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by — Shadab Saharai

विष्णु अवतार भगवान राम , रामायण या राम सेतु पर हम इस्लिये बात करते हैं कि शायद विष्णु अवतार भगवान राम का अस्तित्व था ! इस्लिये की रामायण में उनकी कथा है ! और रामायण को एक धार्मिक ग्रंथ होने का स्थान प्राप्त है उस्के लिये राम सेतु का प्रमाण भी दिया जाता है ! हम सब पर निगाह बारी बारी निगा डालें गें किन्तु सबसे पहले विष्णु अवतार भगवान राम के संबंध में उनके जनम की बात करते हैं !

१ – ये माना जाता है कि विष्णु अवतार भगवान राम त्रेता में पैदा होकर ग्यारह हज़ार वर्ष (११०००) की आयू में त्रेता युग में ही स्वर्ग वासी हुये इसमें किसी को कोइ दुविधा नही है अब त्रेता युग के बाद द्वापरयुग आता है जिस्की अवधि २४०० ब्रह्म वर्ष या खुदाइ साल है हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार एक ब्रह्म वर्ष या खुदाइ साल ३६० मानव या इनसानी साल के बराबर होता है ! इस प्रकार द्वापर युग की कुल अवधि हुयी -२४०० x ३६० = ८६४००० वर्ष !
फिर क्लयुग भी हिन्दू ज्योतिष्यों के अनुसार १९१२ इ० मे समाप्त हो गया जिसकी अवधि १२०० ब्रह्म वर्ष या खुदाइ साल हुयी अर्थात – १२०० x ३६० = ४३२००० वर्ष इनसानी साल जो हम उप्योग में लाते हैं ! इस प्रकार आज से लगभग कम से कम = ८६४००० (द्वापर की अवधि) + ४३२०० (कलयुग की अवधि) + ११००० ( राम की कुल आयु ) का योग हुआ = १३०७००० वर्ष (तेरह लाख सात हज़ार वर्ष पह्ले राम शायद पैदा हुये थे !
२- कुछ हिन्दू धार्मिक बुद्ध जीवियों के अनुसार रम का जनम आज से १८५५८०८४ (एक करोड पचासी लाख चौरासी वर्ष ) पहले हुआ था ! ( देखें सहरोज़ा दावत नईदिल्ली हिन्दुस्तानी मज़ाहब नंबर)
जब कि NASA की रिपोर्ट के अनुसार श्रीलंका में मनुष्यों की आबादी का आरंभ ही १७५८०,००० वर्ष हुआ अर्थात श्री लंका मे मनुष्यों के आबाद होने से लगभग नौ लाख अठहत्तर हजार चौरासी साल (९७८०८४) पहले राम का जनम हुआ था ! सवाल उठता है कि क्या फिर वो विष्णु अवतार भगवान राम हो सकते हैं !
३-S V Roy के अनुसार राम २००० ई० पुर्व अर्थात आज से ४०१५ (चार हज़ार पंद्रह वर्ष) पहले पैदा हुये !
४ – राम की जनम कुंडली और नक्छत्रों के आधार पर कुछ ज्युतिषी कहते हैं कि राम का जन्म ७३२३ ( सात हजार तीन सौ तेइस ) वर्ष इसा पुर्व अर्थात आज से ठीक ९३३८ वर्ष पहले हुआ था !
५ – अब आज कल जिसकी बात की लोगों में प्रसिद्ध प्राप्त है उन पुष्कर भटनागर की बात करते हैं जिन्हों ने स्पेशल साफ़्टवेयर बनाकर क्मप्यूटर द्वारा दो वर्ष से पहले ये शोध किया है कि राम का जन्म आजसे ७०७६ ( सात हज़ार छिहत्तर वर्ष पहले हुआ था !

