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2020 तक भारत हिन्दू राष्ट्र :- अशोक सिंघल

मेरा प्रश्न अशोक सिंघल से है कि भारत अभी क्या हिन्दू राष्ट्र नहीं है ? क्या और करोगे कि भारत हिन्दू राष्ट्र हो जाए ? मैं देता हूँ भारत के हिन्दू राष्ट्र होने के प्रमाण ।

● प्रातःकाल टीवी और रेडियो खोलिए हर चैनल भजन किर्तन से प्रारंभ होते हैं । कभी कुरान की आयतें , गुरवाणी , या बाईबल पढ़ते हुए किसी को देखा है ? नहीं ।
● हर चैनल किसी ना किसी बाबा के दो दो घंटे प्रचार दिखाते रहे हैं , किसी मौलाना या पादरी को देखा है इस्लाम या क्रिस्चियन का प्रचार करते हुए ? नहीँ ।
● कम से कम 10 धार्मिक चैनल सनातन धर्म के आधार पर धर्म के प्रचार करते हुए 24×7 दिख जाएंगे , कभी अन्य धर्मों का अलग से एक भी चैनल देखा है ? था एक क्यू ( कुरान ) टीवी जिस पर प्रतिबंध लगा दिया गया , ए आर वाई भी एक चैनल था जिसे भी प्रतिबंधित कर दिया गया ।
● हम बचपन से आजतक लगभग प्रतिदिन रामायण , महाभारत , श्रीकृष्ण तथा ऐसे ही अन्य धारावाहिक प्रतिदिन देखते रहे हैं और आज भी देखते हैं , किसी अन्य धर्म के ऐसे धार्मिक धारावाहिक प्रसारित होते देखा है ? नहीं ।
● तमाम संघ समर्थित भाजपा के योगी साध्वी साक्षी तोगड़िया , सिहंल , धर्मेन्द्र , भागवत संविधान विरोधी भाषण देते रहते हैं पर देश में इन पर ना मुकदमा दायर हुआ ना देश से ये भागे। एक मुस्लिम समुदाय के धर्मगुरू डाक्टर जाकिर नायक को देश छोड़कर जाना पड़ा ।
● इस देश में तमाम काम-कला साहित्य की मुर्तियां हैं , कामसूत्र जैसी एक कला है, काम क्रीणा करती मुर्तियों से सुसज्जित मन्दिर हैं , कलाकृतियां हैं , परन्तु एक मुस्लिम समुदाय के मकबूल फिदा हुसैन को एक ऐसे ही चित्र के कारण देश छोड़कर जाना पड़ा ।
● देश के किसी भी थाने में चले जाईये एक मंदिर अवश्य मिलेगा । किसी थाने में मस्जिद या चर्च देखा है जो इन विभाग के लोगों ने बनाया हो ? नहीँ ।
●कृष्ण जन्माष्टमी लगभग हर पुलिस लाईन में बनाया जाता है तो कहीं ईद या क्रिसमस मनाते देखा है किसी पुलिस लाईन में ? नहीं ।
● पूरे भारत में ईद और क्रिसमस के दिन बाजार खुले रहते हैं , कभी देखा है परेवा , होली में बाजार खुलते हुए ? नहीं ।
●पूरे भारत में सभी एक दूसरे को नमस्कार करते हैं तो कभी देखा है किसी को सलाम करते हुए जो मुसलमानो के अतिरिक्त हो ।मुसलमान भी हिन्दू भाई को नमस्कार ही करते हैं ना कि हिन्दू भाई सलाम या आदाब करते हैं ।
●भारत के सभी समाचारपत्रों तथा पत्रिकाओं में सनातन धर्म के देवी देवताओं के चित्र भरे पड़े रहते हैं ।कभी देखा है कि ऐसा किसी और धर्म के प्रतीकों का जगह पाना ? नहीं ।
● किसी सरकारी कार्यालय हो थाना हो या अदालतें सनातन धर्म के देवी देवताओं के चित्रों के कलेंडर से दिवारें भरी रहती हैं ।कभी देखा है और किसी धर्म के कलेन्डर ? नहीं ।
● स्वतंत्र भारत में उग्र हिन्दूवादी लोगों ने एक मस्जिद ,संविधान, उच्चतम न्यायालय और संसद को उसकी औकात बता कर ध्वस्त कर दी , किसी अन्य धर्म के लोगाें में है हिम्मत ? नहीँ ।
● इसी भारत में मस्जिद में नमाज अदा करते मुसलमानों को सरकार द्वारा गोलियों से भून दिया गया ।किसी धर्म से संबंधित कोई और उदाहरण है ? नहीँ ।
● वोटर लिस्ट लेकर घर की पहचान की गई और एक समुदाय को काट काट कर गुजरात में फेका गया , 84 में सिखों को मारा काटा गया , भागलपुर मुरादाबाद मुम्बई मेरठ हाशिमपुरा,मुजफ्फरनगर में फोर्स को साथ लेकर एक वर्ग को कत्ल किया गया ? कभी देखा है मुसलमानों का साथ किसी फोर्स ने ऐसे दिया ? नहीं ।
