aimim

क्या संघ हैदराबाद की पार्टी मजलिस इत्तेहादुल मुसलमीन को पैसे दे रही है ? क्या उसे संघ और भाजपा का समर्थन प्राप्त है ?क्या उस के उद्भव से संघ को लाभ हो गा? क्या ये पार्टी मुल्क दुश्मन है? क्या ओवैसी बंधू के भाषण देश और राष्ट्र के लिए खतरनाक है . आज कल राजनीति में ओवैसी बंधू की पार्टी मजलिस का चर्चा बहुत जोरो पे है .महाराष्ट्र में विधान सभा में दो सीटो पे जितना और १० से अधिक सीटो पे दूसरे नंबर पर रहना और उस के बाद कारपोरेशन के चुनाव में भी अच्छा करना ने उन राजनितिक पार्टियो के होश उडा दिए है जो अभी तक मुस्लिम वोटो के कारन ऐश कर रहे थे .जब से मजलिस ने अपनी पार्टी को पुरे देश में विस्तार करने का एलान किया है तब से उन लीडरो में खलबली मच गयी है जो मुस्लिम वोटो के दावेदार है . सुशील कुमार शिंदे की बेटी ने तो इस पार्टी पर पाबन्दी लगाने की मांग की , तो लालू प्रसाद यादव ने उसे संघ का एजेंट बताया . दूसरी तरफ मुलायम के राज्य में तोगड़िया, योगी, साक्षी महाराज जहर उगल रहे है लेकिन ओवैसी बंधू को मीटिंग और जलसे करने की भी इजाजत नहीं दी जा रही है .आखिर क्या कारन है के मजलिस अचानक मुल्क दुश्मन और संघ की एजेंट हो गयी , असल में अपने आप को सेक्युलर और मुस्लिम हमदर्द कहने वाली पार्टियो को मजलिस की मक़बूलियत से दर सताने लगा है और उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है .

इन दिनों उभरती हुई मजलिस के विरोधियो की तरफ से मजलिस और ओवैसी पे सख्त हमले किये जा रहे है .उन का विरोध करने में जहा हिन्दू पार्टिया है वही अपने आप को सेक्युलर कहने वाली पार्टिया भी शामिल है क्यों के सब से ज्यादा नुक्सान उन को ही है , उन को लगता है के कही मजलिस मुस्लिम वोटरो को न उन से छीन ले . राष्ट्रवादी कांग्रेस के शरद पवार ने इल्जाम लगाया है के भाजपा मजलिस को समर्थन कर रही है . लालू ने कहा के संघ का पूरा समर्थन मजलिस को दे रही है ताके मुस्लिम वोट बनते और हिन्दू पार्टिया सत्ता इ आये .लगभग सभी सेक्युलर पार्टिया मजलिस के उभर से दरी हुई है . आश्चर्य होता है के मजलिस भी ( UPA ) में शामिल रही है तो आज ये मुल्क दुश्मन पार्टी कैसे हो गयी .

मजलिस सिर्फ सेक्युलर पार्टियो के ही निशाने पे नहीं है बल्कि इस पर हिन्दू पार्टिया शिव सेना, भाजपा , विशव हिन्दू परिषद भी कट्टरवादी हिन्दू वोटरो को उकसाने में लगी है और ओवैसी बंधू का डर दिखा हिन्दू वोटो को अपने तरफ करने की कोशिश कर रही है .शिव सेना ने अपने अखबार सामना में लिखा है के मजलिस यहाँ इस्लामी झंडा फहराना चाहती है और महाराष्ट्र को मिनी पाकिस्तान बनाना चाहती है . परवीन तोगड़िया , आदित्यनाथ और सभी हिन्दू फायर ब्रिगेड नेता क़वाइसी बंधू के पीछे पड़े हुए है . वही ओवैसी के घर के बहार हिन्दू संगठनो ने जैम कर हंगामा मचाया अगर पुलिस मुस्तैद नहीं रहती तो कुछ भी उन के साथ हादसा हो जाता .

मजलिस के विस्तार से कांग्रेस , जनता दाल,सपा , राजद आदि क्यों परेशान है . राजनीति विशेलेकको का कहना है के मजलिस की विस्तार से सब से अधिक लाभ भाजपा को हो ग क्यों के मुस्लिम वोटो के बाँट जाने से इन पार्टियो को नुकसान हो सकता है .दूसरी तरफ कुछ लोगो का कहना है के मजलिस भी भाजपा के नक़्शे क़दम पे चल रही है और मुस्लिम वोटो को अपने तरफ खींचने की कोशिश कर रही है .मजलिस के अध्यक्ष असादुद्दीन ओवैसी का कहना है के आजादी के बाद सभी पार्ट्यो ने मुस्लमान को सिर्फ एक वोट के तौर पे इस्तेमाल के लिए किया है किसी भी पार्टी ने जो के मुस्लिम वोटो के सहारे गद्दी तक पहुंचे है कभी भी मुसलमानो के लिए कोई काम नहीं किया है इसी कारन आज हमारी स्थिति दलितों के भी पीछे है . उन्हों ने कहा के अब सभी मुस्लमान को एक हिना चाहिए . ओवैसी ने दलितों को भी अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रहे है क्यों के महाराष्ट्र के कारपोरेशन में दलितों को अधिक टिकट दिया है.

मजलिस ने महाराष्ट्र में कांग्रेस और उन के सहयोगी पार्टियो को काफी हद तक नुक्सान पहुँचाया है .दिल्ली चुनाव में भी उतारना चाहती थी मगर भाजपा को लाभ होता देख कर चुनाव में हिस्सा नहीं लिया . अब बिहार , बंगाल और उत्तरप्रदेश में चुनाव है मगर बंगाल और बिहार में मजलिस की उतनी सरगर्मियां नहीं है मगर उत्तरप्रदेश में मजलिस की सरगर्मियां देखि जा रही है . मुलायम सिंह की पार्टी इतना डर गयी है के ओवैसी के पार्टी के जलसों पे पाबन्दी लगा राखी है इस लिए मजलिस अदालत में जाने का विचार कर रही है .इस में कोई शक नहीं के उत्तरप्रदेश में अगर मजिलिस चुनाव में उतरती है तो मुस्लिम वोटो के बटवारे से भाजपा को लाभ हो गा, मजलिस का कहना है के हम कब तक भाजपा और संघ का खौफ दिखा कर हम इन पार्टियो को वोट देते रहे गए जिन के दौर में मुसलमानो की तरक्की नहीं हो रही है उल्टा सब से ज्यादा इसी सपा के दौर में दंगा हुए है और सब से ज्यादा मुसलमानो का क़त्ल हुआ है . हमें इस खौफ से बहार आना हो गा और मुसलमानो की तरक्की के लिए क़दम उठाना हो गा .