meerut-hashimpura

by —- मोहम्मद जाहिद

पाकिस्तान में शैतानों का राज है !
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पाकिस्तान- एक नाकाम राज्य
क्रूर ,अन्यायी, आततायी, हिंसक, बर्बर !
नरक है
अल्पसंख्यको की जिंदगी वहाँ,
न इंसाफ़ न रोज़गार
न मान, न सम्मान
जब देखो उजाड़ दिये जाते हैं
दंगों के नाम पर,
औरतों का अपहरण-बलात्कार
जैसे कोई खेल है
जिसमें हमेशा शामिल होता है
कोई ऊपर वाला
जिसके नाम पर
स्तन काटे जाते हैं
और चीर दिये जाते हैं गर्भ !
उनके मर्दो को
नहर किनारे कतार में खड़ा करके
गोलियाँ से भून देते है पुलिस वाले
और अदालतें पचास साल बाद भी
तय नहीं कर पातीं
कि उस रात सुनी गयी चीखें
इंसानों की थी
या फिर काटे जा रहे थे सुअर !
सचमुच कितना घटिया है पाकिस्तान
और कितने गंदे है उसके कस्बे-शहर
ख़ून से तर-बतर
जैसे मेरठ !
जैसे मलियाना !
जैसे हाशिमपुरा !
जैसे शामली !
जैसे मुजफ्फरनगर !
जैसे अहमदाबाद !
पता नहीं,
पाकिस्तान में कैसे रहते होंगे इंसान
जहाँ हर दिशा में
राज करते हैं शैतान !!

(नकुल साहनी की फ़िल्म ‘मुज़फ्फ़रनगर बाकी है’ देखते हुये ।)