khalid-kanhaya

यहाँ ”कन्हेयाओ” मेरा आशय देश की सभी सेकुलर और प्रगतिशील वाम और गांधी वादी आदि ताकतों से हे जो आज अपने सामने सबसे बड़ी चुनौती देश की पहली शुद्ध संघी सरकार से मुखातिब हे सभी की और हरचंद कोशिश हे की कैसे भी करके अगले लोकसभा चुनावो में इस सरकार को हटाया जाए और लगातार इसे राज्यों में हराकर हराकर राज़्यसभा में कमजोर किया जाए ताकि ये संसद में अपनी कोई गंभीर समस्या पैदा कर देने वाली मनमानी ना कर सके सही हे जे एन यु काण्ड में आज कन्हैया की जमानत हो गयी कुल मिलाकर मामला यही लग रहा हे की अफज़ल गुरु की फांसी की बरसी पर उसके विरोध में रखे प्रोग्राम में कुछ कश्मीरी छात्रों ने देश विरोधी और आज़ादी समर्थक नारे लगाय जिसे वीडियो में छेड़छाड़ करके वाम शक्तियों के नाम कर दिया गया किसने किया क्यों किया ? क्या मकसद था दुनिया जानती ही हे सब कुछ साफ़ हो चूका हे लेकिन हमारी अपील सभी वाम और सभी सेकुलर प्रगतिशील ताकतों से की वो किसी हालत में भी हिन्दू कटटरपन्तियो से लड़ते हुए ये भूल ना करे की आप किसी भी मुस्लिम कटटरपन्ति या कश्मीरी अलगाववादी ताकतों के साथ मानवाधिकार की खातिर ही सही मगर ना खड़े हो उनके साथ ,ऐसे लोगो को साथ ना ले आप लोगो ने कभी कश्मीरी पंडितो या पाकिस्तान और बांग्लादेश से भगाय जा रहे हिन्दुओ के साथ हुए जुल्म और उनके पलायन का मुद्दा कभी नहीं उठाया कारण ये नहीं हे की आपको उनके साथ सुहानुभूति ना थी कारण था कश्मीरी पंडितो और उनके के मुद्दे उनके नेताओ का पूरी तरह से संघ परिवार का हाईजैक और इस्तेमाल और आपकी मज़बूरी हे की आप कभी हिन्दू कटट्रपंथ के साथ नहीं दिख सकते हे इनके साथ आप कोई मंच शेयर नहीं कर सकते हे सही भी हे मेरी अपील यही हे की यही सख्ती आप मुस्लिम कटटरपन्तियों कश्मीरी अलगावादी लोगो से भी करिये उनका साथ भी कभी भी ना ले ना दे मानवाधिकार की खातिर भी नहीं जो लोग भारत तेरे टुकड़े होंगे इंशाअल्लाह जैसे नारे लगाते हे वो पुरे भारत के और खासकर भारत के मुसलमानो के सबसे बड़े दुश्मन और पुरातनपंथी हे ऐसे लोगो का मानवाधिकार सेक्लुरिसम सबको न्याय आदि प्रगतिशील मूल्यों से भला क्या लेना देना हो सकता हे ? आप सेकुलर पगतिशील और सबको न्याय समानता और शोषणरहित भेदभाव रहित समाज बनाने के लिए ज़द्दोज़हद कर रहे लोगो का भला मुस्लिम कटटरपन्तियो से क्या मेल ?

