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सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा,
हम बुलबुले हैं इसके , ये गुलिस्तान हमारा।
मज़हब नही सिखाता आपस मे बैर रखना ,
हिंदी हैं हम वतन हैं , हिंदोस्ता हमारा।

अल्लामा इकबाल कि ये पंक्तियां आज भी कई लोग गुनगुनाते मिल जाते हैं अक्सर या तो 15 अगस्त या 26 जनवरी या जब हिंदुस्तान पाकिस्तान का क्रिकेट होता है , क्युंकी हमारी देश भक्ति इसी दौरान जागती है, बाकि पूरे साल तो हम हिंदु हैं तो मुसलमान को गाली देते हैं और अगर मुसलमान हैं तो हिंदुओ को । कभी कभी तो हम 15 अगस्त और 26 जनवरी को भी नही छोड़ते । पूरे साल या तो जय श्री राम बोल कर मुसल्मानो को काटते हैं या अल्लाह हो अकबर कह कर हिंदुओ को। पाकिस्तान को बोलते हैं कि आज का पाकिस्तान जिन्ना का पाकिस्तान नही है , अरे नामुरादो, निकम्मो, बेगएरतो तुम्हारा हिंदुस्तान क्या गांधी , नेहरु, आज़ाद या भगत का हिंदुस्तान है। तुम आज इनके हिंदुस्तान को सुपुर्द-ए-खाक कर चुके हो । ये हिंदुस्तान भागवतो, सिंघलो, तोगडियो, ओवैसियो का हिन्दुस्तान है । गाँधी , भगत तो अब इस देश मे पैदा भी नही होंगे ।

ये भागवत, सिंघल, तोगडिया, ओवैसी इस देश के गद्दार हैं इन्हे तो राजपथ पर फांसी देनी चाहिये । अपने सड़े गले मकसदो और वोट बैंक की राजनीति को पूरा करने के लिये ये गद्दार कुछ भी कर सकते हैं किसी भी हद तक जा सकते हैं । एक हिंदु होने के नाते मै ये कह रहा हूँ कि मुझे आर.एस.एस. या हिंदू महासभा या बजरंग दल कि आवश्यकता नही है अपने धर्म कि रक्षा के लिये, और वैसे भी धर्म एक मानव जनित बिमारी है जो नश्वर है । चाहे कोइ भी धर्म हो । जिस प्रकार से इस्लाम के नाम पर कत्लेआम हो रहा है और अनुयाई खुले आम आतंकवादियो का समर्थन कर रहे हैं ये सब एक महान मज़हब को बद्नाम कर उसे गर्त मे ले जा रहे हैं । हमे आतंकवादियो से उतना खतरा नहीं है , हमे ओवैसी जैसो से खतरा है जो इंसानो को विचारो से आतंक्वादी बना रहे हैं । वही हाल 5000 साल पुराने धर्म होने का दम्भ भरने वाले सनातन धर्म का भी होने जा रहा है । आज जो स्थिति इस्लाम मे है अगर भागवत, तोगड़िया, सिंघल जैसे लोगो को अगर नही रोका गया तो सनातन धर्म कि भी हो जाएगी । मेरा ये डर निर्मूल नही है आप मालेगांव, समझौता एक्सप्रेस बम धमाको को ही देख लीजिये। इन्ही गद्दारो ने देखते देखते बाबरी मस्जिद गिरा दि थी । ओवैसी बंधु अपने पिता का नाम बदनाम कर रहे हैं जो एक महान व्यक्ति थे , ये उनका नाम भी डुबा रहे हैं । ओवैसी बंधुओ की पूरी राजनीति सिर्फ हिंदू मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति है। ओवैसी भा.ज.पा कि बी टीम हैं , इन्होने कभी भा.ज.पा को नुकसान नही पहुँचाया ।ओवैसी को 2011-12 के बाद भा.ज.पा ने खड़ा किया ताकि वोटो का ध्रुवीकरण किया जाये । ओवैसी के खुलेआम मोदी को गाली देने के बाद चुप्पी साधे रह्ना ये सिद्ध कर रहा है की अंदरखाने कुछ घालमेल है। ये सभी लोग एक दूसरे को इंधन देते हैं चाहे ओवैसी हो या चाहे भागवत/ तोगड़िया , इनमें से एक ज़हरीला बयान देता है तो दूसरा उस बयान को इंधन बना कर अपनी वोट कि रोटी फुलाता है ।

