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भारत पर कई आक्रमण हुए ,ईतिहासिक तथ्यो के अनुसार सिकंदर को प्रथम विदेश आक्रमणकारी माना जाता है, मगर देखे तो आर्या ने सब से पहले भारत पे आक्रमण किया. भारत शुरु से ही विदेशी शासको के निशाने पे रहा , क्यो के यहा की अकूत धन संपत्ती सब के नजरो मे खटकती थी इस लिये विदेशी एक बार जरूर भारत पे आक्रमण करते थे और लुट कर चले जाते थे.समय-समय पर भारतीय प्रदेश के कुछ भाग अस्थायी तौर पर विजेताओं के उपनिवेशों में शामिल हो गये थे, पर ऐसे अवसर कम ही आये थे, और उनकी अवधि भी अत्यल्प ही रही थी।

भारत पे यूनान,ग्रीक, मुसलमान, अंग्रेज़, डच, उरोप,पुर्तग़ाल और भी कई विदेशी शक्तियो ने आक्रमण किया और लूटमार की. मगर भारत मे जब भी विदेशी आक्रमण की बात होती है तो सिर्फ मुस्लिम आक्रमण की बात की जाती है. इस मे कोई शक नही के भारत पे सब से जयदा मुस्लिम शासको ने ही हमला किया और लुट मार की . भारत पे सब से पहले मुस्लिम आक्रमण मोहम्‍मद बिन क़ासिम ने किया जिस ने राजा दाहिर को हराया. मगर हमे धयन रखना हो गा के मुस्लिम हमलावरो ने भारत पे लगभग 500 साल से अधिक हुकूमत की और भारत के विकास मे इन का योगदान भी रहा है.अब सवाल पैदा होता है के मुस्लिम आक्रमणकारी भारत मे क्यो सफल होते थे.उन के सफल होने के कुछ करण निम्नलिखित है.

  • उस समय भारत सैकडो राज्य मे विभाजित होता था और सब का अलग राजा होता था . उस समय राष्‍ट्रीयता की भावना नही थी लोग अपने अपने राज्य को बचने की फ़िक़्र होती थी, इस लिये जब विदेशी आक्रमण होता था तो कोई एक दूसरे को मदद नही करता था. जिस के कारण वी कामयाब होते थे.
  • भारत मे राजाओ की आपसी रंजिश, दुश्मनी, लालच , सीमा विस्तारके करण वी खुद विदेशी शासको को आक्रमण के लिये बुलाते थे और उन का सहयोग भी करते थे जैसे बाबर को इब्राहीम लोधी के विरुद्ध बुलाया गया. बाबर ने आक्रमण किया और इब्राहीम लोधी को हरा कर सत्ता की नीव डाली.
  • भारत के राजाओ को भीतरघात का सामना करना पड़ता था क्यो के छोटे-छोटे क़बीले और जन जाती वाले विदेशी आक्रमणकारियो से धन की ललच मे मिल कर उन को अंदर की पूरी खबरे, फ़ौज की कमजोरी, युद्ध की तैयारी, रास्ते आदि की पूरी खबरे देते थे , मतलब घर का भेदी लंका ढाने वेल काम करते थे.
  • भारतीय राजाओ के हार का एक और करण विलासितापूर्ण जिंदगी गुजरना भी था.
  • मुस्लिम राजाओ के भारत मे कामयाबी का मुख्य करण था जिहाद. असल मे जब भी मुस्लिम राजाओ ने भारत पे हमला किया तो वी अपने फ़ौज और जनता को ये बताते थे के भारत पे वे हमला इस्लाम को फैलाने के लिये कर रहे है इस लिये हमे जिहाद समझना हो गा ताके हम इस्लाम को बुलंद कर सके. आम जनता और फ़ौजी इसे धर्म-युद्ध समझ कर मेहनत से लडती थी, इसी लिये मुस्लिम राजाओ के 10-20 हज़ार की फ़ौज लाखो फ़ौज को आसनी से हरा देती थी. ये अलग बात है के अधिकतर मुस्लिम राजाओ ने जेहाद का गलत इस्तमाल किया बल्के हम कह सकते है के ये कही से भी जेहाद नही था बस बादशाहत की ललच थी.
  • मुस्लिम राजाओ की कुशल युद्ध रणनीति, आधुनिक युद्ध पद्धीति और कुशल नेतृत्व ने भी भारत मे क़ामयाब होने के कारणो मे एक है. 1526 मे बाबर ने जब इब्राहीम लोधी पे आक्रमण किया तो पहली बार भारत मे बारूद तोप का इस्तमाल किय.इस लिये बाबर की 10 हज़ार से भी कम फ़ौज ने इब्राहीम लोधी के 1 लाख से अधिक फ़ौज को आसनी से हरा दिया. तोप के गोले की आवाज़ सुन कर इब्राहीम लोधी के हाथी भडक गये और अपने ही फ़ौज का सत्यानाश कर दिया.
  • भारत के राजाओ के हार का जो सब से मुख्य करण था धार्मिक रीतिरिवाज़, अंधविश्वाश था क्यो के जब मोहम्मद बिन क़ासिम ने राजा दाहिर पे हमला किया तो पंडितो और जयोतिषो ने राजा दाहिर को बताया के आप 3 दिन बाद हमला करे क्यो के उस समय ग्रह और सितारो की स्थिति सही रहे गी, इस 3 दिन का लाभ क़ासिम ने उठाया. इसी तरह सोमनाथ हमले के समय भी ग्रह सही नही बतया गया और पण्डित एक कुंवारी लड़की की क़ुर्बानी भी देना चाहते थे जिस से राजा सही समय पर महमूद ग़ज़नी से नही भीड़ सका. और भी कई अंध विश्वास के करण राजाओ की हार हुई..
  • एक और करण मुस्लिम राजा युद्ध मे एक सिपाही की तरह लड़ते थे जब के हिन्दू राजा युद्ध मे भी शराब, दासी और पत्नी के साथ युद्ध मे आते थे और संचालन करते थे जिस के करण सिपाहियो के अंदर वो जज़्बा पैदा नही होता था.