आप लोगो का भी मकसद समाजवाद हे और इस्लाम भी अपने मूल रूप में सबसे समाजवादी धर्म हे इस्लाम के मूल्यों और समाजवाद के मूल्यों में बहुत कुछ साझा हे शायद ये कारण हो सकता हे की आप लोग जो सख्त रवैया हिन्दू कटट्रपंथ के खिलाफ रखते हे वो मुस्लिम कटट्रपंथ के खिलाफ नहीं रखते हे ? मगर वो मज़हब की बाते हे वो आदर्शवाद हे सही हे वो अपनी जगह हे लेकिन में एक आम और वैचारिक मुस्लिम अपने गहन अध्यन और जीवन में मिले जमीनी अनुभवों से साफ़ साफ़ जान गया हु आप भी जान ले की एक मुस्लिम कटटरपंथी आदमी वो होता हे जिसका एकमात्र काम मकसद और लब्बोलुआब होता हे जनता का ध्यान उसके शोषण पर से हटाकर गैर मुस्लिमो या फिर इस्लाम के ही कुछ फिरको के खिलाफ भड़काना और कुछ नहीं एक मुस्लिम कटटरपन्ति इस्लाम इंसानियत और सेकुलर इण्डिया का दुश्मन ही हो सकता हे और कुछ नहीं भारत की वाम ताकतों और चिंतन पर पहले भी ये आरोप लग चूका हे की उन्होंने पाकिस्तान निर्माण को समर्थन दिया था ( आरोप ) ? खेर हम आज की बात करे तो आखिर कैसे कश्मीरी अलगावादियों ने चाहे वो छात्र या कोई बाहर से आये लोग थे आखिर कैसे उन्होंने आपके सामने आपके भारत तेरे टुकड़े होंगे या कश्मीर आज़ाद होगा जैसे नारे लगाने की बात सोची भी कैसे ? ज़ाहिर हे उन्होंने आपको अपना थोड़ा बहुत हमदर्द समझा होगा तभी उनकी हिम्मत हुई ?

उनकी इस ग़लतफ़हमी को सख्ती से दूर कर कर दीजिये की आप उनके साथ नहीं हे एक इंच भी नहीं एक आम आदमी और शुद्ध बिलकुल शुद्ध सेकुलर भारतीय मुस्लिम होने के नाते हमारा सुझाव हे की कोई ऐसा काम या भूल या कोई ऐसी बात ना करे जिससे कोई मुस्लिम कटटरपन्ति या कश्मीरी अलगावादी आपको अपना हमदर्द समझे जो कश्मीरी कश्मीर को भारत से अलग करना चाहते हे हे वो पुरे साम्प्रदायिक और सामंतवादी लोग हे आपका उनका भला क्या मेल ? इन कश्मीरी अलगावादियों ने कश्मीर की भयंकर समस्या के माध्यम से पुरे दक्षिण एशिया की गरीब आबादी को बंधक बना रखा हे खुद को ये बाकी उपमहादीप की जनता से अलग ऊँचा और खास समझते हे ये ना भारत में मिलना चाहते हे न पाकिस्तान में इनका सपना वही हे जो महाराजा हरी सिंह 23 अक्टूबर 1947 तक संजोय थे की कश्मीर का स्विट्ज़रलैंड जैसा तटस्थ और अलग देश बनना इनको बढ़ावा दिया पाकिस्तान के खून चूसने वाले जमींदारो बेलगाम फ़ौज़ और मुल्लाओ और नेताओ ने जिनका एकमात्र मकसद पाकिस्तान की जनता का घोर शोषण फिर उसके शोषण से उसका ही ध्यान बटवाना था ऐसे मकसद के साथ कोई शुद्ध सेकुलर और प्रगतिशील आदमी कैसे एक सेकण्ड भी खड़ा रह सकता हे ? फिर भी सही हे की आप लोग कश्मीर से सेना की वापसी , मानवाधिकार की बेहतर इस्तिति और कश्मीर में शान्ति और वहा के लोगो की खुशहाली चाहते हे मगर उसके लिए कश्मीरी अलगावादियों के साथ खड़े होकर अफज़ल गुरु और मकबूल बट्ट की बरसी मानाने के बजाय अगर आप लोग भारत पाकिस्तान के शुद्ध सेकुलर और प्रगतिशील लोगो को ज़्यादा से ज़्यादा एक साथ बैठाने की कोशिश करे वो ही बेहतर नहीं होता क्योकि कश्मीर की समस्या का एकमात्र हल भारत पाक में शान्ति दोस्ती और पुरे कश्मीर में कश्मीरियों की आवाजाही की खुली छूट ही हे और इस समस्या का कोई हल ही नहीं हे कश्मीर को स्विट्ज़रलैंड बनाने का सपना देखने वाले अलगावादियों की मिाजाजपुर्सी करना तो कतई नहीं दुनिया की एक सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी का देश भारत भला क्यों अब टू नेशन थ्योरी के आधार पर कश्मीर छोड़ेगा और क्यों भला ?