इनका काम सिर्फ चिनगारी लगाने का होता है , बाकि काम इस देश के मूर्ख हिंदू या मुसलमान कर देते हैं । ये जुलूस निकाल कर एक पत्थर फेंक्ते है और पीछे से आने वाले इनके अंध अनुयाई दंगा कर देते हैं । गुजरात का दंगा इसका उदाहरण है , उस वक़्त भी ओवैसी जैसे कुछ हराम खोरो ने मुट्ठी भर मुसलमानों को बरगला कर साबरमती को आग लगा कर 50 से ज्यादा निर्दोष हिंदुओ को मार डाला जिसमें औरते और बच्चे शामिल थे और इन भागवतो , तोगदियो, सिंघ्लो ने उनकी लाश को दार्शनिक वस्तु बना कर एक ऐसा विस्फोतक मिश्रण तैयार किया जिसकी परिणती गुजरात दंगो के रूप मे सामने आयी । यही सब 1992 मे भी हुआ था । ये सभी गद्दार हैं , सभी वैचारिक आतंकवादी हैं , सभी एक कलंक हैं जो हिंदुस्तान जैसे देश के माथे पुते हुए हैं और हिंदुस्तान कि धर्म निरपेक्ष आत्मा को चोट पहुँचा रहे हैं । दुर्भाग्य तो इस बात का है कि एक साथ कई लोगों को बर्गलाते हैं और दिग्भ्रमित करते हैं और कुछ मूर्ख और बेवकूफ व्यक्ती इनका अनुसरण कर्ते हैं । ये लोग इतने अंधे हो जाते हैं की सही गलत कि पहचान तक भूल जाते हैं । इनके द्वारा बरगलाए लोग या तो समझौता ब्लास्ट करते है या मुम्बई ब्लास्ट, या गुजरात के दंगे । अंग्रेजो द्वरा हिंदू मुस्लिम के बीच खीची गयी लकीर को इन्होने खाई बना दिया जिसे अब पाटना मुश्किल है ।

इनका खुलेआम हिंदुस्तान को हिंदू राष्ट्र बनाने कि धमकी देणा , आतंकियो का खुले आम समर्थन करना , हिंदुओ और उनके धार्मिक प्रतीकों पर भड़काऊ बयान देना , मुसलमानों के प्रति ज़हर उगलना । ये सारी बातें आम हिंदू और मुस्लिम मे दूरी बना रही है। पिछले 30 सालों मे ये दूरी इतनी बढ़ गयी है की हिंदू मुस्लिम एक दूसरे को काटने को दौड़ रहे हैं । बाबरी मस्जिद विध्वंस और गुजरात दंगो के बाद हो रहे इन वाकयो के कारण देश का साम्प्रदायिक सद्भाव लगातार बिगड़ रहा है । इन वजहो से एक चिंगारी सुलग रही है जो कभी भि एक दावानल का रूप धारण कर सकती है जो इस पूरे मुल्क कि शांति , समृद्धि , एकता , और अखंडता को खा जाएगी जला कर भस्म कर देगी ।

अगर ह्मे अखंड रहना है तो पह्ले एक होकर इन गद्दारो के पिछवाड़े पर एक लात मार कर भगाना होगा । ये काम मुश्किल है क्युकि ऐसे लोग सैकड़ों कि संख्या मे हैं लेकिन इस देश कि शांति चाहने वाले लोग भी लाखो मे है ह्मे एक होकर इन्हे सबक सिखाना होगा ।

मै खबर कि खबर पोर्टल के माध्यम से राश्त्रपति और प्रधानमंत्री महोदय से यह निवेदन करना चाहता हूँ कि आप देश कि शांति , एकता और अखंडता के लिये खतरा बने आर.एस.एस , हिंदू महासभा, विश्व हिंदू परिषद , ए.आइ.एम.आइ.एम जैसे देश द्रोही संगठनों पर रोक लगा कर इन्हे आंतक्वादी संगठनों की सूची मे शामिल किया जाये क्युंकी ये लोगो मे वैचारिक आतंकवाद को फैला रहे है । साथ ही मोहन भागवत, प्रवीन तोगडिया, अशोक सिंघल, असद्दुदीन ओवैसी , अकबरुद्दीन ओवैसी जैसे देश द्रोहियोँ पर देश द्रोह का अभियोग चला कर इन्हे मृत्यु दंड दीया जाये, साथ ही मै देश कि सर्वोच्च अदालत तथा मुख्य न्यायाधीश से यह निवेदन करता हूँ कि वो इनके भड़काऊ भाषणों पर खुद संज्ञान लेकर कार्यवाही करे।

मेरी इस देश के वासियो से निवेदन है कि इनकी बातो पर ध्यान ना दे , आपसी सौहार्द को बनाये रखे क्युंकी इससे ह्म जैसे आम नागरिकों को हि नुकसान होता है इनका कुछ नहीं बिगड़ता। मेरा काम लोगो को जागरूक करना है , बाकि इस देश के लोग खुद ही जागरूक हैं , अपना अच्छा बुरा समझती है ,और ये गांधी, नेहरू भगत ,कलाम, का मुल्क है इसकी एकता और धर्म निरपेक्षता इसकि खूब्सूरती है ।