imran

हाल ही में एक धमाका सा हुआ जब पता चला की सिर्फ दस महीने पहले हुए इमरान खान रेहाम की शादी टूट रही हे ये कोई सीधा सीधा बेमेल विवाह भी नहीं था दोनों ही चालीस पार के थे दोनों ही लंदन में पढ़े लिखे थे दोनों की ही ये दूसरी शादी थी दोनों के ही पहली शादी से बच्चे भी थे दोनों ही राजनितिक रूप से जागरूक थे इमरान खान तो खेर हे ही पाकिस्तान के बड़े नेता और भविष्य में अवश्य ही कभी न कभी बनने वाले पाकिस्तान के पी एम फिर भी ये विवाह इतनी जल्दी टूट गया विवाह टूटने पर जो खबरे आ रही हे और जो रेहाम खान ने कहा http://www.bhaskar.com/news-ht/INT-imran-khans-ex-wife-says-they-wanted-me-to-cook-chapatis-stay-indoors-5169173-PHO.htmlउसका विश्लेषण करने से पता चलता हे की इस तलाक में काफी सारे सबक उपमहादीप के बहुत से लोगो के लिए छुपे हुए हे आइये देखते हे वो क्या क्या सबक हे!

सबसे पहले तो यह बात की बहुत से लोगो की ( खासकर पढ़े लिखे मुस्लिमो के लिए थोड़ा ज़्यादा वैसे सबके लिए ) की वो अपने लिए पढ़ी लिखी स्मार्ट लड़की चाहते हे और जरूर चाहते हे सही हे इसमें कोई बुराई नहीं हे मगर उसी स्मार्ट लेडी को पाने के बाद आप उनसे अगले ही दिन एकदम घरेलू घर में रहने वाली सारे दिन घर की चिंता में मशगूल रहने वाली पारम्परिक भूमिका में देखना चाहते हे ये बहुत बड़ी मूर्खता हे इससे बाज़ आना चाहिए इमरान को रेहाम की जो स्मार्टनेस पसंद आई होगी वो स्मार्ट नेस घर से बाहर निकलने पर ही आती हे ( टीवी सीरियलों को छोड़ दे तो भला कौन घर पर स्मार्ट बन कर रहता हे ) ? दूसरा इमरान जैसे लोग ये भूल जाते हे की अगर रेहाम कोई पारम्परिक घर चलाने घर बैठने वाली लेडी होती ( जिसमे ज़रा भी बुराई नहीं हे ) तो भला वो इमरान को क्यों मिलती ? क्यों दिखती क्यों इंटरव्यू लेने आती ? कैसे आपको प्रभावित करती ? क्यों आपको प्यार होता ? क्यों फिर आपकी लवमैरिज होती ? सबक ये हे जिन्हे सिर्फ घर पर रहकर घर चलाने वाली बीवी चाहिए तो वो लवमैरिज भूल जाए अरेंज्ड मेरिज करे अरेंज्ड मेरिज करे तो स्मार्ट नेस भूल जाए स्मार्ट नेस चाहिए तो परम्पराओ को भूल जाए दो नाव की सवारी न करे

दूसरी बात जो रेहाम खान और बहुत सी महिलाओ को समझनी चाहिए की जैसा की आजकल हर दूसरे टीवी सीरियल में ये बकवास दिखाई जा रही हे की कोई भी लड़की हो सीरियल में उसका रिश्ता सिर्फ कंपनी के मालिक से ही होता हे क्लर्क से नहीं हमेशा याद रखिये की आमतौर पर हर आदमी या परिवार अपनी बराबरी में ही रिश्ता जोड़ना चाहता हे अब अगर आपके यहाँ आपकी हैसियत से बहुत ऊपर का रिश्ता अगर आ रहा हे तो समझ जाइए की उसमे कुछ न कुछ एक राज़ होगा अवशय ही होगा वो राज़ बहुत छोटा भी हो सकता हे और बहुत बड़ा भी पता करना उस राज़ को समझना उस राज़ के बावजूद शादी करना सही होगा नहीं होगा ये समझना आपका काम हे रेहम खान को सोचना चाहिए था की वो एक आम रिपोटर थी वो भी लंदन में तो शायद सिर्फ वेदर रिपोटर थी और आपका रिश्ता आ रहा हे एक ऐसे आदमी से जो बहुत ही बड़ा नाम हे सारी दुनिया जिसे जानती हे और जो कल को दुनिया के दस बड़े देशो में से एक का पी एम भी हो सकता हे यानी बहुत बड़ा फर्क तो रेहाम को तभी समझ जाना चाहिए था की एक इतना बड़ा और व्यस्त आदमी मुझसे शादी करना चाह रहा हे तो इसके पीछे कुछ राज़ तो होगा ही इसके पीछे राज़ यही था की इमरान को आपसे शुद्ध प्यार शायद नहीं था उन्हें सिर्फ अपना घर संभालने वाली अपनी कुछ जरूरते पूरी करने वाली लेडी चाहिए थी न की कोई कंधे से कन्धा मिलाकर चलने वाली लेडी ऐसी बात नहीं हे की इमरान को ऐसी लेडी पाकिस्तान में या अरेंज्ड मेरिज से नहीं मिल सकती थी मिल सकती थी मगर इन्हे अपनी इगोसेटिस्फ़ेक्शन के लिए एक स्मार्ट डेशिंग लेडी की भी दरकार होती हे इन बातो को रेहाम को पहले ही समझ कर किलयर कर लेनी चाहिए थी जो उन्होंने नहीं किया!

तीसरी बात जो सभी औरतो मर्दो को समझनी चाहिए ये की उपमहादीप में इस तरह की जो शादिया होती हे जिनमे हैसियत का भारी फर्क होता हे उसमे ऊँची हैसियत वाले के परिवार वाले हमेशा यही तम्मना रखते हे की कम हैसियत वाला फरीक जरा झुक कर अदब में रहेगा और हर हुकुम की तामील करेगा घर के मालिक नहीं बल्कि कर्मचारी जैसा वयवहार करेगा बताया जा रहा हे की इमरान की बहनो की खासकर रेहाम से बिलकुल नहीं पटी उन्हें रेहम हमेशा एक ऐसी मामूली लेडी लगी होगी जिसने आकर उनके ऊँची हैसियत वाले भाई के घर पर कब्ज़ा कर लिया तो ये सब सबक इमरान रहम की शादी से मिलते हुए दिखाई दे रहे हे यहाँ हम ये नहीं कह रहे हे की अलग अलग हैसियत बैकग्राउंड सोच समझ सामाजिकता वाले लोग आपस से शादी ना करे जरूर करे अरेंज्ड भी करे और प्यार तो खेर कुछ भी कितना भी बड़ा फर्क देखता ही नहीं हे सही हे शादी जरूर करे मगर इन सब बातो को भी समझ ले सोच विचार कर ले तो हर्ज़ नहीं हे