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लेखक ने जिस तरह से बचकाने तर्कों से भारत को हिन्दू राष्ट्र साबित करने की कोशिश की है वो आपकी मानसिकता और जहनियत पर सवाल खड़े करता है! वैसे तो मैं शायद चुप रहता और एक बिना सर पैर का लेख समझ कर नजरअंदाज कर देता लेकिन आपने एक राष्ट्र के तौर पर भारत को बदनाम करने की कोशिश की है जिस का जवाब देने पर मैं मजबूर हूँ!

मैं यहाँ आपके हरेक पॉइंट का जवाब देने की कोशिश कर रहा हूँ:

● प्रातःकाल टीवी और रेडियो खोलिए हर चैनल भजन किर्तन से प्रारंभ होते हैं । कभी कुरान की आयतें , गुरवाणी , या बाईबल पढ़ते हुए किसी को देखा है ? नहीं ।

जवाब – किसी को मना नहीं किया गया है और अगर आप ये सोचते हो की ये सरकार द्वारा प्रायोजित है तो आप गलत सोच रहे हो! और कुरान का तो पता नहीं लेकिन टीवी का शौकीन नहीं होने के बाद भी मैंने बाइबिल और गुरवाणी का प्रसारण देखा है!

● हर चैनल किसी ना किसी बाबा के दो दो घंटे प्रचार दिखाते रहे हैं , किसी मौलाना या पादरी को देखा है इस्लाम या क्रिस्चियन का प्रचार करते हुए ? नहीँ ।

जवाब – टीवी वही दिखाता है जो ज्यादा लोग देखना पसंद करें! उन्हें TRP से मतलब होता है न की हिन्दू मुस्लमान से!

● कम से कम 10 धार्मिक चैनल सनातन धर्म के आधार पर धर्म के प्रचार करते हुए 24×7 दिख जाएंगे , कभी अन्य धर्मों का अलग से एक भी चैनल देखा है ? था एक क्यू ( कुरान ) टीवी जिस पर प्रतिबंध लगा दिया गया , ए आर वाई भी एक चैनल था जिसे भी प्रतिबंधित कर दिया गया ।

जवाब – तो ये किस की जिम्मेदारी है ऐसे चैनल दिखाने की.? प्रतिबंधित वही किया जाता है जिस पर प्रतिबंधित सामग्री प्रसारित किया गया हो!

● हम बचपन से आजतक लगभग प्रतिदिन रामायण , महाभारत , श्रीकृष्ण तथा ऐसे ही अन्य धारावाहिक प्रतिदिन देखते रहे हैं और आज भी देखते हैं , किसी अन्य धर्म के ऐसे धार्मिक धारावाहिक प्रसारित होते देखा है ? नहीं ।

जवाब – क्या इस्लाम के मानने वाले मुहम्मद साहब पर धारावाहिक बनाने को मंजूरी देंगे.?

● तमाम संघ समर्थित भाजपा के योगी साध्वी साक्षी तोगड़िया , सिहंल , धर्मेन्द्र , भागवत संविधान विरोधी भाषण देते रहते हैं पर देश में इन पर ना मुकदमा दायर हुआ ना देश से ये भागे। एक मुस्लिम समुदाय के धर्मगुरू डाक्टर जाकिर नायक को देश छोड़कर जाना पड़ा ।

जवाब – जो भी ऐसा करता है उसे अवश्य सजा होनी चाहिए! और ये नहीं होता है गन्दी राजनीती के कारन जो आजकल धर्म आधारित हो चुकी है! ऐसे और भी नाम है जिनमे आजम खान, ओवैसी, बुखारी, अबु आजमी, आदि! अतः इसे हिन्दू राष्ट्र से जोड़ना हास्यास्पद है!

● इस देश में तमाम काम-कला साहित्य की मुर्तियां हैं , कामसूत्र जैसी एक कला है, काम क्रीणा करती मुर्तियों से सुसज्जित मन्दिर हैं , कलाकृतियां हैं , परन्तु एक मुस्लिम समुदाय के मकबूल फिदा हुसैन को एक ऐसे ही चित्र के कारण देश छोड़कर जाना पड़ा ।

जवाब – मकबूल फ़िदा हुसैन ने हिन्दुओं के एक आराध्या देवी की नग्न तस्वीर बनाई थी! और उसे किसी ने भगाया नहीं था, बल्कि उस के कुछ अपने व्यावसायिक कारन थे! और ये हिन्दू राष्ट्र न हो कर सर्व धर्म समभाव वाला राष्ट्र है तभी वो कहीं जा पाया! अगर ऐसा किसी इस्लामिक राष्ट्र में किसी ने किया होता किसी इस्लामी पैगम्बर या नबी के साथ तो उसे सीधा सर कलम कर दिया जाता!

