modi-insult
हमारे प्रधान मंत्री बार बार विदेश क्यूँ जा रहे हैं ? यह मात्र २० रुपये में सौ ग्राम तक दाल पा जाने वाले लोगों को आज तो समझ नहीं आ रहा ! जिनको आ रहा है वो पूछने वालों को यह जवाब देने की स्थति में भी नहीं की भाई विदेशो में खरीदना हो तो दाल सस्ती मिलती है और बेचना हो तो अच्छे दाम मिलते है ! जिससे दाल उगाने वाले किसानो को फायदा होगा और … चलो छोडो , देश और दाल की क्या बराबरी ? इस संकीर्ण और छोटी सोच को त्याग भी दें तो भी टी वि पर हमारे प्रधान मंत्री के बड़े बड़े सत्कार समारोह देख तो लगता है की अब हर महिना या तो अगस्त है या जनवरी ! और दुनिया का हर देश जब भी मोदीजी पहुँचते हैं भारत का स्वतंत्रता दिवस या गणतंत्र दिवस समझ के मना रहा है ! बेचारे गरीब का सीना चौड़ा हो जाता है ! अब यह बात अलग है की ऐसा करने में उसका पहले से पिचका पेट ऊपर की फटी बनियान का झंडा फहरा देता है !
और उसके बाद उस देश का मोदीजी के साथ खड़ा दिखने वाला सूट बूट वाला क्या बोलता है यह तो उसके समझ नहीं आता लेकिन जब से मोदीजी प्रधान मंत्री बने है तब से हमारे देश के प्रधान मंत्री को सिर्फ अंग्रेजी बोलना अनिर्वार्य नहीं यह रहस्योद्घाटन भी उसे हो जाता है !!! और वो किचन में प्याज प्याज ढूंडति अपनी भागवान को आवाज देकर कहता है
“अरी सुनती हो ! क्या अभी तक दाल और प्याज से ही खाना बना रही हो ? वो देख ! हमरे प्रधान मंत्री का कह रहे हैं ? सुनसुन !!
बेचारी दाल और प्याज में अटकी भागवान अपने आप को कोई पिछड़े ज़माने की गंवार न कह दे यह सोचकर किचन छोड़ सीधा टी वि के सामने खडि हो बड़े गौर से सुनने लग जाती है ! सबसे पहले तो यह समझ में आता है की सामने बिना किसी केसरिया या हरा या लाल गुलाबी रंग के कपडे पेहने दो व्यक्तियों में से एक हिंदी बोल रहा है ! चलो ! समझे भले ही न लेकिन बिना दिमाग को तकलीफ दिए सुन तो सकते हैं ! सोचकर सुनती रहती है !
” अब जाएँ का ? “
बिच में ही यह आवाज सुनकर पति गुस्से में बीबी को देखता तो है लेकिन अब अगर उसे रुक कर सुनने को कहंगे तो ये लोग क्या कह रहे हैं पूछ न ले सोचकर बीबी को जाने देता है और अब इतनी बड़कइ के बाद खुद भी चैनल कैसे बदले सोच वही देखते रहता है !
चलो यह तो हुवा व्यंग्य ! जो इस देश में ही हो रहा है और किसी भी चैनल के कैमरे की पहुँच से बाहर है इसीलिए इसे पढ़ने में किसी को मेरे बी जे पी विरोधी होने के अलावा और कोई बात का गुस्सा नहीं आएगा ! लेकिन वो जो कल ब्रिटेन में हुवा ? जो भी मोदीजी के बारे में कहा गया और जो भी उनसे पूछा गया क्या उसे भी ऊपर लिखी एक व्यंग्यात्मक घटना समझ कर और कैमरन को भी बी जे पी विरोधी कह कर भुला जा सकता है ??
लेकिन यहाँ तो “मोदीजी ने क्या जवाब दिया !!! वाह !!!”  यही गूंज सुनाई दे रही है !
ब्रिटेन में क्या कहा और लिखा गया की बात का जिक्र करके मैं अपने सन्मान में और साधन नहीं जुटाना चाहता ! लेकिन मुझे हैरत है भारत में जो कहा और लिखा जा रहा है उससे ! ब्रिटेन में क्या कोई मुशायरा करने गए थे हमारे प्रधान मंत्री ? जो उनके जवाब पे तालियाँ बजाकर उस सवाल को साफ़ नजर अंदाज किया जाय जो पूछा गया ?? और जिसकी आंच से बचने के लिए कैमरान को यह कहना पड़ा की वे हमारे प्रधान मंत्री का केवल इसीलिए स्वागत कर रहे हैं क्यूँ की उन्हें भारत की जनता ने सर्वाधिक जनाधार के साथ चुना है ??