फिर भी अगर आपको लगता हे की अफज़ल गुरु की फांसी गलत थी तो उस पर विरोध के साथ साथ आप अपने मुस्लिम नेताओ चिंतको और कार्यकर्ताओ को भी आगे करे की वो उसी जोश और ज़ज़्बे के साथ आगे आकर कश्मीरी पंडितो पाकिस्तान और बांग्लादेश से भाग रहे हिन्दुओ के लिए भी आवाज़ उठाय ? कश्मीर समस्या से इतर भी बात करे तो कोई ऐसा काम कभी ना करे जिससे मुस्लिम कटटरपन्तियो का ज़रा भी हौसला या बचाव हो हिन्दू कटट्रपंथ से लड़ाई में आपका बेहतरीन इतिहास और योगदान रहा हे मगर इस बात को भी समझे की मुस्लिम कटट्रपंथ भी बहुत भारी समस्या हे और ऐसा नहीं हे की उसे ज़रा भी ढील दी जाए या नज़रअंदाज़ किया जाये साम्प्रदयिक समस्या को कश्मीर को अयोध्या को इस तरह से समझे की ये सब उपमहादीप में हिन्दू और मुस्लिम कटटररपन्तियो के बीच पूर्ण वर्चस्व की लड़ाई के हिस्सा हे ये ऐसा नहीं हे की सिर्फ हिन्दू कटट्रपंथ से ही जुडी हुई समस्याए हे ये दोनों कटट्रपंथ अगर खत्म होंगे तो एक साथ खत्म या कमजोर होंगे वार्ना बड़े आराम से फलते फूलते रहेंगे में आपको साफ़ बता देना चाहूंगा की मुस्लिम कटट्रपंथ भारत के लिए भारतीय उपमहादीप के लिए एक बड़ा और गंभीर खतरा हे कोई ऐसा काम बिलकुल ना करे जिससे इन कटटरपन्तियो का हौसला बढे इस बात की फ़िक्र मत कीजिये की मुस्लिम कटट्रपंथ के खिलाफ भी सख्त रवैया रखने पर आम मुस्लिम आपसे दूर हो जाएगा नहीं ऐसा नहीं होगा ना ही ऐसा हुआ की हाल ही में जैसा की बड़ी आशंका थी की कही इस संघी सरकार से परेशान होकर बिहार का मुस्लिम विधानसभा चुनावो में जो लगभग ” स्टालिग्राड 1943” जैसा बन गए थे ओवेसी जेसो के पाले में ना चला जाए मगर ऐसा नहीं हुआ इस समय आम मुस्लिम इस सरकार से बेहद चिंतित और आशंकित हे मोदी सरकार से छुटकारा के लिए उसे हर हाल में आपका साथ देना ही पड़ेगा यानी ये बिलकुल सही मौका हे की एकतरफ तो मुस्लिम कटरपंथ के खिलाफ भी स्टैंड ले लिया जाए और दूसरा मोदी साकार के अगला चुनाव हारते ही ही हिन्दू कटट्रपंथ को भी बेहद गहरा झटका लगेगा जिससे वो कोमा में भी जा सकता हे अभी नहीं तो कभी नहीं दोनों कटट्रपंथ के खिलाफ जिहाद छेड़ने का ये बिलकुल सही समय भी नियति की तरफ से मुकर्रर हो सकता हे फिर ये भी याद रखिये की हर आदमी वामपंथी या दक्षिण पंथी नहीं होता हे बहुत से लोग तटस्थ भी होते हे ऐसे भी करोड़ो आम आदमी भारत में हे इस बात का ध्यान रखना हे की कोई ऐसा काम भूल कर भी हो जिससे संघी मिडिया को प्रोपेगेंडा करके ऐसे लोगो को अपने मोदी खेमे में लाने में ज़रा भी सफलता मिले इसलिए मेरी बात हमेशा याद रखे की किसी भी हालात में किसी भी मुस्लिम कटटरपंथी का साथ ना तो दे ना ही ले कभी भी नहीं