● देश के किसी भी थाने में चले जाईये एक मंदिर अवश्य मिलेगा । किसी थाने में मस्जिद या चर्च देखा है जो इन विभाग के लोगों ने बनाया हो ? नहीँ ।

जवाब – फिर तो आप ये बता दीजिये की कितने थानो में कितने मुस्लिम तैनात हैं.? जब वहां हिन्दू कार्यरत होंगे तो वो मंदिर ही बनाएंगे न की मस्जिद!

●कृष्ण जन्माष्टमी लगभग हर पुलिस लाईन में बनाया जाता है तो कहीं ईद या क्रिसमस मनाते देखा है किसी पुलिस लाईन में ? नहीं ।

जवाब – राष्ट्रपति भवन में इफ्तार पार्टी दी जाती है, नवरात्र का भोज होते देखा है.? नहीं न! तो क्या इस आधार पर भारत को इस्लामिक राष्ट्र घोषित कर दिया जाये.?

● पूरे भारत में ईद और क्रिसमस के दिन बाजार खुले रहते हैं , कभी देखा है परेवा , होली में बाजार खुलते हुए ? नहीं ।

जवाब – हिन्दू नहीं खोलते क्यूंकि वो होली मना रहे होते हैं और आप जैसे मुस्लमान इसलिए नहीं खोलते की कहीं भाईचारे के नाम पर होली माननी न पड़ जाये! वैसे ये कोई सरकारी या आधिकारिक बंद नहीं होता, जैसा की सऊदी अरेबिआ में रमजान के दौरान सभी के लिए दिन में सार्वजानिक तौर पर खाना प्रतिबंधित कर दिया जाता है!

●पूरे भारत में सभी एक दूसरे को नमस्कार करते हैं तो कभी देखा है किसी को सलाम करते हुए जो मुसलमानो के अतिरिक्त हो ।मुसलमान भी हिन्दू भाई को नमस्कार ही करते हैं ना कि हिन्दू भाई सलाम या आदाब करते हैं ।

जवाब – आप किसी और ही भारत में रहते हैं शायद! अब तो यहाँ गुड मॉर्निंग होने लगा है नमस्कार और सलाम कहाँ रहा.? और मैंने हिन्दुओं को भी सलाम करते देखा है आपने भी देखा होगा लेकिन यहाँ स्वीकार नहीं पाएंगे क्यूंकि ये आपकी हिन्दू राष्ट्र की पारीकल्पना में फिट नहीं बैठेगा!

●भारत के सभी समाचारपत्रों तथा पत्रिकाओं में सनातन धर्म के देवी देवताओं के चित्र भरे पड़े रहते हैं ।कभी देखा है कि ऐसा किसी और धर्म के प्रतीकों का जगह पाना ? नहीं ।

जवाब – इस्लाम के प्रतिक लगाने पर क्या पता किस के नाम से क्या फतवा निकल आये तो भला कौन लगाना चाहेगा!

● किसी सरकारी कार्यालय हो थाना हो या अदालतें सनातन धर्म के देवी देवताओं के चित्रों के कलेंडर से दिवारें भरी रहती हैं ।कभी देखा है और किसी धर्म के कलेन्डर ? नहीं ।

जवाब – वहां गांधीजी और आंबेडकर जी के तस्वीर होते हैं न की देवी देवताओं के! और आपके किस पैगम्बर या नबी का तस्वीर लगाना कुबूल है आपको जरा बताएँगे.?

● स्वतंत्र भारत में उग्र हिन्दूवादी लोगों ने एक मस्जिद ,संविधान, उच्चतम न्यायालय और संसद को उसकी औकात बता कर ध्वस्त कर दी , किसी अन्य धर्म के लोगों में है हिम्मत ? नहीँ ।

जवाब – मंदिर भी टूटते है लेकिन उसके लिए इतना रोना नहीं रोया जाता न ही उस को राष्ट्रीय मुद्दा बनाया जाता है!

● इसी भारत में मस्जिद में नमाज अदा करते मुसलमानों को सरकार द्वारा गोलियों से भून दिया गया ।किसी धर्म से संबंधित कोई और उदाहरण है ? नहीँ ।

जवाब – आप ने शायद ब्लू स्टार ऑपरेशन के बारे में सुना ही होगा! लेकिन अनजान बन गए! उसे भी जोड़ लेते यहाँ! ओह कैसे जोडेंगे भला वो मुसलमानों के खिलाफ़ थोड़े हुआ था!

