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अफ़ज़ल ख़ान

एमटीवी से मक्का तक ” एक किताब है जिस को इमरान खान की पूर्व प्रेमिका और नौ मुस्लिम महिला क्रिस्टीना बेकर ने लिखी है – क्रिस्टीना बेकर एमटीवी की पहली जर्मन एंकर थी – इमरान खान के प्यार में गिरफ्तार हुई .मुसलमान हुई लेकिन मंजिल फिर भी हाथ नहीं आया .हालांके क्रिस्टीना ने साफ लिखा है के इमरान ख़ान की मुहब्बत या शादी के लालच से इस्लाम क़ाबुल नही के बल्के उन्हे इस्लाम मे बहुत अच्छाया देखी इस लिये इस्लाम क़ाबुल की.क्रिस्टीना ने 1995 मे इस्लाम क़ाबुल किया, एक पब्लिशर के आग्रह पे उन्हो ने अपनी AUTOBIOGRAPHY को किताबी शक्ल दी,इस पुस्तक मे उन्हो ने अपने बचपन और परिवार की बाते के साथ ही किस तरह वो एमटीवी ए आंकर बनी और कैसे इस्लाम की तरफ आकर्षित हुई सभी विषयो पे लिखा है, मगर हम यहा सिर्फ इमरान खान के बारे मे उन की क्या राय है हम वही अंश पेश करे गे. इस पुस्तक में जहां हमें इमरान खान का गुणगान पता चलती हैं वहां यह भी पता चलता है कि इमरान की मानसिकता महिलाओं के मामलों में आम पाकिस्तानी पुरुषों से अलग नहीं –

इमरान खान ने करस्टेना के साथ पहले तो खूब मज़े किए – शादी के झांसे दिए – साथ इस्लाम का तड़का भी लगाया – देखिये वे क्या कहती है.—

” जब इमरान खान लंदन में फिर बैठक शुरू हुई तो उन्होंने अक्सर हमारे भविष्य के बारे में संकेत देने शुरू किए – हालांकि उन्होंने मुझे औपचारिक तो प्रोपोज़ , लेकिन ाकतरबातों कहा के क्या हमें शादी कर लेनी चाहिए -उन्होंने मुझे एक सुंदर सोने का हार दिया जो शब्द अल्लाह लिखा था – मैं बहुत प्रभावित हुआ और हर समय इसे पहन रखा – उन्होंने मुझसे कहा कि मैं उनके साथ रहने लग जाऊं – यह मेरे लिए एक आश्चर्य किन बात थी क्योंकि मेरा मानना था कि इमरान कभी किसी महिला के साथ ( बिना शादी ) के नहीं रहा – अपने धर्म महिला और पुरुषों को शादी के बिना रहने की अनुमति नहीं देता – लेकिन लगता था इमरान मुझसे शादी में गंभीर है और वह ( शादी ) पहले परीक्षा में साथ रहना चाहता है – ( उद्धरण पुस्तक ” एमटीवी से मक्का तक ” अध्याय चार )

लेकिन हमेशा की तरह इमरान खान कुछ समय बाद दिल भर गया – विवाह से जान छुड़ाने के लिए बहाने ढूंढने लगे – पहला बहाना तो बहुत दिलचस्प था –

” बहार का मौसम शुरू हुआ तो इमरान की मुझे कॉल आई बताया के मेरे एक मौलाना ने बताया है के इमरान और मेरा संबंध सफल नहीं हो सकता – मेरी दुनिया एकदम उलट पलट हो कि रह गेय – और मुझे गंभीर सदमा पहुंचा – ” (उद्धरण पुस्तक ” एमटीवी से मक्का तक ” अध्याय छह )

क्रिस्टीना ने फिर भी पीछा नहीं छोड़ा तो इमरान जो स्वयं एक एक प्ले बॉय PLAY BOY के नाम से मशहूर था ,उस ने उस पर चरित्र्हीन के इल्जाम लगा कर उस से पीछा छुड़ाने की कोशिश की. – क्योंकि पुरुषों का योगदान जो इच्छा हो महिला पर आरोप आसानी से लगाया जा सकता है –

” एक सप्ताह बाद इमरान ने मुझे पाकिस्तान से कॉल और मुझ पर आरोप लगाया कि एक आदमी मेरे संबंध हैं और हमारे बीच अब कुछ बाकी नहीं रहा – इमरान ने कहा कि यह पता चला है कि सुबह के समय किसी मर्द घर से निकल रही थी – यह एक हास्यास्पद आरोप था और पूरी तरह से निराधार – आंसउं के साथ उसे समझाने की कोशिश की कि ऐसा कुछ नहीं है और किसी को कोई गलतफहमी हुई है – अगर हम एक साथ नहीं रह सकते तो हमें बड़ों की तरह उसे डस्कसस करना चाहिए – “(उद्धरण पुस्तक ” एमटीवी से मक्का तक ” अध्याय छह )

खैर इस तरह जब इमरान ने शादी से जान छुड़ा ली तो सुलह कर ली – अब क्या हर्ज था –

” कुछ समय बाद मैं और इमरान ने बात की और मैं गलतफहमी दूर करने की कोशिश की – यह मेरे लिए बेहद महत्वपूर्ण था कि इमरान यह माने कि वह कुछ नहीं किया जो उसने मुझ पर शक किया – और अंत में मुझे लगता है कि इमरान ने मेरी बात स्वीकार की – लेकिन हमारा संबंध समाप्त हो गया था हालांकि फोन पर कभी कभी हम बात करते रहे – मुझे लगता था कि उसे अपने पीर- मौलाना की बात सुनने की बजाय अपने दिल की बात सुननी चाहिए – लेकिन उसका मन नहीं बदल सकी – “(उद्धरण पुस्तक ” एमटीवी से मक्का तक ” अध्याय छह )