अब प्रश्न उठता है कि जिन धर्मग्रंथों के द्वारा राम को जाना गया वो गलत हैं तब जाकर पुषकर भटनागर की बात सही हो सकती है ! या और लोगों की बातें सही हो सकती हैं ! इस तरह हर कथन दूसरे के राम के अस्तित्व को नकार रहा है !
इस प्रकार हम देखते हैं कि
अ- या तो पुषकर भटनागर गलत हैं !
ब- या दूसरे लोग गलत हैं !
स – या सभी के सभी गलत हैं ! हां जब पांच मे चार गलत हैं तो फ़ांचवे के सही की गारंटी कौन देसकता है जब कि उस के पास भी कोइ तार्किक सबूत नही है ! और अगर है तो रिषि मुनि झूटे साबित होते हैं खुद रामयाण भी झूट के एरे में आती है ! और सही बात ये भी है कि अगर रामायण न होती तो लोग राम को ऐसा जानते भी नही !
जो भी हो जिसके जनम से लेकर मरण हर बात में कोइ सबूत न हो बस लोगों के केवल अपने मत हों जिनमें लाखो या हज़ारों वर्षों का अनतरविरोध हो उसके अस्तित्व को सत्य कहना खुद हिन्दू धर्मविदों के अनुसार ही बहुत मुश्किल है ! ये मैं नही कहरहा हिन्दी साहित्य के सुप्रसिद्ध राष्ट्रीय कवि और धर्मविद श्री रामधारी सिंह ’दिनकर’अपनी किताब ’संस्किर्ति के चार अध्याय ’ में पन्ना क्र्मांक १०२ पर लिखते हैं ” राम की कहानी का मूल स्रोत क्या है तथा यह कितनी प्राचीन है इस प्रश्न का अभी तक कोइ सही उत्तर नही मिल पाया है ”
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हिन्दू धर्म ग्रंथ व धर्मविदों के अनुसार विष्णु अवतार भगवान राम , के बारे में कुछ और यथार्थ !

१- संस्किर्त में लगभग २० रामायण हैं जिनमें किसी में भी राम को विष्णु का अवतार नही कहा गया है और ये किसी भी प्रकार छोटी बात नही की इसकी अनदेखी कर दी जाये क्यों कि जिस विष्णु अवतार भगवान राम के संबंध में पूरी पुस्तक रची जाय उसमे ही उनके विष्णुअ अवतार होने की अतिमहत्वपुर्ण बात न लिखी जाये ये संभव नही ! अर्थात संस्किर्त के लगभग २० रामायण ही किसी विष्णु अवतार भगवान राम कि पुष्टि करने मे अक्छम हैं ! या इनकारी हैं !
२- संस्किर्त भाषा का पितामह पाणिनी ने अपने किसी भी पुस्तक में किसी राम या विष्णु अवतार भगवान राम की बात भूले से भी नही की है ! यदि राम का अस्तित्व विष्णु अवतार भगवान राम के स्वरूप होता तो अवश्य ही उनकी बात उसके किताबों मेइं होती ! वो लाख व्याकरण विद था फ़िर भी राम का नाम ज़रूर लिखता ! लेकिन ऐसा नही हुआ क्यों कि उसके युग में ऐसी कोइ बात नही थी जब कि उसका युग एक अनुमान के अनुसार ६०० ,७०० वर्ष ई० पुर्व था !
३ – सापताहिक हिन्दुस्तान ४ अक्तूबर १९९२ के अपने अंक में लिखता है कि राम अयोध्या नही बल्कि उत्तर प्रदेश के पूरबी ज़िले बलिया में पैदा हुये ! इसका अर्थ भी यही हुआ कि अस्प्ताहिक हिन्दुस्तान किसी विष्णु अवतार भगवान राम का इंकारी है !
४ – रामा को किसी भी उपनिषद में विष्णु का अवतार नही लिखा गया अर्थात उपनिषद भी विष्णु अवतार भगवान राम के अस्तित्व की पुष्टि नही करते !
५- इसी लिये राष्ट्र पिता गांधी जी कहते हैं मेरा राम , रामायण वाला राम नही हैं !
६- भारत का पहला गवर्नर जनरल राज गोपालाचार्य कहते हैं राम भगवान नही बल्कि एक् हीरो है !
७ – सुप्रसिद्ध इतिहासकार और पुरातत्वविद प्रो० लाल कहते हैं ” अगर राम अयोध्या में पैदा हुये तो उन का युग त्रेता न होकर द्वापर होगा ! जो क्रिष्ण क युग था !
८- राष्ट्रीय सहारा १३ दिसंबर १९९२ के अंक में साहित्यकार विष्णु प्रभाकर लिखते हैं ” ये सच है की राम को ऐतिहासिक व्यक्तित्व नही हा mythological बे बुनियाद् कहानी का पात्र् है पर symbol of Values है !
(-It is truth that Rama is not a historical personality but mythological and symbol of Values. Sahityakar Vishnu Prabhakar (Rashtriya Sahara 13 Des1992)
९- श्री अरविन्दू कहते हैं ! राम का कोइ ऐतिहासिक आधार नही है !
१० – M Venkat Rtanam कहते हैं राम वास्तव में इजिप्ट या देश मिसर का फ़िरओन रअमसीस था !