● वोटर लिस्ट लेकर घर की पहचान की गई और एक समुदाय को काट काट कर गुजरात में फेका गया , 84 में सिखों को मारा काटा गया , भागलपुर मुरादाबाद मुम्बई मेरठ हाशिमपुरा,मुजफ्फरनगर में फोर्स को साथ लेकर एक वर्ग को कत्ल किया गया ? कभी देखा है मुसलमानों का साथ किसी फोर्स ने ऐसे दिया ? नहीं ।

जवाब – कभी किसी फ़ोर्स ने कोई साथ नहीं दिया है दंगाइयों का! हाँ कभी एक्शन लेने में विलम्ब हो सकता है! किसी ऐसे मुद्दे को इतना सतहीकरण कर के बताना शोभा नहीं देता! वही फ़ोर्स कश्मीर में बाढ़ आने पर अपनी जान पर खेल कर मुसलमानो को बचाती है, ये आपको नहीं दीखता?

● सनातन धर्म में गोहत्या अपराध है तो प्रतिबंध लगा दिया गया अच्छा किया, अन्य धर्म में सुअर का मांस और शराब हराम है तो लग सकता है प्रतिबंध ? नहीं ।

जवाब – सूअर का मांस प्रतिबंधित नहीं है बल्कि सूअर ही प्रतबंधित है उस धर्म में! और आपकी जानकारी के लिए बता दूँ की मोदी ने ही गुजरात में शराब को प्रतबंधित कर रखा था तो क्या गुजरात इस्लामिक राज्य हो गया और मोदी इस्लाम का ठेकेदार.?

● हिन्दू अतिवादी नेता बाल ठाकरे डंके की चोट पर बोलते थे कि बाबरी मस्जिद उसने गिरवाई , मुंबई दंगों में उसके लोगों ने कत्लेआम किया । मरते दम तक गिरफ्तार हुआ ? नहीं ।

जवाब – वो धर्म आधारित राजनीती के कारन गिरफ्तार नहीं हुआ! वैसे तो मैंने अभी ही बताया की बहुत सारे मुस्लिम नाम भी हैं जो ऐसे बयां देते रहते हैं और गिरफ्तार नहीं होते!

● कानून या अदालत की औकात नहीं थी कि बाल ठाकरे को गिरफ्तार करे ।कोई मुसलमान यह स्विकार करता कि फलां विस्फोट मैने कराया तो क्या होता ? अब तक जनभावना के आधार पर लटका दिया गया होता ।

जवाब – कम से कम भारत में कोई भी जनभावना के नाम पर न तो गिरफ्तार हुआ है न ही सजा पाया है! अगर आपके पास है कोई उदाहरण तो जरूर बताएं! अगर ऐसा होता तो गिलानी को कब का सूली पर चढ़ा दिया गया होता!

● बिना संवैधानिक पोस्ट या किसी भी पद पर रहे कट्टर हिन्दू हृदय सम्राट बाल ठाकरे के मृत्यु के बाद तिरंगा झुका दिया गया ।किसी अन्य के साथ ऐसा हुआ ? नहीं ।

जवाब – ऐसा क्यों किया गया इसका जवाब किसी ने क्यों नहीं माँगा सत्ताधारी पार्टी से.? अगर ऐसा संविधान सम्मत न होता तो अब तक दर्जनो FIR हो चुके होते!

● देश की सरकारी बसें हों या ट्रेने सनातन धर्म के देवी देवताओं की मुर्तियों सुसज्जित रहती हैं । ऐसा क्युँ है ? क्या ऐसी किसी बस ट्रेन में किसी अन्य धर्म के प्रतीक और पूजा देखा है ? नहीं ।

जवाब – इस्लाम में कौन सा पूजा किया जाता है जरा बताएँगे जो की सरकारी ट्रेनों में करायी जाये.? और ये ड्राइवर और स्टाफ की अपनी आस्था है! मैंने तो इस्लामिक प्रतिक भी टंगे देखे हैं बसों में जिनके ड्राइवर मुस्लमान होता हैं!

● देश में अधिकांश ट्रेने सनातन धर्म के देवी देवताओं या प्रतीकों के नाम से हैं कि नहीं?है।

जवाब – कैफियत एक्सप्रेस, निजामुद्दीन एक्सप्रेस, अल हजरत एक्सप्रेस, गरीब नवाज एक्सप्रेस, हुसैन सागर एक्सप्रेस, लश्कर एक्सप्रेस, आदि! और भी ऐसे कयी नाम हैं!