यहाँ विदेश में नजर आने वाले मोदीजी भी अगर किसी को सिर्फ बी जे पी की प्रॉपर्टी लगते हो तो उनके स्वागत में अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देश क्यूँ एडी चोटी का जोर लगा रहें हैं ? इस सवाल के चक्कर में मैं नहीं पडूंगा ! लेकिन मोदीजी के देश का देशवासी होने के नाते मुझे उनका अपमान अगर मुझे मेरा अपमान लगता है तो इसमें तो किसीको ऐतराज नहीं होना चाहिए ! इतनी आशा रखने की हिम्मत कर मैं बेतहाशा खुश होने वालों को ये दिखाना चाहता हूँ की अगर ब्रिटेन यह खुद मानता है की हमारे प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी वहां केवल नरेंद्र मोदी नहीं बल्कि हिन्दुस्थान का चेहरा है  तब हमें क्या खुद ब्रिटेन को भी यह अधिकार नहीं रह जाता की वह उसे पूर्व के किसी नरेंद्र मोदी से जोड़कर कुछ सवाल करने की जुर्रत करे ! और ऐसी जुर्रत करने वाले को हमारे पी एम् से पहले खुद कैमरान को जवाब दे देना चाहिए था !
लेकिन ऐसा नहीं हुवा ! मोदीजी को खुद अपनी सफाई देनी पड़ी और कैमरान ने उनकी बात का अनुमोदन तक नहीं किया और सबकुछ भूलकर भारत के एक पि एम् के साथ केवल सर्वाधिक जनाधार के कारन भविष्य की और बढ़ने की बात कह कर हर उस सवाल को सही ठहरा दिया जो हमारे पि एम् के ओहदे और खुद नरेंद्र मोदीजी की शान के सर्वथा खिलाफ थे ! और हम है की यहाँ तालिया पिट रहे हैं ??
अब आते हैं वापस अपनी धरती पर ! पता है इसका जवाब क्या है ? हम  नेताओं को एक दुसरे को नीचा गिराते देखने के इतने आदि हो चुकें हैं की अब हमें यह भी समझ नहीं आता की हमारे नेता का अपमान हो रहा है या मान ? सिर्फ जवाब या बयान ही नहीं सवाल का भी अपना स्तर होता है यह तो किसी के पल्ले ही नहीं हैं ! बस क्या जवाब दिया है ? वाह ! वाह !! में हम इतने भाव विभोर हो जाते हैं की यह भी भूल जाते हैं की दुनिया सब देख रही हैं ! आपके पोष्टर वार हो , ट्विटर वार हो या चुनावी भाषणों में विरोधी के बीबी बच्चों का तक आपत्तिजनक भाषा में उद्धार करना हो ! दुनिया सब देख रही है !! लेकिन हमें नहले पे देहाला देखने के मजे में यह तक समझ में आना बंद हो गया है की वो नेहला या देहाला आखिर सबसे पहले किस का अपमान कर रहा है ?
और दूसरी बात अपने देश में ऐसे तो हर बात पर अपनी पार्टी के हर दावे के लिए कांग्रेस का सहारा लेने वाली एन डी ए सरकार ब्रिटेन के सामने भारत के हर दावे के लिए पाकिस्तान का सहारा लेना क्यूँ भूल गई ? क्यूँ नहीं पूछा हमारे प्रधान मंत्री ने की क्या ब्रिटेन के किसी पत्रकार ने पाकिस्तान के किसी पी एम् से ऐसी बात करने की हिम्मत दिखाई ? अरे वहां तो सिर्फ मुस्लिम होते हुवे भी रोज एक गुजरात हो रहा है ! गुजरात क्या भारत में हुवा कोई भी घरेलु फसाद जिसकी नोक बराबर भी नहीं बैठेगा ऐसे ऐसे भयानक और घिनौने मानवता विरोधी काण्ड हो रहे हैं ! कभी पूछा उस जब उठे तब कश्मीर का तुन तुन्ना ले आने वाले नवाज शरीफ से ?? लेकिन हमें तालियां बजाने से फुर्सत मिले तब तो ……