● सनातन धर्म में गोहत्या अपराध है तो प्रतिबंध लगा दिया गया अच्छा किया, अन्य धर्म में सुअर का मांस और शराब हराम है तो लग सकता है प्रतिबंध ? नहीं ।
● हिन्दू अतिवादी नेता बाल ठाकरे डंके की चोट पर बोलते थे कि बाबरी मस्जिद उसने गिरवाई , मुंबई दंगों में उसके लोगों ने कत्लेआम किया । मरते दम तक गिरफ्तार हुआ ? नहीं ।
● कानून या अदालत की औकात नहीं थी कि बाल ठाकरे को गिरफ्तार करे ।कोई मुसलमान यह स्विकार करता कि फलां विस्फोट मैने कराया तो क्या होता ? अब तक जनभावना के आधार पर लटका दिया गया होता ।
● बिना संवैधानिक पोस्ट या किसी भी पद पर रहे कट्टर हिन्दू हृदय सम्राट बाल ठाकरे के मृत्यु के बाद तिरंगा झुका दिया गया ।किसी अन्य के साथ ऐसा हुआ ? नहीं ।
● देश की सरकारी बसें हों या ट्रेने सनातन धर्म के देवी देवताओं की मुर्तियों सुसज्जित रहती हैं । ऐसा क्युँ है ? क्या ऐसी किसी बस ट्रेन में किसी अन्य धर्म के प्रतीक और पूजा देखा है ? नहीं ।
● देश में अधिकांश ट्रेने सनातन धर्म के देवी देवताओं या प्रतीकों के नाम से हैं कि नहीं?है।
● सरकारी शिलान्यास हो या उद्घाटन , सब सनातन धर्म के पूजा पद्धति और परम्परा के अनुसार किया जाता है , कभी देखा है किसी अन्य धर्म के अनुसार उद्घाटन या शिलान्यास ? नहीं ।
● देश में एक धर्म के लोगों को परसेप्शन अर्थात जनभावना के आधार पर फांसी दे दी जाती है और अन्य को छोड़ या रियायत दे दी जाती है । धार्मिक आधार पर पक्षपात । होता है कि नहीँ ? बिल्कुल होता है ।
● फिल्मों की शुरुआत ही सनातन धर्म के श्लोकों तथा धार्मिक प्रतीकों के साथ होती है ।कभी किसी और धर्म के अनुसार ऐसा होते देखा ? नहीँ ।
● भारत में कट्टर अतिवादी गिरोह के लोग सर्वाजनिक रूप से राष्ट्रगान , संविधान , उच्चतम न्यायालय , तिरंगा , राष्ट्रपिता , की आलोचना करते हैं गालियाँ देते है मगर एक एफआईआर तक दर्ज नहीं होती । किसी और धर्म के लोगों द्वारा किया गया ऐसा ? नहीं ।
● इसी भारत में एक कम्पनी कहती है कि मुसलमानों के लिए उसके यहाँ जगह नहीं । ऐसा कोई और उदाहरण ? नहीं ।
● इसी भारत में मुसलमानों को धक्काड़े से देश छोड़कर पाकिस्तान जाने का फरमान सुना दिया जाता है ।कभी सुना है कि किसी ने बहुसंख्यकों को कहा है कि नेपाल जाओ ?
● इसी भारत का प्रधानमंत्री मुसलमानों और सिखों के प्रति अपने नफरत का प्रदर्शन अपने व्यवहार से बार बार करता रहा है । कभी किसी अन्य प्रधानमंत्री का ऐसा व्यवहार किसी अन्य के लिए देखा है ? नहीं ।

अगर अभी भी भारत हिन्दू राष्ट्र नहीं है तो यह सब क्या है और हिन्दू राष्ट्र होगा तो और क्या होगा ? हो सके तो नेपाल से सबक ले जो जन्म से हिन्दू राष्ट्र था और अब खुद को धर्म निरपेक्ष घोषित कर चुका है । हम मुसलमान आज की उपरोक्त सभी स्थितों में अभ्यस्त हो चुके हैं व्यवहारिक हो चुके हैं , हम इस संस्कृति को सहर्ष स्वीकार करते हैं हमे कोई समस्या नहीं है मुस्लिम दामादों वाले अशोक सिंघलों , परन्तु बार बार मानसिक यातना मत दो क्युँकि इससे मुसंघी पैदा होते हैं , अकबरुद्दीन ओवैसी पैदा होते हैं जो हमारे इस देश के लिए घातक हैं । आज जो कहता है कि भारत धर्मनिर्पेक्ष राष्ट्र है तो वह महामुर्ख ही नहीं घोंचू भी है , भारत पुर्णतः एक हिन्दू राष्ट्र है और हमें यह इसी रूप में सहर्ष स्विकार है ।