सब से पहले खबर की खबर के पाठको और लेखको को स्वतन्त्रा दिवस की मुबारक बाद पेश करता है .

मौलाना अबुल कलाम आजाद का जन्म 11 नवंबर, 1888 को हुआ था. अबुल कलाम आजाद के जन्मदिन 11 नवंबर को प्रतिवर्ष शिक्षा दिवस के रूप में मनाया जाता है. मौलाना अबुल कलाम आजाद की राय“आजादी इंसान का पैदायशी हक है. कोई व्यक्ति खुदा के बंदे को गुलाम नहीं बना सकता. गुलामी को चाहे जितने सियासी जुल्मों के जरिए आजादी ठहराया जाए लेकिन गुलामी तो आखिर गुलामी है. यह खुदा की मंशा के खिलाफ है. भारत आजाद होगा और इसे दुनिया की कोई ताकत नहीं रोक सकती.” अबुल कलाम आजाद ने अपने इन्ही विचारों से अंग्रेजी हुकूमत की चूलें हिला दी थीं. आजाद के विचार और उनकी राष्ट्रभक्ति कभी भुलाई नहीं जा सकती.

मौलाना अबुल कलम आजाद का वह ऐतिहासिक भाषण जो उन्हों ने जमा मस्जिद से भारत -पाकिस्तान के बंटवारे पे दी थी और जो बंटवारे के खिलाफ थे और उन के भाषण ने लाखो लोग जो पाकिस्तान कूच कर रहे थे वह इन का भाषण सुन कर रुक गए और यही पे सुकुनियत इख़्तियार कर ली .आप उन के दूर -अनेशि का अंदाजा लगिए के उन्हों ने जो बात १९४७ में कही थी आज पूरी सच साबित हुई .