allama_iqbal

अल्लामा इक़बाल उन शायरों और विचारकों में शामिल हैं जिनकी ख्याति भौगोलिक सीमाओं में नहीं समा सकी और उन्होंने क्षेत्र के स्तर से ऊपर उठकर अपनी पहचान बनाई।अल्लामा इक़बाल ने फ़ारसी भाषा में भी अपनी कला और दर्शनशास्त्र के कौशल दिखाए हैं। अल्लामा इक़बाल के समस्त विचार, उनके ख़ुदी अर्थात स्वतः के दृष्टिकोण से निकले हैं। स्पष्ट सी बात है कि जब तक उनके दृष्टिकोण के मूल बिंदु अर्थात ख़ुदी के अर्थ को नहीं समझा जाएगा तब तक उनके विचारों को पूर्ण रूप से नहीं समझा जा सकता।

अल्लामा इक़बाल को उर्दू का सब से बड़ा कवि कहा जाता है बल्के कुछ उर्दू सामिषक उन्हे दुनिया का सब से अच्छा कवि मानते है. खैर मे अल्लामा इक़बाल के कुछ कविताओ का अध्यन किया तो मालूम हुआ के ए कविता अल्लामा इक़बाल का नही है बल्के उन्हो ने इंग्लीश कविताओ का सिर्फ आनुवाद किया है खास तौर से बच्चो की कविताओ का . उस समय ए मुमकिन था के आप किसी की कविताओ का अनुवाद आप अपने नाक कर सकते थे मगा आज के संचार क्रांति युग मे ए मुमकिन नही है , चोरी पकड़ी जाती है . फिर भी हम अल्लामा इक़बाल के शाएरी को सलम करते है .आइये उन के कुछ साहित्यिक चोरी का नमूना देखते है .

अल्लामा इक़बाल की एक नज्म ” लब पे आती है दुआ बन के तमन्ना मेरी” बहुत ही मशहूर नज़्म है जो के लाखो स्कूल मे प्रार्थना के लिये इस्तमाल होता है और जिसे मशहूर गायिका लता मंगेशकर ने भी गया है.सब से पहले अल्लामा इक़बाल की नज्म आप देखे.

छोटे बच्चे की दुआ.
लब पे आती है दुआ बनके तमन्ना मेरी
ज़िन्दगी शमअ की सूरत हो ख़ुदाया मेरी

दूर दुनिया का मेरे दम अँधेरा हो जाये
हर जगह मेरे चमकने से उजाला हो जाये

हो मेरे दम से यूँ ही मेरे वतन की ज़ीनत
जिस तरह फूल से होती है चमन की ज़ीनत

ज़िन्दगी हो मेरी परवाने की सूरत या रब
इल्म की शमअ से हो मुझको मोहब्बत या रब

हो मेरा काम ग़रीबों की हिमायत करना
दर्द-मंदों से ज़इफ़ों से मोहब्बत करना

मेरे अल्लाह बुराई से बचाना मुझको
नेक जो राह हो उस राह पे चलाना मुझको.

अब आप एक और पोएम देखे जो के इंग्लिश लेखिका मेटिल्डा बेतम Matilda Betham-Edwards के द्वारा लिखा गया है.

Hymn for a Little Child

God make my life a little light,
Within the world to glow;
A little flame that burneth bright,
Wherever I may go.

God make my life a little flower,
That giveth joy to all,
Content to bloom in native bower,
Although its place be small.

God make my life a little song,
That comforteth the sad;
That helpeth others to be strong,
And makes the singer glad.

God make my life a little staff
Whereon the weak may rest,
That so what health and strength I have
May serve my neighbours best.

God make my life a little hymn
Of tenderness and praise;
Of faith – that never waxeth dim,
In all his wondrous ways.
by Matilda Betham-Edwards from Littell’s Living Age, vol. 117

मतिल्दा बेताम -एड्वर्ड Matilda Betham-Edwards जिन का काल ( 1836- 1919) है और अल्लामा इक़बाल का काल ( 1877-1938) है, इस का मतलब ये के मेटिल्डा बेताम ने कविता लगभग अल्लामा इक़बाल के पैदा होने के लगभग 40 से पहले लिखी थी. अब आप दोनो कविताये पड़े और देखे के अल्लामा इक़बाल की नज़्म 80% इंग्लीश पोवेम से मिलती जुलती है. इस का मतलब ये होता है अल्लामा इक़बाल ने इस इंग्लीश पोएम का उर्दू मे तर्जुमा कर अपने नाम से प्रकाशित कर दिया।

अब आप और कुछ कविता देखे जो इंग्लीश कवियो के लिखे हुए है.–

इकबाल की कविता “पयाम सुबह” लांग फेलो की कविता “डे ब्रेक” का अनुवाद है .
कबाल की कविता “परिंदा और जुगनू विलियम कुपेर की कविता The Nightingale And The Glowworm का अनुवाद है .
इकबाल की कविता “हमदर्दी भी विलियम कूपर की कविता का अनुवाद है.
प्यामे सुबह
एक मकड़ी और मक्की
एक पहाड़ और गिलहरी
एक गाय और बकड़ी
माँ का ख़वाब
परिंदे की फरियाद
इश्क और मौत
एक आरज़ू
अब्रे कोहसार

अल्लामा इक़बाल ने बच्चो के लिये जो कविता लिखी है उन्हो ने 4 इंग्लीश कवियो के ही कविता का आज़ाद अनुवाद किया है या यू काहे के उन्हो ने उन कविताओ की चोरी की है. ए इंग्लीश कवि है.– Matilda Betham-Edwards,Milton William “Bill” Cooper, Henry Wadsworth Longfellow, Alfred Lord Tennyson and Ralph Waldo Emerson

मैंने लगभग अल्लामा इक़बाल के 10 पब्लिकेशन के कुल्लियात( कविता संग्रह) देखे जिस मे सिर्फ एक किताब मे इस नज्म के नीचे मखुज लिखा है जिस का मतलब ( कही से लिया गया ) है. हद तो तब हो गयी जब इस इंग्लीश पोवेम को अल्लामा इक़बाल के नज्म का तर्जुमा बताया गया. चोरी और सीना जोरी वाली बात है. जब स्कूल मे बच्चो को पदाया जाता है तो कभी भी नही बताया जाता के एई नज्म अल्लामा इक़बाल की नही है बल्के ए नज्म Matilda Betham-Edwards की है बस अल्लामा इक़बाल ने तर्जुमा किया है.ये हम लोगो की बदनियती है के Matilda Betham-Edwards पोवेम को अल्लामा इक़बाल के खाते मे डाल दिया. हमे शर्म आनि चाहिये।