● सरकारी शिलान्यास हो या उद्घाटन , सब सनातन धर्म के पूजा पद्धति और परम्परा के अनुसार किया जाता है , कभी देखा है किसी अन्य धर्म के अनुसार उद्घाटन या शिलान्यास ? नहीं ।

जवाब – ऐसा इसलिए होता है कि शिलान्यास करने वाले सनातन धर्म के मानने वाले होते हैं! इस के लिए कोई सरकारी गाइडलाइन नहीं है!

● देश में एक धर्म के लोगों को परसेप्शन अर्थात जनभावना के आधार पर फांसी दे दी जाती है और अन्य को छोड़ या रियायत दे दी जाती है । धार्मिक आधार पर पक्षपात । होता है कि नहीँ ? बिल्कुल होता है ।

जवाब – किसी को भी भारत में जनभावना के आधार पर फांसी या माफ़ी नहीं दी जाती बल्कि जो भी किया जाता है वो संविधान के अनुसार होता है!

● फिल्मों की शुरुआत ही सनातन धर्म के श्लोकों तथा धार्मिक प्रतीकों के साथ होती है ।कभी किसी और धर्म के अनुसार ऐसा होते देखा ? नहीँ ।

जवाब – और उसी फिल्म में मुस्लमान कलाकार स्टार होते हैं! और उस से किसी हिन्दू को कोई समस्या नहीं है फिर आपको क्यों है.? और फिर यहाँ भी वही बात आती है कि निर्माता अगर हिन्दू हो तो हिन्दू श्लोक ही पढ़वाएगा न!

● भारत में कट्टर अतिवादी गिरोह के लोग सर्वाजनिक रूप से राष्ट्रगान , संविधान , उच्चतम न्यायालय , तिरंगा , राष्ट्रपिता , की आलोचना करते हैं गालियाँ देते है मगर एक एफआईआर तक दर्ज नहीं होती । किसी और धर्म के लोगों द्वारा किया गया ऐसा ? नहीं ।

जवाब – आप कश्मीर के सारे ही अलगाववादी नेताओं को भूल गए या कि वो भारत के बहार के हैं.? एक मुस्लमान संसद बन्दे मातरम के गान के समय संसद से बहार चला जाता है ये आपको याद नहीं शायद!

● इसी भारत में एक कम्पनी कहती है कि मुसलमानों के लिए उसके यहाँ जगह नहीं । ऐसा कोई और उदाहरण ? नहीं ।

जवाब – हाँ है, हरयाणा में एक कंपनी है हमदर्द नाम से जिस के रूह अफ्जा सरबत आते हैं उस में हिन्दुओं को नहीं लिया जाता! लेकिन हिन्दू इन बातों के लिए रोता नहीं है न ही मुद्दा बनाता है!

● इसी भारत में मुसलमानों को धक्काड़े से देश छोड़कर पाकिस्तान जाने का फरमान सुना दिया जाता है ।कभी सुना है कि किसी ने बहुसंख्यकों को कहा है कि नेपाल जाओ ?

जवाब – ऐसा कुछ गिरी हुई मानसिकता के लोग करते हैं! और वैसे तो कई मुस्लमान खुले आम पाकिस्तान का समर्थन करते हैं तो क्या समूची मुस्लमान समुदाय को पाकिस्तानी मान लिया जाये.?

● इसी भारत का प्रधानमंत्री मुसलमानों और सिखों के प्रति अपने नफरत का प्रदर्शन अपने व्यवहार से बार बार करता रहा है । कभी किसी अन्य प्रधानमंत्री का ऐसा व्यवहार किसी अन्य के लिए देखा है ? नहीं ।

जवाब – वही प्रधानमंत्री इस्लाम की बड़ाई भी करता है वो भी अंतर्राष्ट्रीय मंच पर! और दूसरी और एक प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से भी एलान करता है कि देश के संसाधनो पर पहला हक़ मुसलमानो का है तो क्या इस कारन से भारत इस्लामिक राष्ट्र हो गया.?

भारत वास्तव में धर्मनिरपेक्ष नहीं बल्कि धर्मसापेक्ष राष्ट्र है! और आम मुस्लमान को सचमुच में कोई समस्या नहीं है भारत में रहने में न ही आम हिन्दू को कोई समस्या है मुसलमानो के रहने से! समस्या आप जैसे संकीर्ण विचारधारा के लोगों को है जो आम हिन्दू और मुस्लिम के बीच वैमनस्यता फैलाते हैं अपना जन्नत सुधारने और 72 हूर पाने के लिये ठीक वैसे ही जैसे सिंघल और तोगड़िया करते हैं अपना परलोक सुधारने के लिये!