजय किया !

चंगेज खान को तुर्किस्तान का हुक्मरान खवरिज्म शाह ने विजयी रथ को रोका क्यों के वो चंगेज खान की युद्ध तकनीक को समझ चूका था ,जब चंगेज खान १२१५ में तुर्किस्तान की तरफ बड़ा तो खवरिज्म शाह ने उत्तरी चिन से लेकर समरकंद तक रास्ते के तमाम शहरो और बस्तियों से से सभी घोड़े खरीद लिए इस लिए जब तातारी चीन से निकले तो उन को घोड़ो की कमी महसूस होने लगी इसी कारण इतिहास में पहली बार हॉर्स तर्डिंग जुमला का इस्तेमाल हुआ! ये शब्द १८९३ तक सिर्फ युद्ध और किताबो के लिए इस्तेमाल किया जाता थाफिर १८९५ में अमरीका के मशहूर अखबार न्यूयार्क टाइम्स ने पहलीबार राजनीती में इस्तेमाल किया जिस के बाद हॉर्सट्रेडिंड राजनीति का हिस्सा बन गयी इस से पहले १७९० में अमरीका के राष्ट्रपति थॉमसन जैफरसन ने अमरीका की राजधानी को बदलने के लिए ५ सांसदों के वोट ख़रीदे थे उस समउ के राजनीतिज्ञों ने उसे हॉर्स ट्रेडिंग का नाम दिया था !